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Bihar Panchayati Raj :बिहार में पंचायतों के लिए नई नियमावली, पटना जिला पंचायत राज कार्यालय की वित्तीय गड़बड़ियों का होगा विशेष ऑडिट, होगी कार्रवाई

Bihar Panchayati Raj : बिहार में पंचायती राज संस्थाओं को सशक्त बनाने, ग्रामीण विकास योजनाओं को गति देने और पंचायतों में वित्तीय पारदर्शिता सुनिश्चित करने को लेकर पंचायती राज विभाग ने अपनी कार्रवाई और योजनाओं की स्थिति स्पष्ट की है।...

Panchayats Audit Ordered
बिहार में पंचायतों के लिए नई नियमावली- फोटो : X

Bihar Panchayati Raj : बिहार में पंचायती राज संस्थाओं को सशक्त बनाने, ग्रामीण विकास योजनाओं को गति देने और पंचायतों में वित्तीय पारदर्शिता सुनिश्चित करने को लेकर पंचायती राज विभाग ने अपनी कार्रवाई और योजनाओं की स्थिति स्पष्ट की है। बिहार प्रदेश त्रिस्तरीय पंचायत एवं ग्राम कचहरी प्रतिनिधि महासंघ की ओर से उठाए गए विभिन्न मुद्दों पर विभाग ने विस्तृत जानकारी दी है। इसमें छठे राज्य वित्त आयोग के तहत 1,850 करोड़ रुपये की राशि जारी करने, पंचायत सरकार भवन और कन्या विवाह मंडप के निर्माण, ग्राम कचहरियों के सशक्तिकरण तथा पटना जिला पंचायत राज कार्यालय में वित्तीय अनियमितताओं की जांच जैसे अहम विषय शामिल हैं।

ग्राम सभा के अधिकार और नई कर नियमावली

16वें वित्त आयोग के तहत ग्रामीण स्थानीय निकायों के लिए 50 प्रतिशत अनटाइड अनुदान की अनुशंसा की गई है। इस राशि से संविधान की 11वीं अनुसूची में शामिल 29 विषयों के अंतर्गत संबंधित विभागों के परामर्श से योजनाएं संचालित की जानी हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि सूची संकेतात्मक है और सरकारी प्राथमिकताओं के अनुरूप योजनाओं को शामिल किया जा सकता है।दूसरी ओर, बिहार ग्राम पंचायत कर, दर एवं शुल्क नियमावली, 2026 को 15 जुलाई 2026 को हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में स्वीकृति मिली थी। इसकी अधिसूचना जारी करने के संबंध में उच्चस्तरीय निर्णय की प्रक्रिया अभी जारी है।

छठे राज्य वित्त आयोग से ₹1,850 करोड़ की राशि विमुक्त

वित्तीय वर्ष 2026-27 में छठे राज्य वित्त आयोग के तहत विभिन्न मदों में कुल 1,850 करोड़ रुपये की राशि विमुक्त की गई है। इस राशि से कार्यपालक सहायकों, डाटा एंट्री ऑपरेटरों, तकनीकी सहायकों और लेखापालों के मानदेय का भुगतान किया जाना है। इसके अलावा निर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों के मासिक भत्ते, मुख्यमंत्री ग्रामीण पेयजल निश्चय योजना के अनुरक्षण और पंचायत सरकार भवनों के निर्माण के लिए भी राशि शामिल है।

मोक्षधाम, श्मशान घाट, शवदाह गृह और मुक्तिधाम के निर्माण के लिए भी इस मद से धन उपलब्ध कराया गया है। विभाग के अनुसार, आयोग की अनुशंसा के अनुरूप शेष देय राशि जारी करने की प्रक्रिया चल रही है।

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पंचायतों के बैंक खातों और 16वें वित्त आयोग के अनुदान पर निर्देश

16वें वित्त आयोग के अनुदान के प्रबंधन को लेकर विभाग ने बताया कि वित्त मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुसार पंचायत निधि प्रबंधन के लिए भारतीय स्टेट बैंक का चयन निर्धारित प्रक्रिया के तहत किया गया है। वहीं, केंद्र सरकार के 31 अगस्त 2026 के पत्र में अनुदान के लिए सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली (PFMS) से जुड़े अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक में ब्याज अर्जित करने वाला खाता खोलने का निर्देश दिया गया है।

विभाग ने वित्तीय लेन-देन में पारदर्शिता और अनुशासन बनाए रखने के लिए बैंकिंग व्यवस्था को निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप संचालित करने की बात कही है।

पंचायत सरकार भवन और कन्या विवाह मंडप के लिए करोड़ों की मंजूरी

ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने के लिए पंचायत सरकार भवनों और कन्या विवाह मंडपों के निर्माण पर भी जोर दिया जा रहा है। विभाग के मुताबिक, वित्तीय वर्ष 2026-27 में निर्माणाधीन पंचायत सरकार भवनों के लिए कुल 217.50 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है।

वहीं, वित्तीय वर्ष 2025-26 और 2026-27 के दौरान कन्या विवाह मंडपों के निर्माण के लिए कुल 123.53 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। इसके अतिरिक्त 150 करोड़ रुपये का आवंटन विभागीय स्तर पर प्रक्रियाधीन है।

पटना जिला पंचायत राज कार्यालय की वित्तीय गड़बड़ियों पर विशेष ऑडिट

पटना जिला पंचायत राज कार्यालय में सामने आई वित्तीय अनियमितताओं की जांच के लिए विभाग ने पांच सदस्यीय जांच दल गठित किया था। जांच प्रतिवेदन की समीक्षा के बाद नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG), नई दिल्ली से वित्तीय वर्ष 2023-24 और 2024-25 के लिए विशेष अंकेक्षण कराने का अनुरोध किया गया है।इसके साथ ही पटना के जिला पदाधिकारी को संबंधित पदाधिकारियों और कर्मियों की जवाबदेही तय करने तथा दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है। विशेष ऑडिट की प्रक्रिया से वित्तीय लेन-देन और खर्च से जुड़े मामलों की विस्तृत जांच का रास्ता खुलेगा।

ग्राम कचहरियों को मजबूत करने के लिए भी पहल

ग्राम कचहरियों को प्रशासनिक खर्च के लिए प्रतिवर्ष 4,000 रुपये उपलब्ध कराए जाते हैं। विभाग के अनुसार, पंचायती राज संस्थाओं और ग्राम कचहरी के निर्वाचित प्रतिनिधियों के मासिक भत्ते के भुगतान के लिए सितंबर 2026 तक का आवंटन सभी जिलों को उपलब्ध करा दिया गया है। जिलों से मिली जानकारी के मुताबिक, जुलाई 2026 तक का भुगतान किया जा चुका है।ग्राम कचहरी के नोटिसों की तामील चौकीदारों के माध्यम से कराने के लिए मुख्य सचिव के स्तर से सभी जिलाधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं।

कायाकल्प अभियान में 28,573 योजनाएं अपलोड

सेवा संकल्प एवं कायाकल्प अभियान के तहत कायाकल्प पोर्टल पर नई आधारभूत संरचनाओं के निर्माण, मौजूदा परिसंपत्तियों के उन्नयन, सुदृढ़ीकरण और मरम्मत से संबंधित कुल 28,573 योजनाएं अपलोड की गई हैं। इनके क्रियान्वयन के लिए जिला पदाधिकारियों और जिला पंचायती राज पदाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं।विभाग ने योजनाओं के क्रियान्वयन में तकनीकी बाधाओं को दूर करने के उद्देश्य से संबंधित पोर्टल को 20 अक्टूबर तक खुला रखने की जानकारी दी है।कुल मिलाकर, पंचायती राज विभाग ने वित्तीय आवंटन, ग्रामीण आधारभूत संरचना, ग्राम कचहरी, पंचायतों की बैंकिंग व्यवस्था और वित्तीय जवाबदेही से जुड़े मुद्दों पर अपनी स्थिति स्पष्ट की है। अब इन घोषणाओं और स्वीकृत योजनाओं का वास्तविक लाभ पंचायतों तक पहुंचाने तथा जांच में सामने आने वाली अनियमितताओं पर कार्रवाई सुनिश्चित करने की चुनौती रहेगी।