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Bihar Flood: मुंगेर में गंगा का रौद्र रूप, 4 सेंटीमीटर घटा पानी, फिर भी खतरे के निशान से 75 सेमी ऊपर

Bihar Flood: मुंगेर में गंगा के रौद्र रूप के बीच थोड़ी राहत की खबर जरूर सामने आई है, लेकिन बाढ़ का संकट अभी टला नहीं है।

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मुंगेर में गंगा का रौद्र रूप- फोटो : reporter

Bihar Flood: मुंगेर में गंगा के रौद्र रूप के बीच थोड़ी राहत की खबर जरूर सामने आई है, लेकिन बाढ़ का संकट अभी टला नहीं है। बीती रात से गंगा के जलस्तर में करीब चार सेंटीमीटर की गिरावट दर्ज की गई है। फिलहाल नदी का जलस्तर 40.08 मीटर पर पहुंच गया है। हालांकि गंगा अब भी खतरे के निशान से करीब 75 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। यही वजह है कि मुंगेर में बाढ़ की स्थिति अब भी बेहद गंभीर बनी हुई है।

गंगा के जलस्तर में मामूली गिरावट से प्रशासन और प्रभावित लोगों ने राहत की सांस जरूर ली है, लेकिन गांव से लेकर शहर तक बाढ़ का पानी अपना कहर बरपा रहा है। करीब 40 हजार की आबादी बाढ़ की विभीषिका झेलने को मजबूर है। कई इलाकों में घर, सड़क और सार्वजनिक जगहें पानी से घिरी हुई हैं, जिससे आम जिंदगी पूरी तरह प्रभावित हो गई है।

मुंगेर सदर और जमालपुर प्रखंड की कई पंचायतें बाढ़ की चपेट में हैं। नगर निगम क्षेत्र में भी हालात चिंताजनक बने हुए हैं। जफरनगर, कुतलूपुर और झौआ बहियार जैसे इलाकों में पानी ने लोगों की जिंदगी की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है। कई परिवार सुरक्षित ठिकानों की ओर पलायन कर चुके हैं, जबकि कुछ लोग मजबूरी में घरों की छत पर रहने को विवश हैं।

बाढ़ ने लोगों के सामने सिर्फ आशियाने का संकट नहीं खड़ा किया है, बल्कि रोजी-रोजगार और जरूरी कामकाज भी प्रभावित हुए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि घरों में पानी घुसने के बाद वे अपने ही इलाके में जलकैदी बनकर रह गए हैं। रोजमर्रा की जरूरतों के लिए भी उन्हें पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है।

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बरियारपुर प्रखंड में भी हालात गंभीर बने हुए हैं। यहां बाढ़ का पानी घरों के साथ-साथ सड़कों और थाना परिसर तक पहुंच गया है। वहीं मुंगेर शहर के रिहायशी इलाके भी बाढ़ की चपेट में हैं। नगर निगम के वार्ड नंबर 40, 41, 42 और 43 के अलावा लाल दरवाजा और चंडिका स्थान इलाके में कई घर पानी से घिरे हुए हैं।

बाढ़ प्रभावित परिवारों के सामने भोजन, पीने का साफ पानी और सुरक्षित ठिकाने की सबसे बड़ी चुनौती है। हालांकि प्रशासन की ओर से राहत और बचाव अभियान लगातार चलाया जा रहा है। प्रभावित इलाकों में राहत सामग्री, सामुदायिक भोजन, मेडिकल कैंप, पेयजल, पॉलीथिन और पशु चारा पहुंचाया जा रहा है। प्रशासनिक और स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार प्रभावित इलाकों का जायजा ले रही हैं।

जिलाधिकारी निखिल धनराज ने कहा है कि बाढ़ की स्थिति गंभीर है, लेकिन प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। डीएम से लेकर अंचल स्तर के अधिकारी और कर्मचारी राहत कार्य में जुटे हैं। नावों के जरिए प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंच बनाई जा रही है और जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा रहा है।

फिलहाल गंगा के जलस्तर में चार सेंटीमीटर की गिरावट ने उम्मीद जरूर जगाई है, लेकिन खतरे के निशान से नदी के काफी ऊपर बहने के कारण मुंगेर पर बाढ़ का संकट बरकरार है। अब सबकी नजर गंगा के जलस्तर पर टिकी है। कुछ सेंटीमीटर की गिरावट जहां राहत दे रही है, वहीं हजारों लोग अब भी बाढ़ के पानी के बीच जिंदगी बचाने की जद्दोजहद कर रहे हैं।

रिपोर्ट- मो, इम्तियाज खान