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Bihar Aviation News:रक्सौल में बनेगा बिहार का सबसे हाईटेक एयरपोर्ट, नदी के ऊपर होगा रनवे,बोइंग विमान भी भरेंगे उड़ान

Bihar Aviation News: बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में भारत-नेपाल सीमा पर स्थित रक्सौल हवाई अड्डा अब एक बड़े बदलाव की ओर बढ़ रहा है। वर्षों से अधर में लटकी एयरपोर्ट परियोजना अब जमीन पर उतरती दिखाई दे रही है।

Raxaul to Get Bihar Most High Tech Airport with River Runway
रक्सौल में बनेगा बिहार का सबसे हाईटेक एयरपोर्ट- फोटो : X

Bihar Aviation News: बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में भारत-नेपाल सीमा पर स्थित रक्सौल हवाई अड्डा अब एक बड़े बदलाव की ओर बढ़ रहा है। वर्षों से अधर में लटकी एयरपोर्ट परियोजना अब जमीन पर उतरती दिखाई दे रही है। रक्सौल में बनने वाला यह नया एयरपोर्ट सिर्फ उत्तर बिहार के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे पूर्वी भारत और नेपाल बॉर्डर क्षेत्र के लिए गेमचेंजर साबित हो सकता है। सबसे खास बात यह है कि इस एयरपोर्ट का रनवे नदी के ऊपर से गुजरेगा, जो इसे देश के सबसे अनोखे एयरपोर्ट्स में शामिल करेगा।

मिली जानकारी के मुताबिक एयरपोर्ट निर्माण के लिए टेंडर जारी कर दिया गया है। बिहार सरकार और Airports Authority of India यानी AAI ने रनवे, टैक्सीवे, एप्रन और एयरसाइड इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए इंजीनियरिंग कंसल्टेंसी सेवाओं की प्रक्रिया शुरू कर दी है। योजना के अनुसार अगले तीन महीनों में तकनीकी नक्शा तैयार कर लिया जाएगा, जबकि निर्माण एजेंसी को काम पूरा करने के लिए 18 महीने का समय दिया जाएगा। उम्मीद जताई जा रही है कि जून 2028 तक यहां से विमान सेवाएं शुरू हो सकती हैं।

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रक्सौल एयरपोर्ट की सबसे बड़ी और रोमांचक खासियत इसका हाईटेक रनवे होगा। प्रस्तावित डिजाइन के मुताबिक रनवे का एक हिस्सा तिलावे नदी के ऊपर बनाया जाएगा। इसके लिए नदी पर एक विशेष ब्रिज तैयार होगा, जिसके ऊपर रनवे का विस्तार किया जाएगा। देश में ऐसे एयरपोर्ट बेहद कम हैं जहां रनवे पानी या नदी के ऊपर से गुजरता हो। यही वजह है कि यह परियोजना इंजीनियरिंग के लिहाज से बेहद खास मानी जा रही है।

बताया जा रहा है कि रक्सौल एयरपोर्ट का रनवे राजधानी पटना स्थित जयप्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा से भी बड़ा होगा। जहां पटना एयरपोर्ट का रनवे करीब 2,072 मीटर लंबा है, वहीं रक्सौल में इसे 2,360 मीटर तक विकसित करने की योजना है। इस बड़े रनवे की वजह से यहां बोइंग 737 और एयरबस A320 जैसे बड़े विमान भी आसानी से लैंड और टेकऑफ कर सकेंगे।

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सामरिक दृष्टिकोण से भी यह एयरपोर्ट बेहद अहम माना जा रहा है। नेपाल सीमा से सटे होने के कारण यह एयरपोर्ट व्यापार, पर्यटन और सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उत्तर बिहार और सीमावर्ती इलाकों के लोगों को अब पटना या दूसरे शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। इससे कारोबार, मेडिकल इमरजेंसी और पर्यटन को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है।

एयरपोर्ट निर्माण के लिए कुल 139 एकड़ जमीन की जरूरत है, जिसमें से लगभग 70 प्रतिशत भूमि अधिग्रहण का काम पूरा हो चुका है। बाकी जमीन के अधिग्रहण की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। बताया जा रहा है कि इस परियोजना के लिए वर्ष 2016 में प्रधानमंत्री पैकेज के तहत 250 करोड़ रुपए मंजूर किए गए थे, लेकिन नीतिगत अड़चनों के कारण काम आगे नहीं बढ़ पाया था। अब सरकार ने इस ड्रीम प्रोजेक्ट को युद्धस्तर पर आगे बढ़ाना शुरू कर दिया है।

रक्सौल एयरपोर्ट को उत्तर बिहार की नई उड़ान और विकास का नया दरवाजा माना जा रहा है। आने वाले वर्षों में यह एयरपोर्ट न सिर्फ बिहार की हवाई कनेक्टिविटी बदल देगा, बल्कि पूरे सीमांचल और नेपाल बॉर्डर इलाके की आर्थिक तस्वीर भी बदल सकता है।