LATEST NEWS

  • औरंगाबाद दौरे पर पहुंचे पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश: देव सूर्य मंदिर में की पूजा-अर्चना, पंचायत चुनाव को लेकर दिया बड़ा बयान
  • औरंगाबाद दौरे पर पहुंचे पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश: देव सूर्य मंदिर में की पूजा-अर्चना, पंचायत चुनाव को

  • हथियार के साथ बड़ी वारदात को अंजाम देने पहुंचा था अपराधी : पुलिस ने किया गिरफ्तार, पिस्टल और कारतूस बरामद
  • हथियार के साथ बड़ी वारदात को अंजाम देने पहुंचा था अपराधी : पुलिस ने किया गिरफ्तार, पिस्टल और

  • Muzaffarpur police arrest criminal pistol
  • Muzaffarpur News: दुर्गा पूजा मेले में बड़ी वारदात की फिराक में था अपराधी, पिस्टल और कारतूस के साथ

  • Saran Ramraj Chowk 1942 tradition
  • Chapra Ram Darbar 1942 Tradition: सारण में 84 साल से चली आ रही अनूठी परंपरा, एक ही परिवार

  • छपरा के रामराज चौक का 84 साल पुराना राम दरबार: 1942 से चली आ रही अनूठी परंपरा, नागर शैली में एक ही परिवार की पीढ़ियां संवार रही हैं मूर्तियां
  • छपरा के रामराज चौक का 84 साल पुराना राम दरबार: 1942 से चली आ रही अनूठी परंपरा, नागर

मोतिहारी जेल अधीक्षक से रंगदारी: वीडियो वायरल करने की धमकी और FIR

मोतिहारी सेंट्रल जेल के अधीक्षक को नेपाल के नंबर से व्हाट्सएप कॉल कर लाखों की रंगदारी मांगी गई है। अपराधी ने जेल के अंदर के 'काली करतूतों' वाले 7 वीडियो वायरल करने की धमकी दी है। पुलिस और साइबर सेल मामले की जांच में जुटे हैं।

Central Jail Motihari
मोतिहारी जेल अधीक्षक से रंगदारी- फोटो : Reporter

बिहार के मोतिहारी के केंद्रीय कारागार (सेंट्रल जेल) से जुड़ा एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां जेल अधीक्षक को व्हाट्सएप के जरिए ब्लैकमेल कर लाखों रुपये की रंगदारी मांगी गई है। इस घटना के बाद जेल प्रशासन और स्थानीय पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। अपराधी ने दावा किया है कि उसके पास जेल के अंदर की कई ऐसी गोपनीय गतिविधियों के वीडियो हैं, जो जेल की व्यवस्थाओं की पोल खोल सकते हैं। इस धमकी के बाद सुरक्षा एजेंसियों की सक्रियता बढ़ गई है और मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

नेपाल के नंबर से आया कॉल: सात वीडियो सार्वजनिक करने की दी चेतावनी

मिली जानकारी के अनुसार, जेल अधीक्षक के निजी मोबाइल नंबर पर नेपाल के एक नंबर से व्हाट्सएप कॉल और मैसेज आए। कॉल करने वाले ने सबूत के तौर पर कुछ वीडियो भी भेजे और दावा किया कि उसके पास कुल सात ऐसे वीडियो हैं जिनमें जेल के भीतर की "काली करतूतें" रिकॉर्ड हैं। अपराधी ने धमकी दी है कि यदि उसे मांगी गई मोटी रकम नहीं दी गई, तो वह इन वीडियो को सोशल मीडिया, प्रेस और विपक्षी नेताओं तक पहुंचा देगा। इस ब्लैकमेलिंग ने जेल के भीतर चल रही गतिविधियों पर संदेह का गहरा साया डाल दिया है।

नगर थाना में प्राथमिकी दर्ज: पुलिस और टेक्निकल सेल की संयुक्त जांच शुरू

NSIT
Nsmch

मामले को अत्यंत गंभीर मानते हुए जेल उपाधीक्षक संजय कुमार ने नगर थाना में अज्ञात अपराधियों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई है। आवेदन में यह आशंका जताई गई है कि जेल से रिहा हुए कुछ पूर्व कैदियों ने ही जेल के अंदर गुप्त रूप से वीडियो बनाए होंगे और अब वे इसका उपयोग अवैध वसूली के लिए कर रहे हैं। वर्तमान में नगर थाना पुलिस और टेक्निकल सेल की संयुक्त टीम नेपाल के उस संदिग्ध नंबर और कॉल डिटेल्स को खंगालने में जुटी है, ताकि अपराधी के ठिकाने का पता लगाया जा सके।

जेल की सुरक्षा पर खड़े हुए गंभीर सवाल: प्रशासन की भूमिका पर भी चर्चा

इस पूरी घटना ने जेल की सुरक्षा व्यवस्था और अनुशासन पर बड़े सवालिया निशान लगा दिए हैं। चर्चा का विषय यह है कि आखिर कड़ी सुरक्षा के बावजूद जेल के अंदर मोबाइल कैसे पहुंचा और वीडियो कैसे रिकॉर्ड किए गए? कुछ लोग यह भी कयास लगा रहे हैं कि कहीं वीडियो में मौजूद सच्चाई सामने आने के डर से तो आनन-फानन में प्राथमिकी दर्ज नहीं कराई गई है। अब पुलिस और साइबर टीम की जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि वीडियो में कौन सी "करतूत" कैद है और इसके पीछे मुख्य साजिशकर्ता कौन है।

रिपोर्ट - हिमांशु कुमार