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मोतीहारी एसपी का बड़ा फैसला: जिला के सभी थानों में मेस चलाना हुआ अनिवार्य, पुलिसकर्मियों को मिलेगा पौष्टिक भोजन

मोतीहारी एसपी का बड़ा फैसला: जिला के सभी थानों में मेस चलाना
मोतीहारी एसपी का बड़ा फैसला- फोटो : हिमांशु

Motihari : पूर्वी चंपारण के पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने जिले की कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने तथा पुलिस बल को मानसिक व शारीरिक रूप से चुस्त-दुरुस्त रखने के लिए एक सराहनीय और ऐतिहासिक पहल की है। एसपी ने जिले के सभी थानों और आउटपोस्ट के प्रभारियों को अपने-अपने परिसरों में अनिवार्य रूप से 'मेस' (भोजनालय) संचालित करने का सख्त निर्देश दिया है। कप्तान के इस आदेश का असर धरातल पर तुरंत देखने को मिला है और आदेश जारी होने के पहले ही दिन जिले के कई थानों में मेस का विधिवत संचालन शुरू कर दिया गया है।


होटल-होटल भटकने और खुद खाना बनाने की मजबूरी से पुलिसकर्मियों को मिली राहत

एसपी के इस नए नियम के तहत अब थानों में तैनात सभी पुलिसकर्मियों के लिए मेस में ही भोजन करना अनिवार्य कर दिया गया है। हालांकि, जो पुलिसकर्मी अपने परिवार के साथ थाना क्षेत्र में क्वार्टर या किराए के मकान में रह रहे हैं, उन्हें इस अनिवार्यता से विशेष छूट दी गई है। इस व्यवस्था से बैरकों में रहने वाले उन जवानों को सबसे बड़ी राहत मिली है, जिन्हें ड्यूटी की व्यस्तता के कारण भोजन के लिए शहर के अलग-अलग होटलों व ढाबों के चक्कर काटने पड़ते थे या फिर खुद थक-हारकर खाना बनाने के लिए मजबूर होना पड़ता था।


समय की बचत से अपराध नियंत्रण पर फोकस करेगी पुलिस, बीमारी से भी मिलेगा छुटकारा

पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने इस कल्याणकारी निर्णय के मुख्य उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि थानों में मेस चलने से जवानों को समय पर शुद्ध, गुणवत्तापूर्ण और पौष्टिक भोजन मिल सकेगा। अक्सर देखा जाता था कि ड्यूटी के दौरान खाना बनाने या बाहर खाने के चक्कर में जवानों को भोजन करने में काफी देरी हो जाती थी, जिससे उनका स्वास्थ्य प्रभावित होता था। अधिकांश पुलिसकर्मी लगातार होटल का दूषित और तैलीय खाना खाने के कारण बीमार रहने की शिकायत करते थे। अब समय की बचत होने से पुलिसकर्मी अपने स्वास्थ्य पर ध्यान दे सकेंगे और बचे हुए समय का उपयोग पूरी मुस्तैदी से अपराध नियंत्रण और गश्त में कर पाएंगे।


बैरकों में हीटर और सिलेंडर से होने वाले हादसों पर लगेगा अंकुश, बढ़ेगी सुरक्षा

इस कड़े और सुधारात्मक निर्देश के पीछे पुलिसकर्मियों की सुरक्षा से जुड़ा एक बेहद महत्वपूर्ण तकनीकी कारण भी है। अक्सर पुलिस बैरकों या थानों के कमरों में जवानों द्वारा व्यक्तिगत रूप से खाना बनाने के लिए उपयोग किए जाने वाले घरेलू गैस सिलिंडर, इंडक्शन या बिजली के हीटरों से शॉर्ट सर्किट होने और आग लगने की अप्रिय घटनाएं व हादसे सामने आते रहते थे। थानों में एक सामूहिक मेस संचालित हो जाने से बैरकों के अंदर व्यक्तिगत रूप से खाना बनाने की जरूरत नहीं होगी, जिससे ऐसी गंभीर दुर्घटनाओं पर पूरी तरह अंकुश लगेगा और पुलिस परिसरों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी।


पुलिस महकमे में दौड़ी खुशी की लहर, कार्यप्रणाली में आएगा अनुशासन और तत्परता

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समय पर सुपाच्य और पौष्टिक भोजन उपलब्ध होने से ऑन-ड्यूटी जवानों के विलंब होने या सुस्ती बरतने की शिकायतों में भी भारी कमी आएगी, जिससे बिहार पुलिस की कार्यप्रणाली में और अधिक व्यावसायिक अनुशासन, तत्परता और निखार देखने को मिलेगा। एसपी स्वर्ण प्रभात के इस अभूतपूर्व और संवेदनशील कदम से जिले के तमाम छोटे-बड़े पुलिसकर्मियों और गृह रक्षकों (होमगार्ड) में खुशी की लहर दौड़ गई है। पुलिस एसोसिएशन और आम जवानों ने इसे पुलिस वेलफेयर (कर्मियों के कल्याण) की दिशा में जिला प्रशासन की एक बेहद सराहनीय और संवेदनशील पहल माना है।

हिमांशु की रिपोर्ट