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Bihar News : मोतिहारी में बेंच-डेस्क के बाद अब 'खेल सामग्री' में बड़ा खेल, बच्चों के शारीरिक विकास की राशि का हो रहा बंदरबांट

Bihar News : पिछले वर्ष बेंच-डेस्क, स्कूल मरम्मत और समरसेबल बोरिंग घोटाले की जांच अभी पूरी भी नहीं हुई थी कि अब खेल सामग्री की खरीद में करोड़ों के गबन का नया मामला सामने आया है.....पढ़िए आगे

Bihar News : मोतिहारी में बेंच-डेस्क के बाद अब 'खेल सामग्री'
खेल सामग्री में गबन - फोटो : SOCIAL MEDIA

MOTIHARI : पूर्वी चंपारण जिले के शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। पिछले वर्ष बेंच-डेस्क, स्कूल मरम्मत और समरसेबल बोरिंग घोटाले की जांच अभी पूरी भी नहीं हुई थी कि अब खेल सामग्री की खरीद में करोड़ों के गबन का नया मामला सामने आया है। सरकार द्वारा बच्चों के शारीरिक विकास के लिए आवंटित राशि को वेंडरों, प्रधानाध्यापकों और अधिकारियों की मिलीभगत से ठिकाने लगाने का आरोप लगा है, जिससे विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।

जानकारी के अनुसार, फरवरी माह में सरकार ने प्राथमिक, मध्य और उच्च विद्यालयों के लिए 5 हजार, 10 हजार और 25 हजार रुपये की राशि खेल सामग्री हेतु जारी की थी। चौंकाने वाली बात यह है कि मार्च महीने में ही पीपीए (PPA) के माध्यम से राशि की निकासी कर ली गई, लेकिन जिले के दर्जनों स्कूलों में आज तक खेल सामग्री नहीं पहुंची है। जिन स्कूलों में सामान की आपूर्ति की गई है, वहां वेंडरों ने अत्यंत घटिया किस्म की सामग्री दी है, जिसकी वास्तविक कीमत आवंटित बजट से आधी भी नहीं है।

डीपीओ नित्यम कुमार गौरव द्वारा हरसिद्धि, तुरकौलिया, रामगढ़वा और चिरैया प्रखंडों के लगभग तीन दर्जन स्कूलों की जांच में इस बड़े घोटाले का खुलासा हुआ है। जांच में पाया गया कि कई स्कूलों में राशि निकासी के बावजूद खेल का एक भी सामान मौजूद नहीं है। पूछताछ में प्रधानाध्यापकों ने कुबूल किया कि बीआरसी (BRC) के दबाव में आकर उन्होंने वेंडरों को राशि का भुगतान कर दिया था, लेकिन वेंडरों ने अभी तक सामान की डिलीवरी नहीं की है।

भ्रष्टाचार का आलम यह है कि 25 हजार रुपये के बदले स्कूलों में जो सामान उपलब्ध कराया गया है, उसकी बाजार कीमत 10 हजार रुपये भी नहीं आंकी जा रही है। सूत्रों की मानें तो यह एक संगठित सिंडिकेट के जरिए किया गया घोटाला है। रोचक बात यह है कि जिले में पहले भी दो जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) पर बड़े घोटालों को लेकर कार्रवाई हो चुकी है, इसके बावजूद अधिकारियों और बिचौलियों के बीच कार्रवाई का कोई भय नजर नहीं आ रहा है।

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मामले की गंभीरता को देखते हुए डीपीओ नित्यम कुमार गौरव ने बताया कि जांच में पाई गई अनियमितताओं के आधार पर संबंधित प्रधानाध्यापकों को गुणवत्तापूर्ण सामग्री सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि बच्चों के भविष्य और खेल सामग्री की गुणवत्ता के साथ खिलवाड़ करने वाले दोषियों के विरुद्ध कठोर विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल इस खुलासे के बाद जिले के शिक्षा गलियारों में हड़कंप व्याप्त है। 

हिमांशु की रिपोर्ट