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Bihar Film City: बिहार को लगे विकास के पंख! कभी इस जिले में नक्सलियों और गोलियों की रहती थी दहशत, अब लाइट की धमक, कैमरे के शटर की आवज से गूंजेगा शहर

बिहार की पहली फिल्म सिटी जहानाबाद में बनकर तैयार हो चुकी है। राज्य सरकार द्वारा फिल्म निर्माण को बढ़ावा देने के लिए करोड़ों की अनुदान नीति भी लागू की गई है।

Bihar Film City: बिहार को लगे विकास के पंख! कभी इस जिले में
Bihar first film- फोटो : social media

Bihar first film city: जहां कभी नक्सलवाद की आहट और गोलियों की गूंज सुनी जाती थी, आज वहां कैमरे के फ्लैश और एक्शन की गूंज है। बिहार का जहानाबाद जिला, जो कभी हिंसा के लिए पहचाना जाता था, अब फिल्म कलाकारों के स्वागत में पूरी तरह तैयार है।

यहां स्थापित की गई है हैदर काज़मी फिल्म सिटी, जो अब तक छह से अधिक हिंदी और भोजपुरी फिल्मों की शूटिंग का गवाह बन चुकी है। यह परिवर्तन केवल एक भौगोलिक बदलाव नहीं, बल्कि बिहार की सामाजिक और सांस्कृतिक पहचान में बदलाव का प्रतीक है।

मुंबई के कलाकारों का नया डेस्टिनेशन

राज्य की राजधानी पटना से मात्र 50 किलोमीटर की दूरी पर स्थित यह फिल्म सिटी उन निर्देशकों और निर्माताओं के लिए बेहद आकर्षक बन चुकी है जो गांव, समाज और भारतीय मूल्यों पर आधारित कहानियों को परदे पर लाना चाहते हैं।इन दिनों इस फिल्म सिटी में “प्रोडक्शन नंबर 01” नामक एक फिल्म की शूटिंग हो रही है। बॉलीवुड के प्रसिद्ध अभिनेता अखिलेंद्र मिश्रा, जो इस फिल्म का हिस्सा हैं, ने कहा किबिहार की बदली हुई फिजा अब मुंबई के कलाकारों को खींच रही है। यहां के माहौल में अब डर नहीं, सृजनात्मकता है।”

बिहार सरकार की अनुदान नीति

बिहार सरकार ने फिल्म निर्माण को प्रोत्साहित करने के लिए भारत में सबसे बड़ी फिल्म अनुदान योजना शुरू की है। योजना की प्रमुख बातें:यदि कोई फिल्म 75% से अधिक बिहार में शूट होती है, तो उसे 2 से 4 करोड़ रुपये तक का अनुदान मिलेगा।टीवी धारावाहिकों को 1 करोड़ रुपये तक की सहायता दी जाएगी।स्थानीय कलाकारों, तकनीशियनों और लेखकों को भी प्रोत्साहन मिलेगा।

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बिहार के युवाओं को फायदा

सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि यह नीति केवल फिल्मों को आकर्षित करने के लिए नहीं, बल्कि बिहार के युवाओं को फिल्म उद्योग से जोड़ने के लिए बनाई गई है।”इस नीति से ना केवल रोजगार सृजन होगा, बल्कि राज्य की सांस्कृतिक विरासत भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहुंचेगी।

राजगीर में नई फिल्म सिटी

जहानाबाद के बाद अगला बड़ा कदम है राजगीर में 200 एकड़ जमीन पर प्रस्तावित अत्याधुनिक फिल्म सिटी का निर्माण। इस परियोजना पर लगभग 200 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा।

इस फिल्म सिटी में निम्नलिखित सुविधाएं उपलब्ध होंगी:

हाई-टेक स्टूडियो और शूटिंग सेट्स

पोस्ट-प्रोडक्शन लैब्स

एडिटिंग और ग्राफिक्स सेंटर

प्रशिक्षण केंद्र (Training Institutes)

डिजिटल साउंड रिकॉर्डिंग और मिक्सिंग हब

यह फिल्म सिटी केवल बॉलीवुड तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि भोजपुरी, मैथिली, मगही जैसी क्षेत्रीय भाषाओं की फिल्में और यहां तक कि अंतरराष्ट्रीय फिल्म निर्माण को भी प्रोत्साहित करेगी।

सिनेमा से बदलता बिहार का चेहरा

जहानाबाद की फिल्म सिटी हो या राजगीर का आने वाला मेगा प्रोजेक्ट, बिहार आज सिनेमा के नए नक्शे पर चमक रहा है। यह विकास केवल आर्थिक नहीं, बल्कि संस्कृति, पहचान और सामाजिक बदलाव का प्रतीक है।बिहार का यह प्रयास न केवल उसे सांस्कृतिक समृद्धि की ओर ले जाएगा, बल्कि आने वाले वर्षों में यह राज्य भारत के फिल्म हब्स में एक महत्वपूर्ण नाम होगा।