Success Story:साधारण परिवार के बेटे ने किया कमाल, रेलवे के लोको पायलट से असिस्टेंट कमिश्नर तक का सफर, BPSC में सुभाष कुमार ने रचा इतिहास

Success Story:साधारण परिवार के बेटे ने किया कमाल, रेलवे के लोको पायलट से असिस्टेंट कमिश्नर तक का सफर, BPSC में सुभाष कुमार ने रचा इतिहास

Son of an ordinary family achieves a remarkable feat Subhash
साधारण परिवार के बेटे ने किया कमाल- फोटो : reporter

Success Story: 70वीं बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) परीक्षा के परिणाम ने इस बार जमुई जिले को खास पहचान दिलाई है। जिले के युवाओं ने अपनी मेहनत, लगन और जज्बे के दम पर सफलता का ऐसा परचम लहराया है, जिसकी चर्चा हर तरफ हो रही है। खासकर खैरा प्रखंड के गोपालपुर गांव निवासी सुभाष कुमार की कामयाबी ने पूरे इलाके को गौरवान्वित कर दिया है। उनकी सफलता से गांव ही नहीं, बल्कि पूरे जमुई जिले में खुशी और उत्साह का माहौल है।

साधारण परिवार से आने वाले सुभाष कुमार ने यह साबित कर दिया कि मजबूत इरादों और निरंतर मेहनत के सामने कोई भी मंजिल दूर नहीं होती। रेलवे में लोको पायलट की नौकरी करते हुए उन्होंने BPSC जैसी कठिन और प्रतिष्ठित परीक्षा की तैयारी जारी रखी। नौकरी की जिम्मेदारियों के साथ पढ़ाई का संतुलन बनाना आसान नहीं था, लेकिन सुभाष ने अपने हौसले को कभी कमजोर नहीं पड़ने दिया।

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70वीं BPSC परीक्षा में सुभाष कुमार ने 158वीं रैंक हासिल कर बड़ी उपलब्धि अपने नाम की है। इस शानदार प्रदर्शन के आधार पर उन्हें राज्य कर विभाग (स्टेट टैक्स डिपार्टमेंट) में असिस्टेंट कमिश्नर का पद मिला है। उनकी इस सफलता को सामाजिक बदलाव और शिक्षा की ताकत का प्रतीक माना जा रहा है।

सुभाष कुमार स्वर्गीय उचित रविदास के पुत्र हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने संघर्ष की राह चुनी और अपने सपनों को साकार किया। उनकी उपलब्धि आज हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है, जो कठिन परिस्थितियों में भी बड़े लक्ष्य हासिल करने का सपना देखते हैं।

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गोपालपुर गांव में परिणाम आने के बाद से ही जश्न का माहौल है। ग्रामीण, रिश्तेदार और शुभचिंतक लगातार उनके घर पहुंचकर बधाई दे रहे हैं। गांव के लोगों का कहना है कि सुभाष की सफलता ने पूरे क्षेत्र का मान बढ़ाया है और अब यहां के युवाओं में भी प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर नया उत्साह पैदा हुआ है।

जमुई जिले के लिए इस बार का BPSC परिणाम कई मायनों में खास रहा है। एक ही प्रखंड के कई युवाओं ने सफलता हासिल कर यह संदेश दिया है कि प्रतिभा किसी बड़े शहर की मोहताज नहीं होती। सुभाष कुमार की यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे जमुई के लिए गर्व का विषय बन गई है। उनकी सफलता आने वाली पीढ़ियों को यह भरोसा देती है कि मेहनत और समर्पण से किसी भी मुकाम तक पहुंचा जा सकता है।

जमुई से सुमित सिंह की रिपोर्ट