Bihar News:बरनार जलाशय योजना का शिलान्यास,चकाई-जमुई में विकास का नया सवेरा

पाँच दशकों से लंबित बरनार जलाशय योजना का वर्चुअल माध्यम से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कर-कमलों द्वारा शिलान्यास हुआ।

Bihar News:बरनार जलाशय योजना का शिलान्यास,चकाई-जमुई में विका
बरनार जलाशय योजना का शिलान्यास- फोटो : reporter

Bihar News: आज का दिन जमुई और चकाई विधानसभा क्षेत्र के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज हो गया। पाँच दशकों से लंबित बरनार जलाशय योजना का वर्चुअल माध्यम से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कर-कमलों द्वारा शिलान्यास हुआ।

₹2,579 करोड़ की लागत से बनने वाली यह बहुप्रतीक्षित परियोजना अब क्षेत्र के विकास की नई इबारत लिखेगी।

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बरनार जलाशय योजना से न केवल चकाई, बल्कि जमुई जिले के बड़े हिस्से की सिंचाई व्यवस्था सुदृढ़ होगी। यह बिहार का पहला कंक्रीट डैम होगा जिसकी ऊँचाई 74 मीटर और लंबाई 285 मीटर होगी। अत्याधुनिक तकनीक से निर्मित यह परियोजना 22,000 हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई की सुविधा देगी, जिससे किसानों की दशा और दिशा दोनों बदलने की उम्मीद है।

शिलान्यास अवसर पर बिहार सरकार के मंत्री एवं चकाई विधायक सुमित कुमार सिंह ने भावुक होते हुए कहा कि यह योजना मेरे दादाजी का ड्रीम प्रोजेक्ट थी। उन्होंने 50 वर्ष पूर्व इसकी नींव रखी थी, परंतु बाद की सरकारों की उदासीनता से यह अधर में लटक गई। आज मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी के आशीर्वाद से इसका शुभारंभ हुआ —यह मेरे परिवार और पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का क्षण है। अब हमारा संकल्प है कि इसे पूर्णता तक पहुंचाकर अपने क्षेत्र के हर किसान के खेत तक पानी पहुंचाएं।”

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मंत्री ने कहा कि यह योजना केवल एक जल परियोजना नहीं, बल्कि चकाई और आसपास के इलाकों में हरित क्रांति, पर्यटन विकास और रोजगार सृजन का आधार बनेगी। उन्होंने इसे “चकाई के विकास का नया अध्याय” बताया और कहा कि यह परियोजना आने वाले वर्षों में क्षेत्र की आर्थिक, कृषि और पर्यावरणीय संरचना को पूरी तरह बदल देगी।

बरनार जलाशय के निर्माण से न केवल सिंचाई सुविधा बढ़ेगी, बल्कि पर्यटन को भी नया आयाम मिलेगा। डैम के आसपास का इलाका प्राकृतिक सौंदर्य और विकास के नए केंद्र के रूप में उभरेगा, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।

अंत में मंत्री सुमित सिंह ने कहा कि यह केवल एक योजना नहीं, बल्कि पाँच दशकों के संघर्ष और जनता के विश्वास का परिणाम है। आज चकाई के लोग उस स्वप्न को साकार होते देख रहे हैं, जो पीढ़ियों ने देखा था।

सुमित सिंह की रिपोर्ट