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स्वाद के चक्कर में पहुंचा तो नहीं रहे सेहत को नुकसान? रेडी-टू-ईट स्नैक्स को छोड़ने से होगा फायदा

रेडी-टू-ईट स्नैक्स की बढ़ती लोकप्रियता के बीच नई स्टडी ने इनके स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव को उजागर किया है। जानें कैसे ये स्नैक्स आपके शरीर को नुकसान पहुंचा सकते हैं और इन्हें खरीदते वक्त क्या सावधानियां बरतनी चाहिए।

रेडी-टू-ईट स्नैक्स

आज की व्यस्त जीवनशैली में रेडी-टू-ईट स्नैक्स लोगों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। यह खाद्य पदार्थ कुछ ही मिनटों में खाने के लिए तैयार हो जाते हैं और समय बचाने के लिहाज से सुविधाजनक लगते हैं। लेकिन हाल ही में हुई एक स्टडी ने इनके स्वास्थ्य पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभाव को उजागर किया है। आइए जानें, क्यों रेडी-टू-ईट स्नैक्स आपके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकते हैं।

रेडी-टू-ईट स्नैक्स का पोषण मूल्य:

मद्रास डायबिटीज रिसर्च फाउंडेशन द्वारा किए गए अध्ययन के अनुसार, रेडी-टू-ईट स्नैक्स में 70% से अधिक कैलोरी कार्बोहाइड्रेट से आती हैं। इनमें प्रोटीन और फाइबर की मात्रा अपेक्षाकृत कम होती है। उदाहरण के लिए, हेल्थ बेवरेज मिक्स में प्रति 100 ग्राम में औसतन 15.8 ग्राम प्रोटीन पाया गया, जबकि सूप और दलिया मिक्स में फाइबर की मात्रा काफी कम थी।

स्टडी के प्रमुख निष्कर्ष:

अधिक वसा और कार्बोहाइड्रेट:

रेडी-टू-ईट एक्सट्रूडेड स्नैक्स जैसे कॉर्न, आलू, और सोया उत्पादों में प्रति 100 ग्राम 28 ग्राम वसा पाई गई। यह अधिक वजन और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकती है।

भ्रामक पैकेजिंग:

कई उत्पादों में पोषण संबंधी दावे जैसे "साबुत अनाज" या "प्रोटीन युक्त" दिए जाते हैं, लेकिन सामग्री सूची उन्हें सही साबित नहीं करती।

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Nsmch

भारतीय मानकों का पालन नहीं:

वैज्ञानिकों का मानना है कि कई उत्पाद भारतीय खाद्य सुरक्षा मानक प्राधिकरण (FSSAI) द्वारा निर्धारित मानकों का पालन नहीं करते हैं।

बाजार की स्थिति:

रेडी-टू-ईट स्नैक्स की मांग पिछले कुछ वर्षों में तेजी से बढ़ी है। 2021 में खाद्य उद्योग का राजस्व $58 बिलियन था और 2027 तक इसके 9.5% की वार्षिक वृद्धि दर से बढ़ने का अनुमान है। एक्सट्रूडेड स्नैक्स का बाजार अकेले 2023 में $570 मिलियन का था, जो 2032 तक $1 बिलियन तक पहुंच सकता है।

सेहतमंद विकल्पों की जरूरत:

मद्रास डायबिटीज रिसर्च फाउंडेशन की पोषण वैज्ञानिक शोभना शनमुगम के अनुसार, हमें खाद्य मैट्रिक्स को फिर से डिजाइन करने की जरूरत है। इसमें निम्नलिखित सुधार शामिल हो सकते हैं, जैसे- कम वसा और सोडियम वाले उत्पाद। फाइबर और प्रोटीन की मात्रा में वृद्धि। प्राकृतिक सामग्री का उपयोग। हालांकि, यह सुधार उत्पादों की लागत बढ़ा सकता है, लेकिन यह उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होगा।

उपभोक्ताओं के लिए सलाह:

सावधानी से चुनें:

रेडी-टू-ईट स्नैक्स खरीदते समय सामग्री और पोषण जानकारी को ध्यान से पढ़ें।

घर के बने विकल्प:

रेडी-टू-ईट स्नैक्स की जगह घर के बने हेल्दी स्नैक्स को प्राथमिकता दें।

संतुलित डाइट अपनाएं:

अपनी डाइट में फलों, सब्जियों और साबुत अनाज को शामिल करें।

निष्कर्ष:

रेडी-टू-ईट स्नैक्स समय की बचत जरूर करते हैं, लेकिन यह आपकी सेहत पर भारी पड़ सकते हैं। बेहतर स्वास्थ्य के लिए संतुलित और प्राकृतिक आहार को अपनाएं और पैकेज्ड फूड्स से जितना हो सके, दूरी बनाएं।