LATEST NEWS

  • Tej Pratap Yadav Death Threat
  • तेजप्रताप यादव को दोपहर 3:11 बजे आया खौफनाक कॉल! वीडियो वायरल करने की धमकी से मचा हड़कंप, सरकार

  • Bihar News : मोकामा नगर परिषद कर्मचारी पर महिला ने लगाया ब्लैकमेलिंग का आरोप, कहा अश्लील फोटो वायरल करने की दी धमकी
  • Bihar News : मोकामा नगर परिषद कर्मचारी पर महिला ने लगाया ब्लैकमेलिंग का आरोप, कहा अश्लील फोटो वायरल

  • Fatuha Patna Liquor Raid
  • कानपुर से पटना पहुंची सवा करोड़ की शराब! खाद की बोरियों के नीचे छिपाकर लाई गई,उत्पाद विभाग का

  • Bihar News : पटना हाईकोर्ट ने दहेज़ प्रताड़ना के आरोपी पति अमरजीत कुमार को दी जमानत, 7 महीने से जेल में था बंद
  • Bihar News : पटना हाईकोर्ट ने दहेज़ प्रताड़ना के आरोपी पति अमरजीत कुमार को दी जमानत, 7 महीने

  • Bihar News : गया में उत्पाद विभाग की बड़ी कार्रवाई, ट्रक पर लोड विदेशी शराब की बड़ी खेप किया बरामद, चालक को किया गिरफ्तार
  • Bihar News : गया में उत्पाद विभाग की बड़ी कार्रवाई, ट्रक पर लोड विदेशी शराब की बड़ी खेप

इन उम्र के बच्चों को नहीं खाना चाहिए शुगर, उनके विकास पर पड़ता है असर

बच्चों को मीठा से बिल्कुल दूर रखना चाहिए। कहा जाता है कि बच्चों के विकास पर शुगर का बहुत ज्यादा असर पड़ता है। जानिए कैसे,

इन उम्र के बच्चों को नहीं खाना चाहिए शुगर, उनके विकास पर पड़

एक स्टडी के मुताबिक अगर बच्चों को जन्म के बाद शुरुआती 1000 दिनों तक शुगर न दिया जाए तो एडल्ट लाइफ में उन्हें क्रॉनिक डिजीज होने का जोखिम कम किया जा सकता है। इन शुरुआती दिनों में बच्चे के गर्भ में पलने के दिन भी शामिल हैं। इसका मतलब है कि मां को कंसीविंग के दिन से ही अपनी डाइट में शुगर कट करना होगा। 


इस स्टडी में पता चला है कि अगर बच्चों को शुरुआती जीवन में चीनी न खिलाई जाए तो टाइप–2 डायबिटीज विकसित होने का जोखिम 35% तक कम हो सकता है। मोटापे का जोखिम 30% कम हो सकता है और हाई ब्लड प्रेशर का जोखिम 20% तक कम हो सकता है। इसके अलावा उम्र के साथ होने वाली बीमारियां भी कुछ साल देर से होती हैं। शुरुआती उम्र में शुगर के सेवन से बच्चों का दिमागी और शारीरिक विकास प्रभवित हो सकता है। इससे कम उम्र में प्यूबर्टी और न्यूरोलॉजिकल डिजीज का जोखिम भी हो सकता है।

Diarch GO


दो साल से कम उम्र के बच्चों के खाने में किसी तरह का ऐडेड शुगर इस्तेमाल नहीं करना है। इसकी वजह ऐडेड शुगर के कारण बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास पर पड़ने वाला असर है। 2 साल से कम उम्र के बच्चों की डाइट में चीनी की बहुत थोड़ी सी मात्रा भी नुकसानदायक है। असल में इससे बच्चों का मानसिक और शारीरिक विकास अवरुद्ध होता है। उन्हें बचपन में ही वेट गेन की समस्या भी हो सकती है। चीनी खाने से बच्चों को मूड स्विंग की समस्या हो सकती है। यह उनकी स्मृति में बाधक बन सकती है और इससे इंफ्लेमेशन हो सकता है।