LATEST NEWS

  • Patna Sports Complex
  • Patna News:पटना के पाटलिपुत्र खेल परिसर को मिलेगी नई पहचान, अंतरराष्ट्रीय मानकों पर होगा ट्रैक और मैदान का

  • Patna Pataliputra Police Recover Pistol and Revolver
  • पटना में हथियार के साथ चार अपराधी गिरफ्तार, पिस्टल और सिक्सर समेत जिंदा कारतूस बरामद

  • Nawada
  • दिवाली से पहले उत्पाद विभाग की बड़ी कार्रवाई, बिहार-झारखंड सीमा पर पानी के बीच लाई जा रही

  •  Nishant
  • निशांत का MLC चुनाव में 3 सीटों पर जदयू की हार के बाद बड़ा ऐलान, यूपी विधानसभा

  • AAP Candidates for Punjab Assembly Elections
  • पंजाब चुनाव के लिए AAP के 40 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी, भगवंत मान धुरी से लड़ेंगे

BIHAR NEWS - नवजात बच्ची को मां ने मरने के लिए छोड़ा, मुंबई की दंपती ने लिया गोद, मिला अपना घर, 4 साल से पति पत्नी कर रहे थे इस खुशी का इंतजार

BIHAR NEWS - जन्म लेते ही जिस मां ने अपनी बेटी को मरने के लिए छोड़ दिया है। अब उस बच्ची को एक दंपती ने अपना आशियाना दिया है। दंपती को आज अधिकृत से बच्ची का सौंप दिया गया. इस दौरान यह दंपती अपनी खुशी छिपा नहीं पा रहे थे।

 BIHAR NEWS - नवजात बच्ची को मां ने मरने के लिए छोड़ा, मुंबई
ढाई माह बच्ची को दंपती ने लिया गोद- फोटो : RISHAV KUMAR, HAJIPUR

HAJIPUR - वैशाली के जिलाधिकारी यशपाल मीणा ने आज एक ढाई माह की बच्ची को मुंबई में रहने वाले बंगाली दंपति की देखरेख में सौंप दिया। यह बच्ची करीब ढाई महीने पहले सदर थाना क्षेत्र में परित्यक्त अवस्था में मिली थी। चाइल्ड हेल्पलाइन वैशाली की मदद से बच्ची को पहले सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया और फिर बाल कल्याण समिति के आदेश पर विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान में रखा गया।

जिला बाल संरक्षण इकाई ने बच्ची के माता-पिता की तलाश के लिए अखबारों में विज्ञापन दिया, लेकिन 60 दिनों तक कोई दावेदार सामने नहीं आया। इसके बाद महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के दत्तक ग्रहण विनियमन 2022 के तहत बच्ची को गोद देने की प्रक्रिया शुरू की गई।

चार साल पहले कराया था पंजीकरण

मुंबई के दंपति ने एक बेटी की चाह में 2021 में सरकारी पोर्टल carings.wcd.gov.in पर पंजीकरण कराया था। पहले से एक बेटा होने के बावजूद वे बेटी के लिए पिछले चार साल से प्रतीक्षा कर रहे थे। जब उन्हें इस बच्ची के बारे में जानकारी मिली तो वे बेहद खुश हुए और जल्द से जल्द उसे अपने साथ ले जाने के लिए उत्सुक थे। विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान में सबसे छोटी होने के कारण यह बच्ची वहां सभी की लाडली बन गई थी।

report - rishav kumar