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70TH BPSC Protest: गुरु रहमान ने खून से लिखी राष्ट्रपति, पीएम मोदी और सीएम नीतीश को चिठ्ठी, 70वीं BPSC PT को रद्द करने की लगाई गुहार

70TH BPSC Protest: गुरु रहमान ने बीपीएससी अभ्यर्थियों की मांगों को लेकर राष्ट्रपति, पीएम मोदी, सीएम नीतीश और बीपीएससी के अध्यक्ष और सचिव को खून से चिठ्ठी लिखी है।

Guru Rehman
Guru Rehman wrote a letter with blood - फोटो : Reporter

70TH BPSC Protest: 70वीं  बीपीएससी परीक्षा को रद्द कराने लिए गुरु रहमान ने बड़ा कदम उठाया है। गुरु रहमान ने राष्ट्रपति, पीएम मोदी, सीएम नीतीश, बिहार के राज्य, बीपीएससी अध्यक्ष और सचिव को खून से चिठ्ठी लिखी है। गुरु रहमान ने खून से चिठ्ठी लिखकर मांग की है कि 70वीं बीपीएससी परीक्षा को रद्द कराई जाए और दुबारा परीक्षा का आयोजन हो। गुरु रहमान ने अपनी कलाई काट कर चिठ्ठी लिखी है। बता दें कि पिछले 34 दिनों से गुरु रहमान बीपीएससी अभ्यर्थियों के साथ धरना पर बैठे हैं। छात्रों की मांग है कि बीपीएससी परीक्षा को दुबारा ली जाए। 

गुरु रहमान ने 70वीं बीपीएससी परीक्षा में हुई अनियमितताओं पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि, "बीपीएससी की इस परीक्षा में जिस तरह की व्यापक अनियमितताएं हुई हैं, मैं उनकी ओर ध्यान आकर्षित करना चाहता हूं। नोर्मलाइजेशन के नाम पर स्केलिंग की प्रक्रिया अपनाई गई है, जो पूरी तरह से अनुचित है। जब छात्रों के मन में संशय पैदा हो गया है कि यह प्रक्रिया गलत है, तो एक लोकतांत्रिक देश में यह जरूरी है कि छात्रों की मांगों को सुना जाए।"

उन्होंने आगे कहा, "पिछले 34 दिनों से हमारे छात्र भूखे-प्यासे ठंड में बैठे हुए हैं, और उनकी आवाज़ सुनने वाला कोई नहीं है। इसलिए मैंने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल, और बीपीएससी के अध्यक्ष व सचिव को पत्र लिखा है। मैंने उनसे अपील की है कि वे इस मामले में तुरंत कदम उठाएं।"

गुरु रहमान ने अपने संघर्ष को लेकर कहा, "मैं बच्चों के लिए किसी भी हद तक जाने के लिए तैयार हूं। अगर मेरे खून से बच्चों का भला होता है और उनकी परीक्षा सही तरीके से आयोजित होती है, तो मैं अपनी जान देने को भी तैयार हूं। लेकिन मैं बच्चों से यह भी कहना चाहता हूं कि वे कोई गलत कदम न उठाएं। गुरु का काम अपने छात्रों के हित के लिए लड़ना है, और मैं जब तक जिंदा हूं, उनके लिए लड़ता रहूंगा। मैंने राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को इस संबंध में पत्र भेजा है और अपनी बात उनके सामने रखी है।"

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