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Bihar Teacher News: बिहार में इतने शिक्षकों की हुई अवैध नियुक्ति, 2 बड़े शिक्षा पदाधिकारी पर शिक्षा विभाग ने दिया कार्रवाई का आदेश,शिक्षकों में मचा हड़कंप

बिहार में 314 शिक्षकों की अवैध नियुक्ति का मामला सामने आया है। शिक्षा विभाग ने डीईओ और डीपीओ पर कार्रवाई के आदेश दिए हैं।

 Bihar Teacher News: बिहार में इतने शिक्षकों की हुई अवैध निय
बिहार में शिक्षकों की अवैध नियुक्ति- फोटो : freepik

Bihar Teacher News: बिहार के शिक्षा विभाग ने 314 शिक्षकों की अवैध नियुक्ति के मामले में गंभीरता से कदम उठाए हैं। यह मामला 2019-20 के बीच का है, जब रोस्टर में गड़बड़ी कर शिक्षकों की नियुक्ति की गई थी। इस पर कार्रवाई का आदेश देकर शिक्षा विभाग ने संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

अवैध नियुक्तियों का खुलासा

परिहार प्रखंड के गोरहारी गांव निवासी मो. एजाज अहमद की शिकायत पर यह मामला प्रकाश में आया। एजाज ने शिक्षक अपीलीय प्राधिकार में वाद संख्या 65/23 के तहत दावा किया कि निर्धारित सीटों से अधिक शिक्षकों की नियुक्ति की गई है। जिला शिक्षक अपीलीय प्राधिकार ने भी डीईओ और डीपीओ की संलिप्तता की ओर संकेत दिया है। आरोप है कि पूर्व डीईओ और डीपीओ समेत चार अधिकारी इस गड़बड़ी में शामिल थे।

रिपोर्ट और जांच प्रक्रिया

डीईओ द्वारा नियुक्त तीन सदस्यीय टीम ने अपनी जांच में पुष्टि की कि 2019 में जारी किए गए रोस्टर में तय कोटे से अधिक पदों का बंटवारा हुआ। रिपोर्ट में कहा गया कि सामान्य वर्ग में 116, बीसी में 35, स्नातक ग्रेड हिंदी सामान्य कोटि में 14, अंग्रेजी में 5, गणित विज्ञान में 1, और उर्दू में 2 पदों पर अवैध नियुक्तियां की गईं। कुल मिलाकर 314 पदों पर अवैध रूप से नियुक्तियां की गईं।

शिक्षक अपीलीय प्राधिकार का फैसला

शिक्षक अपीलीय प्राधिकार के पीठासीन पदाधिकारी प्रेमचंद ने इस मामले में 30 अगस्त 2024 को डीईओ और डीपीओ से कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी थी। कई सुनवाई तिथियों के बाद भी डीपीओ द्वारा कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया। अंततः प्राधिकार ने अपने आदेश में कहा कि अवैध नियुक्तियों के कारण सरकार को हर महीने करोड़ों रुपये का नुकसान हो रहा है।

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कार्रवाई की अनुशंसा

शिक्षक अपीलीय प्राधिकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की अनुशंसा की है। प्राधिकार ने कहा कि संबंधित अधिकारियों की संलिप्तता स्पष्ट होने के बाद ही शिक्षा विभाग ने उन्हें हटाने और अवैध रूप से वितरित पदों को सही करने के निर्देश दिए हैं।

बिहार में शिक्षकों की अवैध नियुक्ति 

बिहार में शिक्षकों की अवैध नियुक्ति का मामला शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की आवश्यकता को दर्शाता है। शिक्षा विभाग की कार्रवाई से उम्मीद है कि इस तरह की गड़बड़ियों पर अंकुश लगेगा और सही प्रक्रिया से नियुक्तियां सुनिश्चित होंगी।