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जनगणना कार्य में लापरवाही पर डीएम सख्त: शिक्षक से मांगा 24 घंटे के अंदर जवाब, लगाया अर्थदंड

जनगणना कार्य में लापरवाही पर डीएम सख्त: शिक्षक से मांगा 24 घ

Chapra : जिले के जिलाधिकारी सह प्रधान जनगणना अधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने जनगणना जैसे राष्ट्रीय महत्व के कार्य में कोताही बरतने वालों के खिलाफ कड़ा रुख अख्तियार किया है। परसा प्रखंड के उच्च माध्यमिक विद्यालय, अंजनी के प्रधानाध्यापक आनंदी प्रसाद, जिन्हें जनगणना कार्य में पर्यवेक्षक (सुपरवाइजर) नियुक्त किया गया था, पर जिलाधिकारी ने जनगणना अधिनियम 1948 की धारा 11 (क क) के तहत एक हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है। साथ ही, उन्हें 24 घंटे के भीतर कारण बताओ नोटिस (शो-कॉज) का जवाब देने का सख्त निर्देश दिया गया है।

प्रशिक्षण के दौरान अनुशासनहीनता और बाधा डालने का आरोप 

मामले की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि बीईओ सह जनगणना नोडल पदाधिकारी ने जिलाधिकारी को सौंपी रिपोर्ट में शिक्षक के व्यवहार पर गंभीर सवाल उठाए थे। रिपोर्ट के अनुसार, 23 अप्रैल को प्रधानाध्यापक आधे समय से ही बिना किसी पूर्व सूचना के प्रशिक्षण से गायब हो गए। वहीं, अगले दिन 24 अप्रैल को प्रशिक्षण के दौरान उन्होंने न केवल अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया, बल्कि अन्य प्रशिक्षुओं को भी कार्य के प्रति भड़काने की कोशिश की। जिलाधिकारी ने इसे राष्ट्रीय कार्य में जानबूझकर बाधा डालने का प्रयास माना है।

संतोषजनक जवाब न मिलने पर हो सकती है 3 साल की जेल 

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जिलाधिकारी ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर शिक्षक का जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया, तो उन पर जनगणना अधिनियम के तहत तीन साल के कारावास (जेल) का दंड भी अधिरोपित किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि जनगणना का कार्य राष्ट्रहित से जुड़ा सर्वोच्च प्राथमिकता वाला कार्य है और इसमें किसी भी प्रकार की कोताही को गंभीर अपराध की श्रेणी में रखा जाएगा। यह कार्रवाई अन्य अधिकारियों और कर्मियों के लिए एक कड़ा संदेश है कि अनुशासनहीनता किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं होगी।

पूर्व में भी कई प्रगणकों और अधिकारियों पर हो चुकी है कार्रवाई 

गौरतलब है कि जिले में जनगणना कार्य की सुचिता बनाए रखने के लिए प्रशासन पहले से ही सक्रिय है। इससे पहले भी जिलाधिकारी के स्तर पर तीन जिला स्तरीय फील्ड ट्रेनरों पर कार्रवाई की जा चुकी है। इसी क्रम में मढ़ौरा, परसा और रिविलगंज के प्रखंड विकास पदाधिकारियों ने भी अपने-अपने स्तर पर अनुशासनहीनता बरतने वाले प्रशिक्षुओं के विरुद्ध शो-कॉज जारी किया है। आंकड़ों के अनुसार, प्रशिक्षण के प्रथम चरण में अब तक कुल 16 प्रगणकों और पर्यवेक्षकों पर गाज गिर चुकी है, जिससे विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।

भविष्य के लिए सख्त हिदायत और निगरानी के निर्देश 

जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे फील्ड वर्क और प्रशिक्षण की निरंतर निगरानी करें। उन्होंने दोहराया कि भविष्य में भी यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी जनगणना कार्य के प्रति उदासीनता दिखाएगा, तो उसके विरुद्ध तत्काल सुसंगत धाराओं के तहत कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। प्रशासन का लक्ष्य है कि जिले में जनगणना का कार्य पूरी पारदर्शिता और सटीकता के साथ समय सीमा के भीतर संपन्न हो, ताकि राष्ट्र निर्माण के इस डेटा संकलन में कोई त्रुटि न रहे।

संजय भारद्वाज की रिपोर्ट