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इंटर-स्टेट साइबर फ्रॉड का सबसे बड़ा खुलासा—18 अपराधी गिरफ्तार, 64 मोबाइल-5 लैपटॉप बरामद; कई राज्यों में फैला था नेटवर्क, एसपी बोले—“पूरी चेन का होगा पर्दाफाश

इंटरस्टेट के सबसे बड़े साइबर क्राइम के धंधे का पुलिस ने खुलासा किया है। बिहार के बक्सर से यह धंधेबाज देश भर में साइबर ठगी का धंधा चला रहे थे। धंधे में शामिल 18 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

इंटर-स्टेट साइबर फ्रॉड का सबसे बड़ा खुलासा—18 अपराधी गिरफ्ता

Buxar - बक्सर पुलिस ने एक बड़े और संगठित साइबर फ्रॉड नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए शनिवार को ऐसी कार्रवाई की, जिसे हाल के वर्षों में सबसे व्यापक और प्रभावशाली ऑपरेशन माना जा रहा है। नगर थाना पुलिस और साइबर सेल ने संयुक्त रूप से पीपी रोड स्थित आईसीआईसीआई बैंक के पीछे एक किराए के मकान पर छापेमारी की, जहां से 18 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार गिरोह कई महीनों से बक्सर में रहकर साइबर ठगी, ऑनलाइन सट्टेबाजी और डिजिटल पेमेंट फ्रॉड का इंटर-स्टेट नेटवर्क चला रहा था।

छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से 64 मोबाइल फोन, 5 लैपटॉप, 25 सिम कार्ड, 82 एटीएम कार्ड, 9 पासबुक, 5 चेकबुक, 13 रजिस्टर और 2 वाई-फाई राउटर बरामद किए। प्राथमिक जांच में सामने आया कि यह गिरोह कॉलिंग सेंटर की तरह काम करते हुए देश के अलग-अलग राज्यों के नागरिकों को निशाना बनाता था। ये लोग स्वयं को बैंक अधिकारी, गेमिंग/सट्टे के प्रतिनिधि या कस्टमर सपोर्ट बताकर लोगों को झांसे में लेते और डिजिटल माध्यम से पैसे ऐंठते थे।

गिरफ्तार सभी 18 अभियुक्त

1. अजीत कुमार जयसवाल पिता–अनिल कुमार जयसवाल, निवासी–नुअांव, जिला–कैमूर

2. अमन कुमार जयसवाल पिता–शिवशंकर जयसवाल, निवासी–नुअांव, जिला–कैमूर

3. दीपक कुमार पिता–विनोद साह, निवासी–भगवन्नगर, थाना–पानापुर, जिला–सारण

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4. संतोष कुमार पिता–मनोज भारती, निवासी–भगवन्नगर, जिला–सारण

5. रमेश कुमार जयसवाल पिता–ठाकुर प्रसाद जयसवाल, निवासी–अकखी, थाना–नुअांव, कैमूर

6. शिव कुमार निवास पिता–पुरुषोत्तम निवास, निवासी–पनगड़ी, थाना–बलदौर बाजार, जिला–छत्तीसगढ़

7. मुकुल कुमार जयसवाल पिता–हरसो गे जयसवाल, निवासी–अमराई, थाना–चकिया, जिला–चंदौली

8. अमरेश कुमार पिता–अभय खबर, निवासी–चंदैली, जिला–चंदौली

9. अनिल कुमार पिता–बेचू प्रसाद, निवासी–बरखी, थाना–समसेटी, जिला–वाराणसी

10. राजेश जयसवाल पिता–स्व. चंद्र भदूरगंज, निवासी–भेलुपुर, जिला–अयोध्या

11. अमर बहादुर पिता–स्व. हिम्मत राम, निवासी–भसोली, थाना–तारुन, जिला–अयोध्या

12. आनंद यादव पिता–राम किशुन यादव, निवासी–अमराई, थाना–चकिया, जिला–चंदौली

13. राहुल कुमार पिता–रामजीत भगत, निवासी–चिरोली, थाना–भगवानपुर, जिला–सिवान

14. दशरथ बाधा पिता–अवकाश बाधा, निवासी–अमनांका, थाना–सास्कतीनगर, जिला–रायपुर (छत्तीसगढ़)

15. गौरव टाड़ी पिता–राजेंद्र टाड़ी, निवासी–अडतन, थाना–कोनगांव, जिला–कलेहाड़ी (उड़ीसा)

16. मुमताज आलम पिता–सरफुद्दीन आलम, निवासी–बहररी, थाना–करहरागर, जिला–रोहतास

17. संजय यादव पिता–कांगेस, निवासी–गुटवलिया, थाना–कटौरिया, जिला–बांका

18. कैलाश यादव पिता–स्व. भागू यादव, निवासी–चौबटिया, थाना–बांका, जिला–बांका

ऑपरेशन में शामिल पुलिस की टीम


इस ऑपरेशन का नेतृत्व पुलिस उपाधीक्षक सह साइबर थाना अध्यक्ष अविनाश कश्यप, नगर थानाध्यक्ष मनोज कुमार सिंह, साइबर थाना बक्सर के अधिकारी श्रीकांत, अधिकारी विकास कुमार तथा विशेष पुलिस बल ने किया। आपको बता दें कि तकनीकी विश्लेषण और लोकेशन सर्विलांस के आधार पर टीम ने संदिग्ध गतिविधियों की पुष्टि की और फिर छापेमारी की योजना तैयार की गई।इन सभी को विशेष टीम ने तकनीकी निगरानी, गुप्त सूचना और लंबी ट्रैकिंग के बाद गिरफ्तार किया।

एसपी ने कहा- बक्सर के पुलिस अधीक्षक ने इस कार्रवाई को एक “बड़ी साइबर कामयाबी” बताया। उन्होंने कहा: “हमने साइबर अपराधियों के एक मजबूत और संगठित नेटवर्क को धराशायी किया है। बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फॉरेंसिक जांच से यह पता लगाया जाएगा कि इस नेटवर्क के तार किन-किन राज्यों से जुड़े हैं। फ़िलहाल हमारे लिए यह केवल शुरुआत है—पूरी चेन का पर्दाफाश किया जाएगा।”

नेटवर्क का दायरा और तरीका

पुलिस को प्रारंभिक पूछताछ में पता चला कि यह गिरोह-देशभर में फर्जी KYC अपडेट, बैंकिंग वेरिफिकेशन, ऑनलाइन गेमिंग सट्टा, फर्जी लिंक व ओटीपी धोखाधड़ी के जरिए लोगों को निशाना बनाता था। इनके ठिकाने से बरामद रजिस्टरों में कई राज्यों के सैकड़ों मोबाइल नंबर दर्ज मिले हैं, जो इस बात के संकेत हैं कि नेटवर्क काफी व्यापक था और पूर्व में हुई कई साइबर ठगी की घटनाओं में इनकी भूमिका सामने आ सकती है।

जांच जारी—हो सकते हैं और बड़े खुलासे

बहरहाल सभी आरोपितों से सदर एसडीपीओ और साइबर टीम गहन पूछताछ कर रही है। बरामद लैपटॉप और मोबाइल की फॉरेंसिक जांच से इस गिरोह की पूरी डिजिटल गतिविधियों का विश्लेषण किया जाएगा। पुलिस का मानना है कि आगे और नाम सामने आने की संभावना है।

बक्सर से संदीप वर्मा की रिपोर्ट