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Bihar News : विक्रमशिला सेतु की जांच पूरी, तकनीकी टीम ने पिलर में खराबी के दावों को नकारा, जानिए प्रशासन ने क्या दी सफाई

Bihar News : भागलपुर के विक्रमशिला सेतु की जांच पूरी हो गयी है. तकनीकी टीम ने पिलर में खराबी के दावों को नकार दिया है......पढ़िए आगे

Bihar News : विक्रमशिला सेतु की जांच पूरी, तकनीकी टीम ने पिल
विक्रमशिला सेतु की जांच पूरी- फोटो : SOCIAL MEDIA

Bhagalpur : बिहार के भागलपुर जिले में स्थित ऐतिहासिक विक्रमशिला सेतु को लेकर पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर चल रही अफवाहों पर प्रशासन ने विराम लगा दिया है। सेतु के नीचे एक फॉल्स दीवार (अस्थायी दीवार) के नदी में गिरने की सूचना के बाद सदर अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) विकास कुमार ने पुल निर्माण निगम के अभियंताओं की तकनीकी टीम के साथ मौके पर पहुंचकर विस्तृत निरीक्षण किया। जांच के बाद प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पुल के मुख्य ढांचे को कोई खतरा नहीं है।

निरीक्षण के बाद एसडीओ विकास कुमार ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि विक्रमशिला सेतु के मुख्य स्ट्रक्चर या पाया संख्या 19 में किसी भी प्रकार की क्षति या तकनीकी डिफॉल्ट नहीं पाया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो हिस्सा नदी में गिरा है, वह पुल का स्थायी भाग नहीं था। निर्माण कार्य के समय पानी के तेज बहाव और दबाव को नियंत्रित करने के लिए कुछ अस्थायी 'फॉल्स दीवारें' बनाई जाती हैं, जिनका काम निर्माण पूरा होने के साथ ही खत्म हो जाता है।

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तकनीकी विशेषज्ञों के अनुसार, इन अस्थायी दीवारों को पुल का निर्माण संपन्न होने के तुरंत बाद तोड़कर हटा दिया जाना चाहिए था। हालांकि, किन्हीं कारणों से उस समय कुछ दीवारें पूरी तरह नहीं हटाई जा सकीं और वे वहीं रह गईं। समय के साथ जर्जर हो चुकी उन्हीं दीवारों में से एक हिस्सा अब टूटकर नदी में गिर गया है। प्रशासन ने निर्देश दिया है कि जो भी खराब दीवारें अभी भी वहां मौजूद हैं, उन्हें जल्द ही पूरी तरह से सुरक्षित तरीके से तोड़कर हटा दिया जाएगा।

एसडीओ ने उन खबरों का कड़ा खंडन किया है जिनमें दावा किया जा रहा था कि पुल के पिलर नंबर 19 को नुकसान पहुँचा है। उन्होंने बताया कि पिछले दो दिनों से कुछ टीवी चैनलों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भ्रामक खबरें प्रसारित की जा रही थीं, जिससे आम जनता के बीच भय का माहौल बन गया था। उन्होंने साफ किया कि पिलर संख्या 19 पूरी तरह सुरक्षित है और सोशल मीडिया पर किए जा रहे दावे पूरी तरह निराधार और तथ्यात्मक रूप से गलत हैं।

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अंत में, जिला प्रशासन ने आम नागरिकों और यात्रियों से अपील की है कि वे इस तरह की किसी भी अफवाह या अपुष्ट जानकारी पर ध्यान न दें। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि सेतु की सुरक्षा और मजबूती की नियमित जांच की जा रही है और यातायात के लिए यह पूरी तरह सुरक्षित है। किसी भी जानकारी के लिए केवल आधिकारिक पुष्टि पर ही विश्वास करें। 

बालमुकुन्द की रिपोर्ट