LATEST NEWS

  • Tej Pratap Yadav Death Threat
  • तेजप्रताप यादव को दोपहर 3:11 बजे आया खौफनाक कॉल! वीडियो वायरल करने की धमकी से मचा हड़कंप, सरकार

  • Bihar News : मोकामा नगर परिषद कर्मचारी पर महिला ने लगाया ब्लैकमेलिंग का आरोप, कहा अश्लील फोटो वायरल करने की दी धमकी
  • Bihar News : मोकामा नगर परिषद कर्मचारी पर महिला ने लगाया ब्लैकमेलिंग का आरोप, कहा अश्लील फोटो वायरल

  • Fatuha Patna Liquor Raid
  • कानपुर से पटना पहुंची सवा करोड़ की शराब! खाद की बोरियों के नीचे छिपाकर लाई गई,उत्पाद विभाग का

  • Bihar News : पटना हाईकोर्ट ने दहेज़ प्रताड़ना के आरोपी पति अमरजीत कुमार को दी जमानत, 7 महीने से जेल में था बंद
  • Bihar News : पटना हाईकोर्ट ने दहेज़ प्रताड़ना के आरोपी पति अमरजीत कुमार को दी जमानत, 7 महीने

  • Bihar News : गया में उत्पाद विभाग की बड़ी कार्रवाई, ट्रक पर लोड विदेशी शराब की बड़ी खेप किया बरामद, चालक को किया गिरफ्तार
  • Bihar News : गया में उत्पाद विभाग की बड़ी कार्रवाई, ट्रक पर लोड विदेशी शराब की बड़ी खेप

Bihar Health System:डॉक्टर साहिबा ने अंगूठे की चोट के लिए लिखा घुटने का एक्स-रे, पूछने पर मरीज को गार्ड से फेकवाया बाहर, पढ़िए सरकारी स्वास्थ्य सिस्टम की सच्चाई?

Bihar Health System: दर्द से कराहते मरीज पहुंचे तो अंगूठे का इलाज कराने, मर्ज की जानकारी के लिए डॉक्टर साहिबा ने एक्सरे घुटने का लिख दिया, यहीं नहीं पूछने पर मरीज से बदतमीजी कर गार्ड बुलाकर बाहर का रास्ता दिखा दिया...

Thumb injury knee X ray prescribed doctor under scrutiny
अस्पताल में इलाज का नमूना- फोटो : X

Bihar Health System: सियासत के मंचों पर बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था के दावे अक्सर बड़े दिलकश अंदाज़ में पेश किए जाते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत कभी-कभी ऐसी तस्वीर पेश कर देती है कि हुक्मरानों के दावों की पोल खुद-ब-खुद खुल जाती है। भागलपुर का नाथनगर रेफरल अस्पताल एक बार फिर सुर्खियों में है और वजह वही पुरानी, लापरवाही और रवैये का संगम।

दिग्घी निवासी दीपक कुमार, जो एक होटल में मैनेजर हैं, अपने घायल अंगूठे का इलाज कराने अस्पताल पहुंचे थे। बाइक हादसे के बाद दर्द से कराहते इस मरीज को क्या मालूम था कि इलाज के नाम पर उन्हें सिस्टम का असली चेहरा देखने को मिलेगा। ओपीडी में तैनात डॉक्टर ने जांच तो की, मगर हकीकत से कोसों दूर जाकर अंगूठे की जगह घुटने का एक्स-रे लिख डाला गोया बीमारी नहीं, कागज़ी खानापूरी का इलाज हो रहा हो।

Diarch GO

जब एक्स-रे काउंटर पर ऑपरेटर ने इस गलती को पकड़ा और मरीज को सुधार कराने भेजा, तो कहानी ने नया मोड़ लिया। दीपक का इल्ज़ाम है कि जैसे ही उन्होंने पर्ची में गलती की ओर इशारा किया, डॉक्टर साहिबा का लहजा बदल गया “डॉक्टर हम हैं या आप? यह जुमला सिर्फ एक जवाब नहीं, बल्कि उस ताक़त का इज़हार था, जो अक्सर आम मरीज को खामोश कर देती है। हद तो तब हो गई जब गार्ड को बुलाकर मरीज को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया।

बाद में, कुछ कर्मचारियों की दखलअंदाजी से पर्ची में सुधार हुआ और अंगूठे का एक्स-रे संभव हो सका। लेकिन सवाल यह है कि क्या हर मरीज को अपनी बात मनवाने के लिए इस तरह की जिल्लत झेलनी होगी?

NSIT
Nsmch

ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर, डॉ. अन्वेषा, ने इसे महज मानवीय भूल करार दिया और कहा कि मरीज का रवैया आक्रामक था, इसलिए गार्ड को बुलाना पड़ा। उनके मुताबिक, कोई बदसलूकी नहीं हुई। मगर यहां असली बहस यह नहीं कि कौन सही है, बल्कि यह है कि आखिर ऐसी भूलें बार-बार क्यों होती हैं? सवाल है कि आप इलाज करने बैठी हैं या... डॉक्टर मैडम आपकी भूल से मरीज की जान तक जा सकती है। दवा लिखना होगा दर्द का और आप लिख देंगी हार्ट का तो क्या होगा और मानवीय भूल बता कर अपना पल्ला झाड़ लेगीं...

बता दें यही अस्पताल पहले भी कई बार सवालों के घेरे में रहा है। कभी सरस्वती पूजा के दौरान झुलसे मरीजों को डॉक्टर न मिलने की शिकायत, तो कभी स्ट्रेचर तक नसीब न होना ये तमाम वाकये उस सिस्टम की गवाही देते हैं, जहां इंतज़ामात कागज़ों में मुकम्मल और हकीकत में नदारद नजर आते हैं।

दीपक कुमार ने पूरे मामले में कार्रवाई की मांग की है। अब देखना यह है कि हुक्मरान और अफसरान इस पर क्या कदम उठाते हैं क्योंकि अगर यही हाल रहा, तो इलाज के नाम पर मरीजों का इम्तिहान यूं ही जारी रहेगा।