Bihar News : अदाणी पावर प्लांट के भूमि अधिग्रहण पर किसानों का फूटा गुस्सा, डीएम के समक्ष धरना देकर लगाए गंभीर आरोप

Bihar News : भागलपुर के पीरपैंती में अदाणी पावर प्लांट के लिए किए जा रहे भूमि अधिग्रहण को लेकर किसानों का आक्रोश एक बार फिर सामने आया है....पढ़िए आगे

Bihar News : अदाणी पावर प्लांट के भूमि अधिग्रहण पर किसानों क
किसानों का फूटा गुस्सा - फोटो : BALMUKUND

BHAGALPUR : भागलपुर के पीरपैंती में अदाणी पावर प्लांट के लिए किए जा रहे भूमि अधिग्रहण को लेकर किसानों का आक्रोश एक बार फिर सामने आया है। भूमि अधिग्रहण में कथित अनियमितता के खिलाफ पीरपैंती किसान समिति के नेतृत्व में किसानों ने मंगलवार को समाहरणालय परिसर में डीएम के समक्ष एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया। किसानों ने कंपनी और प्रशासन से भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को निर्धारित मापदंड के अनुसार करने की मांग की। 

किसानों का आरोप 

धरना पर बैठे किसानों ने आरोप लगाया कि पीरपैंती पावर प्लांट के रेल रोड कॉरिडोर के लिए निर्धारित आवश्यकता से करीब दोगुनी जमीन का अधिग्रहण किया जा रहा है। किसानों का कहना है कि अधिग्रहण की जद में उनकी उपजाऊ खेती की जमीन के साथ-साथ फलदार और अन्य उपयोगी जमीन भी शामिल है। किसानों ने सवाल उठाया कि जब रेल ट्रैक के लिए जितनी जमीन की जरूरत है, उतनी ही जमीन निर्धारित नियमों के तहत ली जानी चाहिए, तो फिर अतिरिक्त जमीन का अधिग्रहण क्यों किया जा रहा है? किसानों ने कहा कि वे क्षेत्र में विकास और बिजली परियोजना के विरोधी नहीं हैं, लेकिन विकास के नाम पर किसानों के हितों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। किसानों की मांग है कि भूमि अधिग्रहण की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से हो और निर्धारित मापदंड से अधिक जमीन का अधिग्रहण नहीं किया जाए।

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मांग नहीं मानी तो पटना में होगा आंदोलन

धरना की अध्यक्षता कर रहे किसान सह मुखिया एवं पीरपैंती किसान समिति के अध्यक्ष दीपक कुमार सिंह ने कहा कि किसानों की जमीन उनके लिए केवल संपत्ति नहीं, बल्कि आजीविका का मुख्य साधन है। यदि किसानों की मांगों पर सरकार और प्रशासन ने गंभीरता से विचार नहीं किया तो आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि जरूरत पड़ी तो किसान पटना जाकर भी धरना-प्रदर्शन करेंगे। किसानों का कहना है कि पीरपैंती अदाणी पावर प्लांट को लेकर पहले भी किसानों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की ओर से कई तरह के सवाल उठाए जाते रहे हैं। अब रेल रोड कॉरिडोर के लिए भूमि अधिग्रहण को लेकर किसानों के विरोध ने परियोजना को एक बार फिर सवालों के घेरे में ला दिया है।

कंपनी का पक्ष—कई प्रक्रियाओं के बाद होता है भूमि अधिग्रहण

वहीं, किसानों के आरोपों को लेकर जब अदाणी पावर प्लांट के पीआरओ  प्रवीण कुमार से बात की गई तो उन्होंने कहा कि किसी भी जमीन का अधिग्रहण सीधे तौर पर नहीं किया जाता है। इसके लिए कई प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ता है और निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही जमीन का अधिग्रहण किया जाता है। अब सवाल यह है कि किसानों द्वारा लगाए जा रहे दोगुनी जमीन अधिग्रहण के आरोपों की प्रशासनिक स्तर पर जांच होती है या नहीं और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया वास्तव में निर्धारित मापदंड के अनुरूप है या नहीं। किसानों की नजर अब प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी है।

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बालमुकुन्द की रिपोर्ट