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Bihar News: PG बॉयज़ हॉस्टलों में प्रशासन का बड़ा क्लीन-ऑपरेशन, अवैध कब्जाधारियों पर गिरी गाज

Bihar News: तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय के PG बॉयज़ हॉस्टलों में ऐसा नज़ारा देखने को मिला, मानो प्रशासन ने किसी गैर-कानूनी अड्डे पर छापेमारी कर दी हो।

Big Crackdown in PG Boys Hostels
PG बॉयज़ हॉस्टलों में प्रशासन का बड़ा क्लीन-ऑपरेशन- फोटो : reporter

Bihar News: तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय के PG बॉयज़ हॉस्टलों में  ऐसा नज़ारा देखने को मिला, मानो प्रशासन ने किसी गैर-कानूनी अड्डे पर छापेमारी कर दी हो। लंबे समय से हॉस्टलों में अवैध रूप से डेरा जमाए बैठे छात्रों के खिलाफ जिला प्रशासन और विश्वविद्यालय प्रशासन ने संयुक्त रूप से कड़ा और निर्णायक अभियान चलाया।

अभियान की कमान SDO सदर विकास कुमार, सिटी DSP-1 अजय कुमार चौधरी, DSW प्रो. अर्चना कुमारी, और प्रॉक्टर प्रो. एस.डी. झा के हाथों में थी। अधिकारी खुद हॉस्टलों के गलियारे, कमरों और परिसर में घंटों तक गश्त करते दिखे। कई कमरों के ताले मौके पर तोड़े गए, वहीं विश्वविद्यालय की तरफ से नए ताले लगाकर हॉस्टलों का नियंत्रण फिर से वापस ले लिया गया।

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दो दिन पहले जारी नोटिस का असर इतना तीखा रहा कि अवैध कब्जाधारी छात्रों ने कार्रवाई शुरू होने से पहले ही हॉस्टल छोड़ भाग जाना बेहतर समझा। इस वजह से किसी तरह की नोकझोंक या हंगामे की नौबत नहीं आई। प्रशासन तैयार था, पर विरोध का कोई चेहरा सामने नहीं दिखा—जो पूरे ऑपरेशन की सफलता बताने के लिए काफी है।

अभियान के दौरान भारी पुलिस बल, मजिस्ट्रेट और दंडाधिकारी पूरे तैनाती में थे। हॉस्टल के हर ब्लॉक में पुलिस की चौकसी ऐसी थी जैसे किसी संवेदनशील इलाके में तलाशी अभियान चल रहा हो। छात्र नेताओं ने भी इस कार्रवाई में सहयोग देकर माहौल को शांत बनाए रखने में अहम भूमिका निभाई।

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इस ऑपरेशन के बाद PG हॉस्टलों में अब अनुशासन, व्यवस्था और सुरक्षा बहाल होने की उम्मीद बढ़ गई है। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि हॉस्टलों को पढ़ाई के अनुकूल, सुरक्षित और अनुशासित माहौल में बदलना हमारी शीर्ष प्राथमिकता है।यह अभियान सिर्फ अवैध कब्जे हटाने भर नहीं था यह संदेश था कि अब विश्वविद्यालय में अराजकता नहीं, व्यवस्था चलेगी।

रिपोर्ट - अंजनी कुमार कश्यप