LATEST NEWS

  • Bihar Ration Card
  • Bihar Ration Card:बिहार में 35 लाख से ज्यादा राशन कार्ड रद्द! चेक कर लीजिए लिस्ट में आपका

  • Bihar MLC Election Results
  • Bihar MLC Election Results : 150 प्रत्याशियों की धड़कनें तेज, आज खुलेगा सियासी किस्मत का पिटारा,देर रात तक

  • Bihar Weather: बिहार में फिर बदलेगा मौसम का मिजाज, आज पटना समेत इन इलाकों में बिगड़ेगा मौसम, गरज-चमक के साथ तूफान की आहट!
  • Bihar Weather: बिहार में फिर बदलेगा मौसम का मिजाज, आज पटना समेत इन इलाकों में बिगड़ेगा मौसम, गरज-चमक

  • Naubatpur Traffic
  • Naubatpur Traffic: पटना के नौबतपुर में ट्रैफिक जाम पर उठे सवाल, CCTV फुटेज जांचने की मांग

  • Gaya Police News
  • Gaya Police News: गया में गांधी नगर जमीन विवाद में एसएसपी की बड़ी कार्रवाई, ADG की खबरों

Trinity Institute की डिग्री पर कार्यरत शिक्षकों की खैर नहीं, शिक्षा विभाग ने एक सप्ताह में मांगी सूची

भागलपुर जिले के विभिन्न प्रखंडों में कई शिक्षक Trinity Institute of Professional Studies, New Delhi द्वारा जारी अमान्य डिग्रियों के आधार पर न केवल नौकरी कर रहे हैं, बल्कि सरकारी खजाने से वेतन भी उठा रहे हैं

Trinity Institute की डिग्री पर कार्यरत शिक्षकों की खैर नहीं,

Bhagalpur -  बिहार के भागलपुर जिले में शिक्षा विभाग ने एक सनसनीखेज खुलासे के बाद कड़ा रुख अपनाया है। विभाग को सूचना मिली है कि जिले के विभिन्न प्रखंडों में कई शिक्षक Trinity Institute of Professional Studies, New Delhi द्वारा जारी अमान्य डिग्रियों के आधार पर न केवल नौकरी कर रहे हैं, बल्कि सरकारी खजाने से वेतन भी उठा रहे हैं । इसे गंभीरता से लेते हुए जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना) ने सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर ऐसे शिक्षकों की सूची सौंपने का अल्टीमेटम दिया है ।

विभागीय जांच में 'अमान्य' पाया गया संस्थान

कार्यालय, जिला शिक्षा पदाधिकारी, भागलपुर द्वारा जारी पत्रांक 1270, दिनांक 21.02.2026 के अनुसार, Trinity Institute of Professional Studies, New Delhi एक विभागीय स्तर पर अमान्य संस्थान घोषित है । पत्र में स्पष्ट किया गया है कि इस संस्थान से प्राप्त प्रशिक्षण या उपाधि के आधार पर नियोजन की प्रक्रिया वैधानिक नहीं है, फिर भी जिले के कई स्कूलों में इसके आधार पर शिक्षक कार्यरत हैं ।

एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट सौंपने का आदेश

जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना) ने सभी विद्यालय अवर निरीक्षकों और प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों को सख्त निदेश दिया है कि वे अपने क्षेत्राधीन विद्यालयों में ऐसे शिक्षकों को चिन्हित करें । रिपोर्ट में शिक्षक का नाम, विद्यालय का नाम और उनकी नियोजन इकाई का स्पष्ट विवरण मांगा गया है । विभाग ने इस सूचना को एक सप्ताह के भीतर अचूक रूप से उपलब्ध कराने को कहा है ।

भुगतान करने वाले अधिकारियों पर गिरेगी गाज

शिक्षा विभाग ने इस मामले में केवल शिक्षकों ही नहीं, बल्कि भुगतान करने वाले अधिकारियों की भी जवाबदेही तय कर दी है । पत्र में चेतावनी दी गई है कि यदि उक्त अमान्य संस्थान से प्राप्त उपाधि वाले शिक्षकों को अब तक वेतन भुगतान किया गया है, तो इसकी पूर्ण जवाबदेही संबंधित निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी की होगी । इससे विभाग के भीतर भी हड़कंप की स्थिति बनी हुई है।

NSIT
Nsmch

भ्रष्टाचार और अफसरशाही पर विपक्ष का हमला

एक ओर जहाँ विभाग प्रशासनिक कार्रवाई कर रहा है, वहीं बिहार की राजनीति में भी भ्रष्टाचार और अफसरशाही को लेकर घमासान मचा है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने हाल ही में सरकार को घेरते हुए कहा कि बिहार में पिछले 21 सालों में केवल भ्रष्टाचार, अपराध और अफसरशाही का बोलबाला रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचारियों ने सरकारी खजाना खाली कर दिया है और यह बजट राज्य के विकास में पूरी तरह विफल रहा है।

बिहार की शिक्षा व्यवस्था पर उठते सवाल

शिक्षा विभाग की यह कार्रवाई बिहार की शिक्षा व्यवस्था में गहरी पैठ बना चुके फर्जीवाड़े की ओर इशारा करती है। अमान्य संस्थानों से डिग्री लेकर सरकारी नौकरी हासिल करना और वर्षों तक वेतन लेना प्रशासनिक तंत्र की बड़ी चूक मानी जा रही है। अब सबकी नजरें एक सप्ताह बाद आने वाली उस सूची पर टिकी हैं, जिससे यह साफ होगा कि भागलपुर में कितने 'फर्जी' शिक्षक विभाग की आंखों में धूल झोंक रहे थे।

Report - bal mukund kumar