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बिहार के कृषि उत्पादों की शुद्धता मापेगा 'जीआई डिवाइस', भारत सरकार ने दिया पेटेंट, बीएयू सबौर की नई तकनीक रखेगी हर स्वाद पर नज़र

बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर को उनके नए 'डायनेमिक जीआई फ्लेवर प्रोफाइलिंग ट्रेसबिलिटी डिवाइस' के लिए भारत सरकार से डिज़ाइन पंजीकरण प्राप्त हुआ है। यह तकनीक बिहार के जीआई उत्पादों की शुद्धता और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ब्रांडिंग सुनिश्चित करेगी।

बिहार के कृषि उत्पादों की शुद्धता मापेगा 'जीआई डिवाइस', भारत

Bhagalpur - : बिहार कृषि विश्वविद्यालय (BAU), सबौर ने कृषि तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में एक नया इतिहास रच दिया है। भारत सरकार के भारतीय पेटेंट कार्यालय ने विश्वविद्यालय द्वारा विकसित “डायनेमिक जीआई फ्लेवर प्रोफाइलिंग ट्रेसबिलिटी डिवाइस” को आधिकारिक तौर पर डिज़ाइन पंजीकरण प्रदान किया है। यह मान्यता इस उपकरण की मौलिकता और इसकी कार्यक्षमता को प्रमाणित करती है। 

विशिष्ट वैज्ञानिकों की टीम ने किया आविष्कार

इस क्रांतिकारी डिवाइस का विकास बीएयू के दस प्रमुख वैज्ञानिकों की टीम ने मिलकर किया है। इस नवाचार में डॉ. आदित्य सिन्हा, डॉ. मोहम्मद शमशेर अहमद, डॉ. अभिजीत घटक, और कुलपति डॉ. दुनिया राम सिंह सहित कई विशेषज्ञों का संयुक्त योगदान रहा है। यह पंजीकरण न केवल वैज्ञानिकों की मेहनत को दर्शाता है, बल्कि बिहार के कृषि अनुसंधान को वैश्विक मंच पर भी मजबूती प्रदान करता है। 

जीआई उत्पादों की सुरक्षा और शुद्धता का कवच

यह डिवाइस विशेष रूप से भौगोलिक संकेतक (जीआई) प्राप्त कृषि उत्पादों, जैसे जर्दालू आम या कतरनी चावल, की गुणवत्ता और उनके असली स्वाद (फ्लेवर प्रोफाइलिंग) की जांच करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इसके माध्यम से उत्पादों की 'ट्रेसबिलिटी' सुनिश्चित की जा सकेगी, जिससे बाज़ार में असली जीआई उत्पादों के नाम पर होने वाली मिलावट या धोखाधड़ी को रोका जा सकेगा। 

निदेशक अनुसंधान के मार्गदर्शन में मिली सफलता

इस तकनीक का विकास विश्वविद्यालय के निदेशक अनुसंधान और जीआई सुविधा केंद्र के नोडल अधिकारी डॉ. ए. के. सिंह के मेंटरशिप में किया गया है। उनके नेतृत्व में इस तकनीक को बौद्धिक संपदा सृजन और जीआई संरक्षण प्रणालियों से जोड़ा गया है। यह डिवाइस गुणवत्ता प्रमाणीकरण और मूल्य शृंखला को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से तैयार की गई है। 

कुलपति ने बताया रणनीतिक जीत

बीएयू के कुलपति डॉ. डी. आर. सिंह ने इस उपलब्धि पर गर्व व्यक्त करते हुए इसे विश्वविद्यालय की रणनीतिक सोच का परिणाम बताया है। उन्होंने कहा कि विज्ञान और गुणवत्ता आश्वासन का यह एकीकरण बिहार के विशिष्ट उत्पादों को राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाएगा। यह नवाचार किसानों की आय बढ़ाने और बाज़ार में विश्वसनीयता कायम करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। 

निर्यात और ब्रांडिंग को मिलेगा नया बल

डायनेमिक जीआई फ्लेवर प्रोफाइलिंग डिवाइस के आने से बिहार के कृषि उत्पादों की मानकीकृत गुणवत्ता जांच और ब्रांडिंग को मजबूती मिलेगी। इससे उत्पादों की निर्यात-तत्परता बढ़ेगी, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों में बिहार के उत्पादों की मांग और कीमत दोनों में इजाफा होने की संभावना है। यह राष्ट्रीय प्राथमिकताओं और क्षेत्र-विशिष्ट कृषि संवर्धन के बिल्कुल अनुरूप है। 

कृषि नवाचार का अग्रणी केंद्र बना बीएयू

यह डिज़ाइन पंजीकरण मिलने के बाद बीएयू, सबौर अब बौद्धिक संपदा विकास और कृषि नवाचार के क्षेत्र में एक अग्रणी संस्थान के रूप में स्थापित हो गया है। यह उपलब्धि बिहार में गुणवत्ता-आधारित कृषि परिवर्तन लाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। आने वाले समय में यह तकनीक किसानों के लिए बाज़ार संपर्क और सतत विकास का मुख्य आधार बनेगी।

Report - balmukund kumar


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