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Bihar News : बिहार में अस्पताल बनाकर चालू करना भूल गया स्वास्थ्य विभाग, 18 साल से इलाज के लिए तरस रहे ग्रामीण, अधिकारी बोले-हॉस्पिटल का कोई रिकॉर्ड नहीं

Bihar News : भागलपुर में करोड़ों की सरकारी लागत से निर्मित स्वास्थ्य उपकेंद्र भवन निर्माण के 18 वर्षों बाद भी आज तक चालू नहीं हो सका है। इसे विधिवत स्वास्थ्य विभाग को हैंडओवर नहीं किया गया।

Bihar News : बिहार में अस्पताल बनाकर चालू करना भूल गया स्वास
हैण्डओवर का इंतजार - फोटो : BALMUKUND

BHAGALPUR : गोपालपुर प्रखंड क्षेत्र में वर्ष 2008 में निर्मित स्वास्थ्य उपकेंद्र भवन 18 वर्षों बाद भी स्वास्थ्य विभाग को हैंडओवर नहीं किए जाने के कारण आज तक चालू नहीं हो सका है। सरकारी धन से निर्मित यह भवन स्वास्थ्य सेवाएं देने के बजाय अब भूसा, मक्का का लारा और अन्य कृषि सामग्री रखने का गोदाम बनकर रह गया है। इसके चलते आसपास के हजारों ग्रामीण आज भी प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित हैं। ग्रामीणों ने बताया कि इस भवन का निर्माण तत्कालीन गोपालपुर विधायक गोपाल मंडल के कार्यकाल में कराया गया था। भवन निर्माण पूरा होने के बावजूद इसे आज तक स्वास्थ्य विभाग को विधिवत सुपुर्द नहीं किया गया। परिणामस्वरूप यहां न तो चिकित्सकों की नियुक्ति हुई और न ही किसी प्रकार की स्वास्थ्य सेवा शुरू हो सकी।

ग्रामीणों का कहना है कि जिस भवन में मरीजों का इलाज होना चाहिए था, वहां आज कृषि उपज और भूसा रखा जा रहा है। वर्षों से उपयोग नहीं होने के कारण भवन की स्थिति भी लगातार जर्जर होती जा रही है और करोड़ों रुपये की सरकारी संपत्ति बेकार पड़ी है। ग्रामीणों ने बताया कि इस समस्या को लेकर उन्होंने सरकार के ई-पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई है। इसके अलावा गोपालपुर के विधायक सह ऊर्जा मंत्री शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल को भी लिखित आवेदन देकर भवन को स्वास्थ्य विभाग को हैंडओवर कराने तथा यहां स्वास्थ्य सेवाएं शुरू कराने की मांग की है। हालांकि अब तक इस दिशा में कोई ठोस पहल नहीं हो सकी है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि इस स्वास्थ्य उपकेंद्र को शुरू कर दिया जाए तो आसपास के हजारों लोगों को प्राथमिक उपचार, टीकाकरण, गर्भवती महिलाओं की जांच, बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण तथा अन्य बुनियादी चिकित्सा सुविधाएं गांव के नजदीक ही उपलब्ध हो सकेंगी। वर्तमान में लोगों को मामूली इलाज के लिए भी दूर स्थित स्वास्थ्य केंद्रों का सहारा लेना पड़ता है।

इस संबंध में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. सुधांशु कुमार ने बताया कि उक्त भवन का आज तक स्वास्थ्य विभाग को हैंडओवर नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि विभाग के पास इस भवन से संबंधित कोई अभिलेख उपलब्ध नहीं है। हालांकि इस मामले में उनके द्वारा उच्च अधिकारियों और संबंधित विभाग को पत्र लिखकर आवश्यक कार्रवाई का अनुरोध किया गया है। अब ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि 18 वर्षों से लंबित इस मामले का शीघ्र समाधान करते हुए भवन को स्वास्थ्य विभाग को विधिवत हैंडओवर कराया जाए, ताकि यहां स्वास्थ्य सेवाएं शुरू हो सकें और क्षेत्र की जनता को इसका लाभ मिल सके।

NSIT
Nsmch

भागलपुर से बालमुकुंद कुमार की रिपोर्ट