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Bihar Train Accident: बिहार में टला बड़ा ट्रेन हादसा, बाल-बाल बची 120 की रफ्तार वाली इंटरसिटी, कूद कूद कर भागने लगे यात्री

Bihar Train Accident: बिहार में एक बड़ा रेल हादसा होते-होते रह गया।

Bagaha Patliputra Intercity Express Escapes
बिहार में टला बड़ा ट्रेन हादसा- फोटो : social Media

Bihar Train Accident: बिहार में एक बड़ा रेल हादसा होते-होते रह गया।बेतिया में एक बड़ा रेल हादसा होते-होते रह गया। बगहा-पाटलिपुत्र इंटरसिटी एक्सप्रेस मौत के मुहाने तक पहुंच गई थी, लेकिन ऐन वक्त पर खतरा टल गया। कुमार बाग रेलखंड पर रेल ट्रैक में फैक्चर मिलने से यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। अगर चूक हो जाती,तो अंजाम बेहद खौफनाक हो सकता था।

महज 10 दिन पहले ही इस 9 किलोमीटर लंबे दोहरीकरण कार्य का सीआरएस (कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी) निरीक्षण 18 फरवरी को हुआ था। इसके बाद इस रूट पर 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेनें दौड़ाई जा रही थीं। लेकिन इतनी जल्दी ट्रैक का टूट जाना कई सवाल खड़े कर रहा है क्या यह महज़ तकनीकी खामी थी या किसी बड़ी लापरवाही की दस्तक?

कुमार बाग रेलवे स्टेशन के पास ट्रैक में दरार देख ड्राइवर ने फौरन सतर्कता दिखाई, जिससे इंटरसिटी एक्सप्रेस को रोक दिया गया। करीब दो घंटे तक ट्रेन वहीं खड़ी रही। सैकड़ों यात्री दहशत में डिब्बों के भीतर बैठे रहे। कुछ लोग प्लेटफॉर्म और ट्रैक के किनारे उतर आए। माहौल में बेचैनी साफ झलक रही थी।

भारतीय रेल के स्थानीय अफसर मौके पर पहुंचे। तात्कालिक मरम्मत कर ट्रैक को दुरुस्त किया गया और फिर इंटरसिटी को आगे रवाना किया गया। अन्य ट्रेनों की आवाजाही फिलहाल दूसरे रेल लाइन से कराई जा रही है।

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रेलवे सूत्रों के मुताबिक, फैक्चर की वजह जानने के लिए जांच के आदेश दे दिए गए हैं। सवाल यह भी उठ रहा है कि सीआरएस की हरी झंडी के महज दस दिन बाद ट्रैक में दरार कैसे आ गई? क्या गुणवत्ता में कहीं कोताही बरती गई या निगरानी में कमी रही?

गनीमत रही कि वक्त रहते खतरे की बू आ गई, वरना बेतिया की धरती पर एक बड़ा हादसा सियाही बनकर दर्ज हो सकता था। फिलहाल जांच जारी है, लेकिन यह वाकया रेल सुरक्षा के दावों पर गंभीर सवालिया निशान छोड़ गया है।