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Bihar Banka: 'कैश दो, तभी बनेगा जॉब कार्ड', बांका मनरेगा कार्यालय बना उगाही का अड्डा, खुलेआम जारी है वसूली का गंदा खेल, वीडियो वायरल

Bihar Banka: बिहार के बांका जिले में मनरेगा योजना के तहत जॉब कार्ड बनवाने के नाम पर खुलेआम रिश्वत ली जा रही है। जानिए इस भ्रष्टाचार की पूरी सच्चाई और सरकार की प्रतिक्रिया।

banka manrega job
banka manrega job- फोटो : news4nation

Bihar Banka Job Card Scam: बांका में सरकार की ओर से चलाई जा रही मनरेगा योजना का उद्देश्य गरीबों को रोजगार मुहैया कराना है। लेकिन बांका जिले के अमरपुर प्रखंड में इस योजना की जमीनी सच्चाई बेहद चौंकाने वाली है। यहां मनरेगा कार्यालय भ्रष्टाचार का अड्डा बन चुका है, जहां जॉब कार्ड बनवाने के नाम पर खुलेआम गरीब जनता  से वसूली की जा रही है।

कार्यालय में कर्मियों का गैरजिम्मेदार रवैया

जब गरीब आवेदक जॉब कार्ड बनवाने कार्यालय पहुंचते हैं और वहां तैनात कर्मियों से जानकारी मांगते हैं तो उन्हें टालने का रवैया अपनाया जाता है। “सर, कौन-कौन से कागज लगते हैं?” जैसे सामान्य सवालों का जवाब भी नहीं दिया जाता। कर्मियों का जवाब होता है “हमें कुछ नहीं पता, अभी कार्ड नहीं बनेगा।” कार्ड बनने का समय खत्म हो गया है यह स्थिति तब और भी शर्मनाक हो जाती है जब सरकार गांव-गांव में डॉ. अंबेडकर समग्र सेवा शिविर लगाकर लोगों की समस्याओं का ऑन-द-स्पॉट समाधान करने की कोशिश कर रही है।

'कैश दो, तभी बनेगा कार्ड' – खुलेआम वसूली का खेल

कार्यालय में पहुंचने वाले गरीबों से 100 से 200 रुपये की मांग की जाती है। उन्हें इधर-उधर भटकाया जाता है और अंत में दलालों के पास भेजा जाता है। दलाल बेधड़क कह देते हैं आज बनवाना है तो 200 रुपये दो, कल बनवाओगे तो 100 में होगा। जो भी गरीब इस अवैध मांग का विरोध करता है, उसे यह कहकर टरका दिया जाता है।अब जॉब कार्ड बनवाने का समय खत्म हो गया है, बाद में आना।

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लाचार जनता, मजबूरी में रिश्वत

अशिक्षित और लाचार लोग, जिन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना या अन्य सरकारी लाभ लेने के लिए जॉब कार्ड की जरूरत है, इस भ्रष्ट तंत्र के आगे घुटने टेक देते हैं। मजबूरी में वे अपनी मेहनत की गाढ़ी कमाई रिश्वत में देकर कार्ड बनवाते हैं।

कर्मचारियों की मौजूदगी में होता है सब कुछ

सबसे दुखद और चिंताजनक पहलू यह है कि यह सबकुछ मनरेगा कार्यालय के भीतर कर्मचारियों की मौजूदगी में होता है। इसके बावजूद कोई हस्तक्षेप नहीं करता। उच्चाधिकारी अक्सर अपने चेंबर से नदारद रहते हैं, जिससे यह पूरा तंत्र बेलगाम होता जा रहा है।

मनरेगा पदाधिकारी का बयान

इस पूरे प्रकरण पर जिला मनरेगा पदाधिकारी श्रीनिवास कुमार ने कहा कि हमें इस तरह की शिकायतें और कुछ वीडियो प्राप्त हुए हैं। यदि कोई कर्मी इसमें संलिप्त पाया जाता है, तो उस पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। जॉब कार्ड पूरी तरह निःशुल्क बनते हैं, कोई भी कर्मचारी यदि पैसे की मांग करता है तो तुरंत हमें सूचित करें। जॉब कार्ड बनाना कभी बंद नहीं होगा, यह सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता वाली योजना है।”

बांका से चंद्रशेखर कुमार भगत कि रिपोर्ट