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विजय सहनी हत्याकांड में कोर्ट का बड़ा फैसला, पांच दोषियों को उम्रकैद

बगहा के चर्चित विजय सहनी हत्याकांड मामले में तकरीबन 4 साल बाद कोर्ट का फैसला आ गया है। कोर्ट ने पांच दोषियों को उम्र कैद की सजा सुनाई है। वहीं आरोपी को 11 सितंबर को सजा सुनाई जाएगी.....

विजय सहनी हत्याकांड में कोर्ट का बड़ा फैसला, पांच दोषियों को
विजय सहनी हत्याकांड में पांच दोषियों को उम्रकैद- फोटो : नागेन्द्र

Bagha : पश्चिम चंपारण के बगहा से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां चर्चित विजय सहनी हत्याकांड में अदालत ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश चतुर्थ मानवेंद्र मिश्र की अदालत ने अपहरण, हत्या, साक्ष्य छिपाने और आपराधिक षड्यंत्र के मामले में पांच आरोपियों—महफूज अंसारी, राजकिशोर महतो, तेतर राम उर्फ साधु, श्री मुशहर और गीता देवी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। वहीं, मामले के मुख्य आरोपी अशोक यादव को भी अदालत ने दोषी करार दिया है, जिसकी सजा का फैसला आगामी 11 सितंबर को सुनाया जाएगा।

बहन ने प्रेमी संग मिलकर रची थी भाई की हत्या की साजिश 

अदालत में सुनवाई के दौरान यह बात साफ हो गई कि यह जघन्य हत्याकांड संपत्ति के लालच में अंजाम दिया गया था। मृतक विजय सहनी की सगी बहन गीता देवी पर ही अपने भाई के कत्ल की साजिश रचने का मुख्य आरोप साबित हुआ। अभियोजन पक्ष के अनुसार, आरोपी गीता देवी ने अपने प्रेमी और अन्य साथियों के साथ मिलकर आपराधिक षड्यंत्र रचा तथा संपत्ति विवाद के कारण अपने ही भाई विजय की निर्मम हत्या करवा दी।

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पोखरा विवाद सुलझाने के बहाने बुलाकर किया था अपहरण 

यह पूरा मामला रामनगर थाना क्षेत्र का है, जिसकी शुरुआत 1 मई 2022 की शाम को हुई थी। उस दिन विजय कुमार सहनी को पोखरा से जुड़े एक विवाद को बातचीत के जरिए सुलझाने के बहाने फोन करके बुलाया गया था। विजय अपनी बाइक से घर से निकले, लेकिन उसके बाद कभी वापस नहीं लौटे। काफी खोजबीन करने के बाद जब उनका कोई सुराग नहीं मिला, तो 4 मई को उनकी पत्नी आशा देवी ने रामनगर थाने में गुमशुदगी और अपहरण की प्राथमिकी दर्ज कराई थी।

24 पुख्ता दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने माना दोषी 

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मामले की तफ्तीश के बाद पुलिस ने अपहरण, हत्या, सबूत मिटाने और साजिश रचने की धाराओं के तहत कोर्ट में आरोपपत्र दाखिल किया। मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने आरोपियों को कड़ी सजा दिलाने के लिए अदालत के सामने गवाहों के बयान, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) समेत कुल 24 महत्वपूर्ण दस्तावेजी साक्ष्य पेश किए। लंबी कानूनी प्रक्रिया और गहन सुनवाई के बाद अदालत ने प्रस्तुत सबूतों के आधार पर सभी को दोषी ठहराया।

पीड़ित परिवार ने जताई संतुष्टि, अभियोजक बोले- समाज में जाएगा कड़ा संदेश 

अदालत के इस फैसले पर मृतक विजय सहनी के परिजनों ने संतोष जताया है और न्यायपालिका का आभार व्यक्त किया है। वहीं, सरकारी वकील जीतेन्द्र भारती ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि न्यायालय के इस फैसले से समाज में संपत्ति के लिए साजिश रचने वालों पर सख्त संदेश जाएगा। उन्होंने कहा कि अपराधी चाहे कितना भी शातिर क्यों न हो, कानून के शिकंजे से बच नहीं सकता और उसे उसके कर्मों की सजा जरूर मिलती है।

नागेन्द्र नारायण की रिपोर्ट