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Bihar News: 'विवादित' अधिकारी की वापसी पर राजद का संग्राम, 'भ्रष्टाचार की गंगा बहाने' का आरोप, 'सड़क से सदन तक' आंदोलन की धमकी

Bihar News:समाज कल्याण विभाग का एक फैसला अब सियासी तूफान खड़ा कर रहा है।....

Bihar News:  'विवादित' अधिकारी की वापसी पर राजद का संग्राम,
'विवादित' अधिकारी की वापसी पर राजद का संग्राम- फोटो : reporter

Bihar News: समाज कल्याण विभाग का एक फैसला अब सियासी तूफान खड़ा कर रहा है। बाल संरक्षण इकाई के पूर्व सहायक निदेशक संतोष कुमार चौधरी को एक बार फिर उसी पद पर औरंगाबाद में पदस्थापित किए जाने पर राजद ने तीखा हमला बोला है। उनके पिछले 'विवादास्पद कार्यकाल' को देखते हुए राजद ने इसे 'भ्रष्टाचार को संरक्षण' देने वाला कदम बताया है और 'सड़क से सदन तक' आंदोलन की चेतावनी दी है।

राजद के औरंगाबाद जिला प्रवक्ता रमेश यादव ने संतोष चौधरी की वापसी पर गहरी आपत्ति जताते हुए कहा कि नीतीश सरकार में भ्रष्टाचार अपने चरम पर है और सरकार भ्रष्ट अधिकारियों को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि चौधरी के यहाँ आने से 'भ्रष्टाचार की गंगा बहेगी' और 'मुजफ्फरपुर जैसे कांड' की पुनरावृति हो सकती है। यह एक गंभीर आरोप है जो इस अधिकारी के पिछले ट्रैक रिकॉर्ड पर सवाल उठाता है।

रमेश यादव ने यह भी बताया कि संतोष चौधरी के पिछले कार्यकाल में, 2021 में प्लेस ऑफ सेफ्टी से 33 बच्चे भाग गए थे। इस घटना की जाँच उप विकास आयुक्त की अध्यक्षता वाली समिति, राज्य स्तरीय टीम और तत्कालीन जिलाधिकारी सौरभ जोरवाल ने की थी। सभी जाँच रिपोर्टों में उनके खिलाफ गंभीर वित्तीय अनियमितता, अनुशासनहीनता, उपेक्षा, बच्चों को पर्याप्त राशन न देना, घटिया सामग्री की आपूर्ति, रसोइए की व्यवस्था न करना और कर्मियों से अमर्यादित भाषा का उपयोग करने के आरोपों को सही पाया गया था। इतना ही नहीं, तत्कालीन जिलाधिकारी ने उनकी सेवाएँ विभाग को वापस भी कर दी थीं और उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई अभी भी लंबित है।

राजद नेता ने आगे कहा कि संतोष चौधरी जहाँ भी रहे हैं, वहाँ भ्रष्टाचार फैलाया है। उन्होंने 2019 का उदाहरण दिया, जब कैमूर में बाल संरक्षण इकाई के सहायक निदेशक के पद पर रहते हुए उन्होंने बच्चा गोद लेने के लिए एक दंपत्ति से अवैध राशि की माँग की थी, जिसके बाद कैमूर के जिलाधिकारी की रिपोर्ट पर उन्हें निलंबित कर दिया गया था।

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वहीं, राजद नेता विकास यादव ने भी संतोष चौधरी को 'दागी अधिकारी' करार देते हुए कहा कि उन्हें औरंगाबाद में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने जिलाधिकारी से अपील की है कि वे पहल करके संतोष चौधरी को वापस भेजें, अन्यथा राजद चुप नहीं बैठेगा और आंदोलन करेगा।

इस मामले में राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर की पार्टी जन सुराज के नेता और समाजसेवी निलोत्तम कुमार ने भी अपनी आपत्ति दर्ज कराई है। उन्होंने सवाल उठाया कि संतोष चौधरी ने 11 साल में ऐसा कौन सा 'अच्छा काम' किया है कि उन्हें इस अवधि में लगातार तीसरी बार औरंगाबाद भेजा जा रहा है। उन्होंने आशंका जताई कि इस 'भ्रष्ट अधिकारी' के आने पर प्लेस ऑफ सेफ्टी में बच्चे सुरक्षित नहीं रहेंगे और उनके हितों की अनदेखी होगी। निलोत्तम कुमार ने भी जिलाधिकारी से ऐसे अधिकारी को रोकने की मांग की है और चेतावनी दी है कि यदि ऐसा नहीं होता है, तो समाज सेवी सड़क पर उतरेंगे और 'सड़क से सदन तक' आंदोलन करेंगे।

रिपोर्ट- दीनानाथ मौआर