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Bihar News: बेटे ने दी शहीद को अंतिम सैलूट, चिता के साथ रोती रही ज़िंदगी, बोली पत्नी-“अब बच्चों का भविष्य कौन लिखेगा?” फूट फूट कर रोने लगे सब

Bihar News: शहीद जवान का पार्थिव शरीर तिरंगे में लिपटकर गांव पहुंचा, तो माहौल मातम में बदल गया।

Bihar News: बेटे ने दी शहीद को अंतिम सैलूट, चिता के साथ रोती
बेटे ने दी शहीद को अंतिम सैलूट- फोटो : reporter

Bihar News: जम्मू-कश्मीर के डोडा से आई ख़बर ने पूरे देश को झकझोर दिया, लेकिन बिहार के भोजपुर ज़िले के लिए यह सिर्फ़ ख़बर नहीं, एक ऐसा ज़ख़्म बन गई है जो बरसों तक रिसता रहेगा। शनिवार की सुबह जब शहीद जवान हरेराम कुंवर (38) का पार्थिव शरीर तिरंगे में लिपटकर गांव पहुंचा, तो माहौल मातम में बदल गया। घर के आंगन में जैसे ही तिरंगा उतरा, हर आंख नम हो गई और हर सीना भारी।

पत्नी खुशबू अपने शहीद पति के शव से लिपटकर फूट-फूटकर रो पड़ीं। उनकी चीख़ें सिर्फ़ एक पत्नी का दर्द नहीं थीं, बल्कि उस सिस्टम से सवाल थीं, जो शहादत पर सलामी तो देता है, मगर पीछे छूट गई ज़िंदगी को अक्सर काग़ज़ों में उलझा देता है। खुशबू बार-बार यही कहती रहीं-“आपने वादा किया था कि मुझे संभालोगे… अब आंखें मूंदकर सोए हो, उठो… बच्चों को कैसे पालूंगी?”

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उन्होंने सेना के एक अधिकारी का हाथ पकड़कर भर्राई आवाज़ में कहा-“हम लावारिस हो गए हैं। मेरे बच्चे अब कैसे पढ़ेंगे? उनकी ज़िम्मेदारी कौन लेगा?”

यह सवाल सिर्फ़ एक अफसर से नहीं था, यह सत्ता, सिस्टम और समाज तीनों से था।

शहीद की मां बार-बार बेहोश हो जा रही थीं। पिता बदहवास आंखों में आंसू और सीने में फ़ख़्र दोनों समेटे बैठे थे। उन्होंने कहा “मुझे अपने बेटे पर गर्व है।” लेकिन सियासत की ज़ुबान में कहें तो गर्व और ग़म का यह संगम, जवाब भी मांगता है।

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बता दें कि गुरुवार दोपहर डोडा में एक ऑपरेशन के दौरान जवानों की बुलेटप्रूफ कैस्पर गाड़ी करीब 200 फीट गहरी खाई में गिर गई, जिसमें भोजपुर के हरेराम कुंवर समेत 10 जवान शहीद हो गए। शहादत की ख़बर पहले परिवार को नहीं दी गई थी। जब रिपोर्टर घर पहुंचा, तो पत्नी ने मासूमियत से पूछा “वो ज़िंदा तो हैं ना? कब तक लौटेंगे?”

यह सवाल आज भी हवा में तैर रहा है शहीदों के सम्मान के साथ-साथ उनके परिवारों के भविष्य की ज़िम्मेदारी कौन लेगा?शनिवार को आरा में पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार होगा, लेकिन खुशबू के सवालों की चिता अभी बुझनी बाकी है।

रिपोर्ट- आशीष कुमार