LATEST NEWS

  • Bihar MLC Election Results
  • Bihar MLC Election Results : 150 प्रत्याशियों की धड़कनें तेज, आज खुलेगा सियासी किस्मत का पिटारा,देर रात तक

  • Bihar Weather: बिहार में फिर बदलेगा मौसम का मिजाज, आज पटना समेत इन इलाकों में बिगड़ेगा मौसम, गरज-चमक के साथ तूफान की आहट!
  • Bihar Weather: बिहार में फिर बदलेगा मौसम का मिजाज, आज पटना समेत इन इलाकों में बिगड़ेगा मौसम, गरज-चमक

  • Naubatpur Traffic
  • Naubatpur Traffic: पटना के नौबतपुर में ट्रैफिक जाम पर उठे सवाल, CCTV फुटेज जांचने की मांग

  • Gaya Police News
  • Gaya Police News: गया में गांधी नगर जमीन विवाद में एसएसपी की बड़ी कार्रवाई, ADG की खबरों

  •  credit card
  • credit card: दिवाली पर HDFC, SBI, ICICI और Axis बैंक के क्रेडिट कार्ड से खरीदारी पर छूट,

Indian Railways: कमाई में नंबर-2, सुविधाओं में फिसड्डी, आरा जंक्शन पर प्यासे यात्री, गंदा पानी और बंद नल ने खोली रेलवे दावों की पोल

Indian Railways: दानापुर रेल मंडल में राजस्व देने के मामले में पटना जंक्शन के बाद दूसरा सबसे महत्वपूर्ण स्टेशन माने जाने वाले आरा रेलवे जंक्शन की हकीकत रेलवे प्रशासन के दावों से बिल्कुल उलट नजर आ रही है।....

Ara Station Earns Big Revenue but Lags in Passenger Care
कमाई में नंबर-2, सुविधाओं में फिसड्डी आरा आरा जंक्शन - फोटो : reporter

Indian Railways: दानापुर रेल मंडल में राजस्व देने के मामले में पटना जंक्शन के बाद दूसरा सबसे महत्वपूर्ण स्टेशन माने जाने वाले आरा रेलवे जंक्शन की हकीकत रेलवे प्रशासन के दावों से बिल्कुल उलट नजर आ रही है। करोड़ों रुपये का राजस्व देने वाला यह स्टेशन आज बुनियादी यात्री सुविधाओं के अभाव से जूझ रहा है। भीषण गर्मी के बीच शुद्ध पेयजल की कमी, बंद पड़े नल और गंदगी से भरे बेसिन यात्रियों की परेशानी को और बढ़ा रहे हैं।

रेल प्रशासन और जनप्रतिनिधि भले ही यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के बड़े-बड़े दावे करते हों, लेकिन स्टेशन की जमीनी तस्वीर उन दावों की सच्चाई बयां कर रही है। प्लेटफॉर्म पर लगे कई नल या तो बंद पड़े हैं या उनमें से बेहद कम मात्रा में पानी निकल रहा है। जहां पानी उपलब्ध भी है, वहां गंदगी का ऐसा आलम है कि यात्री उसका उपयोग करने से कतरा रहे हैं।

भीषण गर्मी के इस दौर में यात्रियों को सबसे अधिक परेशानी पेयजल को लेकर हो रही है। शुद्ध पानी की व्यवस्था नहीं होने के कारण लोग मजबूरी में बाजार से महंगी बंद बोतल खरीदने को विवश हैं। आर्थिक रूप से कमजोर यात्रियों के लिए यह अतिरिक्त बोझ बनता जा रहा है। वहीं कुछ यात्री मजबूरी में गंदे पानी का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे जलजनित बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है।

स्थानीय यात्रियों का कहना है कि राजस्व के मामले में आरा रेलवे स्टेशन की पहचान भले ही अव्वल स्टेशनों में होती हो, लेकिन सुविधाओं के मामले में यह काफी पीछे है। यात्रियों का आरोप है कि स्टेशन पर न तो पर्याप्त पेयजल की व्यवस्था है और न ही साफ-सफाई की स्थिति संतोषजनक है। कई स्थानों पर बेसिन और जलापूर्ति केंद्रों के आसपास गंदगी का अंबार लगा हुआ है, जिससे संक्रमण फैलने की आशंका बनी रहती है।यात्रियों का कहना है कि जब स्टेशन रेलवे को भारी राजस्व दे रहा है, तो सुविधाओं के नाम पर इतनी लापरवाही क्यों बरती जा रही है? उनका सवाल है कि आखिर रेलवे प्रशासन यात्रियों की मूलभूत जरूरतों को पूरा करने में क्यों विफल साबित हो रहा है।

NSIT
Nsmch

सबसे हैरानी की बात यह है कि इस गंभीर समस्या पर रेलवे के जिम्मेदार अधिकारी खुलकर कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं। ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या रेलवे के लिए राजस्व ही सब कुछ है और यात्रियों की सुविधाएं महज कागजी दावों तक सीमित हैं? आरा जंक्शन की मौजूदा स्थिति निश्चित रूप से रेलवे प्रशासन की कार्यशैली और यात्री सुविधाओं को लेकर उसकी प्राथमिकताओं पर बड़ा प्रश्नचिह्न खड़ा करती है।

रिपोर्टर आशीष कुमार