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बड़ा फैसला: अब दो से ज्यादा बच्चे वाले भी लड़ सकेंगे चुनाव, कैबिनेट ने पाबंदी हटाने वाले कानून को दी मंजूरी

नीय निकाय और पंचायत चुनावों को लेकर एक ऐतिहासिक निर्णय लिया गया है, जिसके तहत अब दो से अधिक बच्चों वाले उम्मीदवारों के चुनाव लड़ने पर लगी रोक को हटा दिया गया है। सरकार इस फैसले को कानूनी रूप देने के लिए विधानसभा के मौजूदा सत्र में ही विधेयक पेश करेगी

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N4N Desk - पंचायत और नगर निकाय चुनावों को लेकर एक ऐतिहासिक फैसला लेते हुए दो से अधिक बच्चों वाले उम्मीदवारों के चुनाव लड़ने पर लगी रोक को हटा दिया है.  राजस्थान के कानून मंत्री जोगाराम पटेल ने बुधवार (25 फरवरी) को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस निर्णय की जानकारी साझा की. सरकार अब इस फैसले को कानूनी रूप देने के लिए विधानसभा के मौजूदा सत्र में ही एक विधेयक पेश करने की तैयारी कर रही है.

कैबिनेट मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने इस फैसले का समर्थन करते हुए कहा कि वर्तमान में लोग काफी जागरूक हो चुके हैं. उन्होंने तर्क दिया कि जो लोग आर्थिक रूप से सक्षम हैं और अधिक बच्चों का पालन-पोषण कर सकते हैं, उन्हें चुनावी प्रक्रिया से बाहर रखना उचित नहीं है और उन्हें भी नेतृत्व का समान अवसर मिलना चाहिए.

विपक्ष ने सरकार के इस कदम पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है और इसे वैचारिक एजेंडे से प्रेरित बताया है. कांग्रेस पार्टी ने आरोप लगाया कि राजस्थान सरकार पूरी तरह से आरएसएस (RSS) के एजेंडे पर काम कर रही है. हालांकि, राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि यह निर्णय किसी विशेष विचारधारा से प्रभावित नहीं है.

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इस फैसले के बाद राजस्थान में स्थानीय स्वशासन के चुनावों का स्वरूप बदलने की उम्मीद है. लंबे समय से चली आ रही इस पाबंदी के हटने से बड़ी संख्या में वे लोग अब चुनावी मैदान में उतर सकेंगे, जो अब तक दो से अधिक संतान होने के कारण अयोग्य माने जाते थे. सरकार का मानना है कि इससे लोकतांत्रिक भागीदारी और अधिक व्यापक होगी।