भीख मांगकर गुजारा करने वाले राजू ने गरीबों में बांटे 500 कंबल, कड़ाके की ठंड में पेश की 'गर्मी' वाली मिसाल, पीएम मोदी भी कर चुके हैं तारीफ

जहां कड़ाके की ठंड में संपन्न लोग घरों में दुबके हैं, वहीं पठानकोट के राजू भिखारी ने भीख मांगकर जोड़े गए पैसों से 500 जरूरतमंदों को कंबल बांटकर इंसानियत की नई मिसाल पेश की है।

भीख मांगकर गुजारा करने वाले राजू ने गरीबों में बांटे 500 कंब

N4N desk - पूरे उत्तर भारत में हड्डियां गला देने वाली ठंड और भीषण शीत लहर का कहर जारी है। इस जानलेवा ठंड में जहां आम इंसान का बाहर निकलना दूभर है, वहीं पठानकोट की सड़कों पर रहने वाले राजू भिखारी ने वह कर दिखाया जो बड़े-बड़े धनकुबेर नहीं कर पाते। राजू ने सड़क किनारे रहने वाले बेसहारा लोगों के लिए कंबलों का लंगर लगाया और करीब 500 गर्म कंबल बांटे।

भीख के एक-एक सिक्के से बुनी मदद की चादर

राजू का कहना है कि यह नेक काम उसने किसी दान या संस्था की मदद से नहीं, बल्कि भीख में मिले 10-10 रुपये जोड़कर किया है। राजू ने भावुक होते हुए कहा, "शायद भगवान ने मेरी ड्यूटी लगा रखी है कि मैं जरूरतमंदों की सेवा करूं। वह करवाता है और मैं करता जाता हूं।" राजू के चेहरे का सुकून यह बता रहा था कि सेवा का आनंद धन-दौलत से कहीं ऊपर है।

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पीएम मोदी भी 'मन की बात' में कर चुके हैं सलाम

यह पहली बार नहीं है जब राजू ने समाज को आइना दिखाया हो। कोविड काल के दौरान भी राजू के सेवा कार्यों की गूंज दिल्ली तक पहुंची थी, जब खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'मन की बात' कार्यक्रम में उनके जज्बे का जिक्र किया था। एक बार फिर राजू का यह कार्य समाज के संपन्न वर्ग के लिए एक बड़ी सीख बनकर उभरा है।

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मददगार के पास अपना 'घर' तक नहीं

हैरानी की बात यह है कि जो शख्स दूसरों को ठंड से बचाने के लिए कंबल बांट रहा है, उसके पास खुद सिर छुपाने को अपनी छत नहीं है। राजू ने सरकार से एक घर की गुहार लगाई है ताकि उनकी जिंदगी का आखिरी सफर थोड़ा आसान हो सके। मौके पर पहुंचे आम आदमी पार्टी के नेता ने भी राजू के जज्बे को सलाम करते हुए समाज को उनसे प्रेरणा लेने की बात कही।