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JPSC-JSSC आंदोलन, छात्रों की 10 अगस्त को विधानसभा मार्च की चेतावनी, छठी वार्ता में होगा बड़ा फैसला

JCM ने 14वीं JPSC सिविल सेवा परीक्षा रद्द करने समेत पांच मांगें रखीं। वहीं NSUI ने छह मांगों में संदिग्ध JPSC और JSSC परीक्षाओं की 90 दिनों के भीतर CID जांच तथा National Testing Agency की तर्ज पर Jharkhand Testing Agency बनाने की मांग की है।

JPSC-JSSC Protest Students
JPSC-JSSC Protest Students- फोटो : news4nation

JPSC-JSSC Protest Students :  झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षा में सुधार की मांग को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है। सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच हुई बैठकों के बावजूद सभी मुद्दों पर सहमति नहीं बन सकी। इसके बाद राज्य सरकार ने रविवार दोपहर 12 बजे छात्र प्रतिनिधियों के साथ छठे दौर की वार्ता बुलाने का फैसला किया है। हालांकि, आंदोलनकारी छात्रों ने सरकार के इस कदम पर सवाल उठाते हुए इसे राजनीतिक रणनीति करार दिया है।

JPSC-JSSC Reforms Manch के नेता रविंद्र पासवान ने आरोप लगाया कि सरकार अलग-अलग छात्र संगठनों से बातचीत कर आंदोलन को कमजोर करने और छात्रों के बीच मतभेद पैदा करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि आंदोलन में सक्रिय भूमिका नहीं निभाने वाले संगठनों से अलग-अलग बातचीत कर सरकार मुख्य मांगों से लोगों का ध्यान भटकाना चाहती है। पासवान ने दावा किया कि सभी छात्र अपनी मांगों को लेकर एकजुट हैं।

 

25 जुलाई से जारी है प्रदर्शन 

छात्रों का प्रदर्शन 25 जुलाई से जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में जारी है। पासवान के मुताबिक, शुक्रवार रात पांच सदस्यीय सरकारी पैनल के साथ हुई विस्तृत बैठक में आंदोलनकारी छात्रों ने अपनी सभी मांगें रखी थीं। इसके बाद शनिवार को सरकार ने NSUI, JCM और आदिवासी छात्र संघ (ACS) समेत अलग-अलग छात्र संगठनों से बातचीत की और उनकी मांगों का चार्टर लिया। सरकार का कहना है कि बातचीत सकारात्मक माहौल में हुई है और छात्रों की चिंताओं पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के साथ शनिवार शाम करीब चार घंटे तक चली बैठक के बाद रविवार को एक और दौर की वार्ता का फैसला लिया गया। ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने बताया कि सरकारी पैनल ने मुख्यमंत्री को छात्र प्रतिनिधिमंडलों की मांगों और चिंताओं से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि रविवार दोपहर 12 बजे आंदोलनकारी छात्रों के साथ अंतिम दौर की बातचीत होगी।

परीक्षा रद्द करने समेत पांच मांगें

छात्र संगठनों ने परीक्षा सुधार को लेकर कई महत्वपूर्ण मांगें रखी हैं। JCM ने 14वीं JPSC सिविल सेवा परीक्षा रद्द करने समेत पांच मांगें रखीं। वहीं NSUI ने छह मांगों में संदिग्ध JPSC और JSSC परीक्षाओं की 90 दिनों के भीतर CID जांच तथा National Testing Agency की तर्ज पर Jharkhand Testing Agency बनाने की मांग की है। आदिवासी छात्र संघ के नेता कार्तिक उरांव ने भर्ती परीक्षाओं में जनजातीय और क्षेत्रीय भाषाओं को क्वालिफाइंग पेपर के रूप में शामिल करने तथा जिन परीक्षाओं में गड़बड़ी मिली है, उन्हें रद्द करने की मांग की।

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10 अगस्त को विधानसभा मार्च

सरकार ने अभ्यर्थियों से परीक्षा और भर्ती प्रक्रिया में सुधार के सुझाव लेने के लिए ई-मेल आईडी भी जारी की है। हालांकि, आंदोलनकारी छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी सभी मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन जारी रहेगा। छात्रों ने सरकार को रविवार तक का समय दिया है। मांगें नहीं माने जाने पर 10 अगस्त को विधानसभा मार्च की घोषणा की गई है।

 ABVP का  11 अगस्त को अलग विधानसभा मार्च 

इस आंदोलन में AISA और ABVP भी सक्रिय हैं। AISA ने शनिवार को स्टेडियम में अलग मंच बनाया, लेकिन संगठन ने स्पष्ट किया कि इसे अलग आंदोलन नहीं माना जाए। वहीं ABVP ने मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च किया था, जहां पुलिस से झड़प के बाद करीब 8 से 10 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया था। बाद में उन्हें छोड़ दिया गया। ABVP ने 11 अगस्त को अलग विधानसभा मार्च की घोषणा की है।

इस बीच, JPSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के मामले में अब तक 19 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। पूर्व पैनल अध्यक्ष एल खियांग्ते से 28 जुलाई के बाद चार बार पूछताछ की जा चुकी है।