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Karpoori Thakur : भारत रत्न कर्पूरी ठाकुर का हुआ अपमान, भाजपा शासित राज्य में बोर्ड उखाड़कर फेंका, भारी बवाल

एक वायरल वीडियो में भीड़ द्वारा भारत रत्न कर्पूरी ठाकुर के नाम पर लगे बोर्ड को उखाड़ फेंकने की घटना सामने आने पर अब इस मामले में सांसद चंद्रशेखर आज़ाद ने भाजपा सरकार को जमकर निशाने पर लिया है.

Karpoori Thakur
Karpoori Thakur board was uprooted and thrown away in BJP ruled Haryana- फोटो : news4nation

Karpoori Thakur :  भारत रत्न कर्पूरी ठाकुर के नाम पर बने बोर्ड को उखाड़कर फेंकने की घटना का वीडियो वायरल होने के बाद इसे लेकर भाजपा सरकार निशाने पर आ गई है. वीडियो पोस्ट करते हुए सांसद चंद्रशेखर आज़ाद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर हरियाणा सरकार को निशाने पर लिया है. उन्होंने कहा कि हरियाणा के जिला पलवल में भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर जी के बोर्ड को उखाड़ फेंकने की घटना न सिर्फ निंदनीय, बल्कि सामाजिक न्याय के खिलाफ सोची-समझी साजिश है। यह घटना उन जातिवादी मानसिकताओं की पोल खोलती है जो आज भी पिछड़े, दलित और वंचित समाज के महापुरुषों के सम्मान से चिढ़ती हैं।

वे आए लिखते हैं कि 'लेकिन वे यह भूल रहे हैं कि कर्पूरी ठाकुर सिर्फ एक नाम नहीं, बल्कि सामाजिक क्रांति और हक-हकूक की ज्वलंत मशाल हैं, जिसे कोई मिटा नहीं सकता! यह हमला उस विचारधारा पर है जिसने पिछड़ों, दलितों और गरीबों को उनका हक दिलाया। यह घटना दर्शाती है कि जातिवादी शक्तियां आज भी समतामूलक समाज से डरती हैं और कर्पूरी ठाकुर जैसे महापुरुषों के प्रतीकों को मिटाकर बहुजन चेतना को कमजोर करना चाहती हैं।' 

उन्होंने हरियाणा सरकार से माँग की कि दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। वहीं पर दोबारा कर्पूरी ठाकुर जी का सम्मानजनक बोर्ड लगाया जाए और उसकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। ऐसे तत्वों के खिलाफ सख्त संदेश देने के लिए सरकार व प्रशासन सार्वजनिक रूप से इस घटना की निंदा करें। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि मैं चेतावनी देता हूं कि अगर दोषियों पर तुरंत कार्रवाई नहीं हुई, तो इसे बहुजन समाज पर हमला माना जाएगा और लोकतांत्रिक तरीके से निर्णायक आं दोलन खड़ा किया जाएगा। कर्पूरी ठाकुर जी अमर थे, अमर हैं, और अमर रहेंगे! उनकी विचारधारा को कोई ताकत नहीं मिटा सकती!

कौन हैं कर्पूरी ठाकुर 

कर्पूरी ठाकुर का जन्म 24 जनवरी 1924 को हुआ था. वे बिहार के मुख्यमंत्री रहे. 26 जनवरी 2024 को, उन्हें भारत सरकार द्वारा मरणोपरांत भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान, भारत रत्न से सम्मानित किया गया .कर्पूरी ठाकुर को बिहार के मौजूद दौर के राजनेताओं लालू यादव, नीतीश कुमार आदि का गुरु माना जाता है. 

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