मन की बात में पीएम मोदी का नशा-मुक्त भारत का संदेश, स्वनिधि योजना से बदली महिलाओं की किस्मत

पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि 'नशामुक्त युवा फॉर विकसित भारत', यह अभियान इस समय पूरे देश में तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसका लक्ष्य बिलकुल साफ है- नशामुक्त युवा, ड्रग फ्री इंडिया।

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Mann Ki Baat- फोटो : news4nation

Mann Ki Baat : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने ‘मन की बात’ कार्यक्रम के 137वें एपिसोड में नशा-मुक्त भारत और युवाओं के लिए एक मज़बूत भविष्य की बात कही।  उन्होंने सबसे पहले भारतीय इतिहास को लेकर चर्चा की। पीएम मोदी ने युवाओं को इतिहास के ज्ञान को आसानी से प्राप्त करने के लिए WWW. BHARATRAJYA.COM वेबसाइट पर जाने की अपील की। उन्होंने कहा कि इस वेबसाइट पर कोई भी एक साल चुनें और आपको पता चल जाएगा कि उस समय भारत के किस हिस्से पर किसने शासन किया था।


नशा मुक्ति अभियान तेजी से चल रहा: पीएम मोदी

पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि 'नशामुक्त युवा फॉर विकसित भारत', यह अभियान इस समय पूरे देश में तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसका लक्ष्य बिलकुल साफ है- नशामुक्त युवा, ड्रग फ्री इंडिया। बहुत से लोग, खासकर युवा, इसका बड़ा हिस्सा बन गए हैं। यह भारत के युवाओं की सेहत, खुशी और उज्ज्वल भविष्य के लिए हमारा सामूहिक संकल्प है। पीएम मोदी ने कहा कि हमारे हजारों युवा नशे के चंगुल में फंस रहे हैं जिसके चलते उनके परिवार को परेशानी झेलनी पड़ रही है। हमें युवाओं को संभालना होगा।

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पीएम मोदी ने उत्तर प्रदेश के युवा स्वयंसेवकों और अमरनाथ यात्रा के दौरान स्वच्छता के प्रयासों का ज़िक्र किया। पीएम मोदी ने कहा कि पीएम स्वनिधि योजना लाखों माताओं और बहनों को नई शक्ति प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा, “महिला सशक्तिकरण के इस पहलू पर उतनी चर्चा नहीं होती जितनी होनी चाहिए। पीएम स्वनिधि योजना के लाभार्थियों में लगभग 46 प्रतिशत महिलाएं हैं। इसका मतलब है कि देश भर में लगभग 35 लाख महिलाएं इस योजना से जुड़ी हैं और अपने व्यवसाय को आगे बढ़ा रही हैं।”


पीएम मोदी ने कहा कि Mission ShaktiSAT के माध्यम से 108 देशों की 12 हजार छात्राओं को सैटेलाइट टेक्नोलॉजी सीखने और इनोवेशन के क्षेत्र में आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है। 23 अगस्त, नेशनल स्पेस डे पर इस मिशन की एक सुंदर तस्वीर उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में देखने को मिली।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि जब स्वच्छता हर नागरिक की व्यक्तिगत प्रतिबद्धता बन जाती है, तो इसका असर केवल आस-पास की सफाई तक ही सीमित नहीं रहता। यह पूरी जगह की पहचान और चरित्र को बदल देता है।