LATEST NEWS

  • Patna crime
  • Patna crime: पटना में अपराधियों का तांडव, जमीन कारोबारी पर फायरिंग, एम्स में इलाज जारी

  •  Bhojpur murder
  • Bhojpur murder: भोजपुर में जमीन के लिए खूनी खेल! 70 साल के किसान की पीटकर हत्या, आरोपी

  • Nawada gas leak
  • Nawada gas leak: बच्चों के लिए दूध गर्म करना पड़ा महंगा! नवादा में गैस रिसाव से महिला बुरी

  • Munger Fake cigarettes
  • Munger Fake cigarettes: नकली सिगरेट कारोबार पर पुलिस की नजर, मुंगेर के बाकरपुर में छापेमारी

  • Purnia road accident
  • Purnia road accident: पूर्णिया के कप्तान पुल पर हादसा, नदी में गिरी तेज रफ्तार कार, चालक की मौत

भारत का 'भैंस मांस' निर्यात में नया रिकॉर्ड, पहली बार 5.1 अरब डॉलर के पार पहुंचा कारोबार

वाणिज्य मंत्रालय के अधिकारियों के हवाले से सामने आई जानकारी के मुताबिक, अगर मौजूदा रफ्तार बनी रहती है तो वित्त वर्ष 2026-27 में भारत का भैंस के मांस का निर्यात 6 अरब डॉलर के पार जा सकता है।

Buffalo meat export
Buffalo meat export- फोटो : news4nation

Buffalo meat export :  भारत ने भैंस के मांस के निर्यात के क्षेत्र में नया रिकॉर्ड कायम किया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ‘कैराबीफ’ (Carabeef) के नाम से पहचाने जाने वाले भैंस के मांस का निर्यात वित्त वर्ष 2025-26 में बढ़कर करीब 5.1 अरब डॉलर पहुंच गया। सालाना आधार पर इसमें 25.6 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, भारत पहली बार इस निर्यात में 5 अरब डॉलर के आंकड़े को पार कर गया है।

इससे पहले वित्त वर्ष 2024-25 में भारत ने 12.55 लाख टन भैंस के मांस का निर्यात किया था, जिसकी कीमत 4.06 अरब डॉलर रही। APEDA के आंकड़ों के मुताबिक, उस साल भैंस के मांस का हिस्सा भारत के कुल पशु उत्पाद निर्यात में करीब 79.4 फीसदी था। इसके प्रमुख विदेशी बाजारों में वियतनाम, मिस्र, मलेशिया, इराक और सऊदी अरब शामिल रहे।

अप्रैल-जून में भी निर्यात में जबरदस्त उछाल

नए वित्त वर्ष 2026-27 की शुरुआत भी इस सेक्टर के लिए मजबूत रही है। अप्रैल-जून 2026 के दौरान भैंस के मांस का निर्यात करीब 1.5 अरब डॉलर रहा, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह लगभग 896.8 मिलियन डॉलर था। यानी सालाना आधार पर करीब 66.6 फीसदी की बढ़ोतरी हुई।

जून तक के आंकड़े भी इस बात की ओर इशारा करते हैं कि विदेशी बाजार में भारतीय भैंस के मांस की मांग मजबूत बनी हुई है। APEDA से जुड़े आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल-जून तिमाही में भैंस के मांस और गैर-बासमती चावल की मजबूत मांग ने APEDA के तहत आने वाले कृषि उत्पादों के निर्यात को भी बढ़ावा दिया।

NSIT
Nsmch

6 अरब डॉलर के पार पहुंच सकता है निर्यात

वाणिज्य मंत्रालय के अधिकारियों के हवाले से सामने आई जानकारी के मुताबिक, अगर मौजूदा रफ्तार बनी रहती है तो वित्त वर्ष 2026-27 में भारत का भैंस के मांस का निर्यात 6 अरब डॉलर के पार जा सकता है। निर्यात कारोबार में नए बाजारों की भूमिका भी बढ़ रही है। उज्बेकिस्तान, रूस, ओमान, सेनेगल और जॉर्जिया जैसे बाजारों में भारतीय भैंस के मांस के लिए संभावनाएं बढ़ी हैं।

उत्तर प्रदेश सबसे बड़ा केंद्र

भारत में भैंस के मांस के उत्पादन और निर्यात में उत्तर प्रदेश की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। APEDA के अनुसार देश की कुल भैंस आबादी में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी करीब 30 फीसदी है। वहीं देश के कुल मांस उत्पादन में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी 40.20 फीसदी बताई गई है। उत्तर प्रदेश के अलावा राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश और बिहार भी भैंसों की बड़ी आबादी वाले राज्यों में शामिल हैं। यही वजह है कि देश में डेयरी और मीट सेक्टर के बीच भी एक महत्वपूर्ण आर्थिक संबंध बनता है।

सिर्फ मात्रा नहीं, कीमत बढ़ना भी बड़ी वजह

इस रिकॉर्ड की खास बात यह है कि निर्यात में बढ़ोतरी सिर्फ ज्यादा मात्रा में मांस विदेश भेजे जाने की वजह से नहीं हुई है। रिपोर्टों के मुताबिक, भारतीय भैंस के मांस की प्रति टन औसत कीमत भी बढ़कर करीब 4,392 डॉलर हो गई है। इसका संकेत है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारतीय उत्पाद की मांग और कीमत दोनों में सुधार हुआ है। APEDA के मुताबिक 2024-25 में भारत ने 12,54,775 टन से ज्यादा भैंस के मांस का निर्यात किया था। एजेंसी के अनुसार भारत फिलहाल दुनिया के प्रमुख भैंस मांस निर्यातकों में शामिल है, जबकि इसके प्रमुख वैश्विक प्रतिस्पर्धियों में ब्राजील, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, अर्जेंटीना और कनाडा हैं।

किसानों और डेयरी सेक्टर से भी जुड़ा है कारोबार

भैंस के मांस का निर्यात केवल मीट प्रोसेसिंग उद्योग तक सीमित नहीं है। उद्योग विशेषज्ञों के अनुसार, दूध उत्पादन कम होने के बाद अनुपयोगी या उम्रदराज भैंसों की बिक्री से डेयरी किसानों को आय मिलती है। इससे किसान पुराने पशुओं को बेचकर अधिक दूध देने वाले पशु खरीदने में सक्षम होते हैं। 

भारत में उपलब्ध भैंसों की बड़ी संख्या और प्रसंस्करण क्षमता इस निर्यात को सहारा देती है। एक अमेरिकी कृषि विभाग की रिपोर्ट में भी भारत के बीफ उत्पादन को मुख्य रूप से carabeef यानी एशियाई घरेलू जल भैंस के मांस से जुड़ा बताया गया है। इस तरह भैंस के मांस का निर्यात भारत के कृषि-निर्यात की एक महत्वपूर्ण श्रेणी बनकर उभरा है। 5.1 अरब डॉलर का रिकॉर्ड पार करने के बाद अब नजर इस बात पर है कि क्या भारत अगले वित्त वर्ष में 6 अरब डॉलर का लक्ष्य भी पार कर पाता है।