LATEST NEWS

  • पटना पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 24 घंटे में हत्या के प्रयास समेत विभिन्न मामलों में आरोपी 48 अभियुक्त  को किया गिरफ्तार
  • पटना पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 24 घंटे में हत्या के प्रयास समेत विभिन्न मामलों में आरोपी 48 अभियुक्त

  • Saran Flood News
  • Saran Flood News: गंगा, सरयू, सोन और गंडक के उफान से छपरा के कई पंचायतों का संपर्क टूटा

  •  ‘जांच एवं उपचार - चिकित्सा आपके द्वार’
  • बिहार के 6 करोड़ लोगों की होगी स्वास्थ्य जाँच, निशांत की अपील- ‘जांच एवं उपचार - चिकित्सा आपके

  • Bihar News : कैमूर में दुर्गावती नदी के उफान से कई गांवों में घुसा पानी, ग्रामीणों ने किया पलायन, एसडीएम ने लिया स्थिति का जायजा
  • Bihar News : कैमूर में दुर्गावती नदी के उफान से कई गांवों में घुसा पानी, ग्रामीणों ने किया

  • सुपौल के ऐतिहासिक राधा-कृष्ण ठाकुरबाड़ी में 4 सितंबर को मनेगा श्रीकृष्ण जन्मोत्सव
  • सुपौल के ऐतिहासिक राधा-कृष्ण ठाकुरबाड़ी में 4 सितंबर को मनेगा श्रीकृष्ण जन्मोत्सव

Political Controversy: CJI को खत पर सियासी संग्राम तेज, BJP का पलटवार-लोकतंत्र नहीं, अराजकता का एजेंडा चला रहा विपक्ष

Political Controversy: प्रधान न्यायाधीश को विपक्षी दलों द्वारा लिखे गए खत को लेकर सियासत का पारा चढ़ गया है। ...

BJP Hits Back Over CJI Letter Calls Opposition Agenda Anarch
CJI को खत पर सियासी संग्राम तेज- फोटो : social Media

Political Controversy: प्रधान न्यायाधीश को विपक्षी दलों द्वारा लिखे गए खत को लेकर सियासत का पारा चढ़ गया है। भारतीय जनता पार्टी ने इस पूरे घटनाक्रम को लोकतंत्र के खिलाफ खतरनाक साजिश करार देते हुए कांग्रेस समेत विपक्षी गठबंधन पर तीखा हमला बोला है। भाजपा प्रवक्ता और राज्यसभा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि विपक्ष अदालत की आड़ लेकर देश के लोकतांत्रिक ढांचे को बदनाम करने और अव्यवस्था का माहौल पैदा करने की मुहिम चला रहा है।

त्रिवेदी ने कहा कि विपक्ष का यह कदम लोकतंत्र पर एक और नाकाम हमला है, जिसकी भाजपा पुरज़ोर मजम्मत करती है। उनके मुताबिक, लगातार चुनावी शिकस्त से बौखलाए विपक्षी दल अब अपनी राजनीतिक नाकामी का बदला देश को अस्थिर करके लेना चाहते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधान न्यायाधीश को लिखे गए पत्र की ज़ुबान और लहजा आपातकाल की याद ताज़ा कराता है।

Diarch GO

भाजपा ने कांग्रेस पर दोहरे मापदंड अपनाने का भी इल्ज़ाम लगाया। त्रिवेदी ने याद दिलाया कि कांग्रेस नेता शशि थरूर सार्वजनिक रूप से यह स्वीकार कर चुके हैं कि केरल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से कांग्रेस को फायदा हुआ, क्योंकि कथित फर्जी वोटरों के नाम हटाए गए। वहीं कर्नाटक में उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार पार्टी कार्यकर्ताओं को इसी प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी के निर्देश दे रहे हैं, जबकि राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस उसी प्रक्रिया को कटघरे में खड़ा कर रही है।

भाजपा का दावा है कि सर्वोच्च न्यायालय पहले ही एसआईआर प्रक्रिया को तार्किक और वैध मान चुका है और सुनवाई के दौरान विपक्ष कोई ठोस तथ्य अदालत के सामने नहीं रख सका। पार्टी का आरोप है कि विपक्ष की असली बेचैनी इस बात को लेकर है कि मतदाता सूची की शुद्धि से संदिग्ध वोटरों के सहारे सत्ता हासिल करने की उसकी सियासी उम्मीदें ध्वस्त होती दिख रही हैं।

NSIT
Nsmch

दूसरी ओर कांग्रेस का कहना है कि मौजूदा दौर में लोकतंत्र सबसे गंभीर संकट से गुजर रहा है। विपक्षी दलों ने अपने पत्र में एसआईआर प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाने, विधानसभा चुनाव से काफी पहले इसे लागू करने तथा केंद्रीय एजेंसियों के कथित दुरुपयोग की न्यायिक निगरानी की मांग उठाई है। इसी मुद्दे पर अब सत्ता और विपक्ष के बीच सियासी जंग और भी तल्ख़ होती दिखाई दे रही है।