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गैंगस्टर, गन और ग्लोबल सियासत, लॉरेंस बिश्नोई-गोल्डी बराड़ पर अमेरिकी शिकंजा, कार्रवाई के पीछे कूटनीति की परछाईं पर भी उठे सवाल

Lawrence Bishnoi: अमेरिका ने गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ से जुड़े नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई का दावा किया है।............

US Targets Bishnoi Goldy Network Gangster Saga Meets Diploma
गैंगस्टर, गन और ग्लोबल सियासत- फोटो : social Media

Lawrence Bishnoi: अपराध की दुनिया में आतंक का पर्याय बन चुके गैंगस्टरों पर शिकंजा कसना हर सभ्य समाज की जरूरत है। हत्या, फिरौती, हथियारों और नशे के कारोबार से जुड़े किसी भी गिरोह के खिलाफ सख्त कार्रवाई का स्वागत होना चाहिए। लेकिन जब किसी अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई की टाइमिंग और उसके पीछे की कूटनीतिक हलचलें एक साथ नजर आती हैं, तो सवाल उठना भी लाजिमी है।

अमेरिका ने गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ से जुड़े नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई का दावा किया है। अमेरिकी एजेंसियों के अनुसार, कई देशों में चलाए गए अभियान में दो दर्जन से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है और हथियारों व नशीले पदार्थों की बरामदगी की गई है। वहीं, गोल्डी बराड़ पर एफबीआई ने इनाम भी घोषित किया है। अमेरिकी अभियोजन पक्ष का कहना है कि इस अभियान में एफबीआई, स्थानीय पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने मिलकर कार्रवाई की।

लेकिन इस पूरे घटनाक्रम के बीच सबसे बड़ा सवाल कार्रवाई की टाइमिंग को लेकर उठ रहा है। यह कार्रवाई ऐसे समय में सामने आई है, जब कनाडा की नई सरकार ने निज्जर हत्याकांड मामले में भारत की भूमिका से जुड़े पुराने आरोपों को खारिज किया है। गौरतलब है कि पूर्व कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के बयानों के बाद भारत-कनाडा संबंधों में भारी तनाव पैदा हो गया था। अब बदले राजनीतिक माहौल के बीच अमेरिका की यह कार्रवाई नई चर्चाओं को जन्म दे रही है।

अमेरिकी आरोप पत्र में भारतीय मूल के संगठित अपराध नेटवर्क, हथियारों की तस्करी, हिंसक गतिविधियों और आपराधिक साजिशों से जुड़े गंभीर आरोप लगाए गए हैं। अमेरिकी एजेंसियों का दावा है कि यह कार्रवाई कई वर्षों तक चली जांच का परिणाम है। वहीं, कुछ विशेषज्ञ इस बात पर सवाल उठा रहे हैं कि क्या ऐसी कार्रवाई अपराध के खिलाफ है या इसके पीछे व्यापक अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक समीकरण भी काम कर रहे हैं।

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यह सच है कि अपराधी चाहे किसी भी देश या संगठन से जुड़े हों, उनके खिलाफ कठोर कदम उठाए जाने चाहिए। गैंगवार, रंगदारी, हत्या और नशे के कारोबार से समाज को भारी नुकसान पहुंचता है। ऐसे तत्वों को कानून के शिकंजे में लाना हर सरकार की जिम्मेदारी है।लेकिन अंतरराष्ट्रीय राजनीति की अपनी चालें भी होती हैं। दुनिया की बड़ी ताकतें कई बार सुरक्षा और अपराध के मुद्दों को कूटनीतिक दबाव के हथियार के रूप में भी इस्तेमाल करती रही हैं। इसलिए यह जरूरी है कि किसी भी कार्रवाई को केवल राजनीतिक चश्मे से नहीं, बल्कि ठोस सबूतों और निष्पक्ष जांच के आधार पर देखा जाए।

लॉरेंस बिश्नोई फिलहाल भारत की जेल में बंद है और उसके खिलाफ कई मामले चल रहे हैं, जबकि गोल्डी बराड़ विदेश में छिपा बताया जाता है। ऐसे में असली चुनौती यह है कि अपराधी नेटवर्क की कमर कैसे तोड़ी जाए और युवाओं को इस अंधेरी दुनिया में जाने से कैसे रोका जाए। अंततः लड़ाई गैंगस्टरों के खिलाफ होनी चाहिए, लेकिन इस लड़ाई में कानून, सबूत और पारदर्शिता सबसे बड़ा हथियार होना चाहिए। क्योंकि अपराध के खिलाफ जंग तभी कामयाब होगी, जब उसके पीछे राजनीति नहीं बल्कि न्याय का मकसद सबसे ऊपर होगा।