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ट्रंप का बड़ा फैसला: 100 साल पुराने Jones Act में छूट, भारत को सस्ता तेल मिलने की उम्मीद

ईरान में बढ़ते तनाव के चलते कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिल रहा है। हालात को काबू में रखने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने 100 साल पुराने Jones Act में 60 दिनों की छूट देने का फैसला किया है। इस छूट से विदेशी जहाजों को अमेरिक

ट्रंप का बड़ा फैसला: 100 साल पुराने Jones Act में छूट, भारत

ईरान में बढ़ते तनाव के चलते कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिल रहा है। हालात को काबू में रखने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने 100 साल पुराने Jones Act में 60 दिनों की छूट देने का फैसला किया है। इस छूट से विदेशी जहाजों को अमेरिका में तेल ट्रांसपोर्ट की अनुमति मिलेगी, जिससे सप्लाई बढ़ेगी और कीमतों में गिरावट आ सकती है। इसका सीधा फायदा भारत को मिलेगा, वहीं भारतीय शिपिंग कंपनियों के लिए भी यह बड़ा अवसर साबित हो सकता है।

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने कच्चे तेल के बढ़ते दामों पर लगाम लगाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने अमेरिका के 100 साल पुराने Jones Act में 60 दिनों की विशेष छूट देने का ऐलान किया है। इस फैसले का सीधा असर ग्लोबल ऑयल मार्केट पर पड़ सकता है और भारत को सस्ता तेल मिलने की संभावना बढ़ गई है। आइए इसे सवाल-जवाब के जरिए आसान भाषा में समझते हैं।

क्या है Jones Act?

Jones Act (1920) अमेरिका का एक शिपिंग कानून है, जिसके तहत- अमेरिका के भीतर समुद्री परिवहन सिर्फ अमेरिकी जहाजों से ही हो सकता है। जहाज अमेरिका में बने हो, अमेरिकी क्रू ही काम करे। इस वजह से शिपिंग महंगी हो जाती है और तेल की सप्लाई सीमित रहती है।

ट्रंप ने इसमें क्या बदलाव किया?

Donald Trump ने 60 दिनों की छूट दी है, जिससे- विदेशी जहाज भी अमेरिका के अंदर तेल ट्रांसपोर्ट कर सकेंगे, सप्लाई तेजी से बढ़ेगी, शिपिंग लागत कम होगी। इसका तेल की कीमतों पर भी असर होगा। वैश्विक बाजार में सप्लाई बढ़ेगी। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आ सकती है. खासकर युद्ध की वजह से बढ़े दामों पर ब्रेक लग सकता है।

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भारत को कैसे होगा फायदा?

भारत दुनिया के सबसे बड़े तेल आयातकों में से एक है। इस फैसले से भारत को सस्ता कच्चा तेल मिल सकता है। पेट्रोल-डीजल की कीमतों में राहत मिल सकती है। 

महंगाई पर कंट्रोल होगा

भारतीय शिपिंग कंपनियों के लिए क्यों ‘बल्ले-बल्ले’? 

विदेशी जहाजों को एंट्री मिलने से भारतीय कंपनियों को भी मौके मिलेंगे। अंतरराष्ट्रीय शिपिंग डिमांड बढ़ेगी। भारत की मरीन इंडस्ट्री को फायदा होगा

ईरान युद्ध का क्या कनेक्शन है?

Iran में जारी तनाव और युद्ध जैसे हालात के कारण- तेल सप्लाई पर असर पड़ा है। कीमतें तेजी से बढ़ी हैं।  ऐसे में यह फैसला बाजार को स्थिर करने की कोशिश माना जा रहा है। ट्रंप का यह फैसला सिर्फ अमेरिका तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका असर पूरी दुनिया पर पड़ेगा। अगर तेल सस्ता होता है, तो भारत जैसे देशों को सीधा फायदा मिलेगा और आम लोगों की जेब पर भी राहत आ सकती है।