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Bangladesh India Relations: 'दुख होता है कि रिश्ते तानवपूर्ण हो गए... बांग्लादेश के अंतरिम पीएम मोहम्मद यूनुस का छलका दर्द

बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन के बाद भारत और बांग्लादेश के रिश्तों में तनाव बढ़ गया है। प्रधानमंत्री मोहम्मद यूनुस ने भारत के साथ संबंधों में तनाव पर चिंता व्यक्त की और चीन को बांग्लादेश का दीर्घकालिक मित्र बताया।

Bangladesh India Relations: 'दुख होता है कि रिश्ते तानवपूर्ण
बांग्लादेश-भारत संबंधों- फोटो : SOCIAL MEDIA

Bangladesh India Relations: बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन के बाद से भारत और बांग्लादेश के संबंधों में तनाव बढ़ गया है। हाल ही में बांग्लादेश में हिंदू समुदाय के खिलाफ हुई हिंसा ने दोनों देशों के बीच संबंधों को और भी तनावपूर्ण बना दिया है। भारत के लोगों ने इस हिंसा का कड़ा विरोध किया, जिसके चलते नई दिल्ली और ढाका के बीच आपसी बातचीत और सहयोग पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है।

बांग्लादेश की नई सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस ने हाल ही में इस स्थिति पर अपनी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि भारत और बांग्लादेश के बीच संबंधों का कमजोर होना व्यक्तिगत रूप से उन्हें बहुत दुखी करता है। यूनुस का मानना है कि दोनों देशों के रिश्ते जितना संभव हो उतने मजबूत होने चाहिए।

चीन: बांग्लादेश का दीर्घकालिक मित्र

मोहम्मद यूनुस ने चीन को बांग्लादेश का दीर्घकालिक मित्र बताते हुए कहा कि चीन ने हमेशा बांग्लादेश के कठिन समय में उसका साथ दिया है। यह बयान भारत के लिए एक संकेत है कि बांग्लादेश चीन के साथ अपने संबंधों को मजबूत कर रहा है। इससे नई दिल्ली के लिए एक नई चुनौती खड़ी हो सकती है, क्योंकि चीन दक्षिण एशिया में अपनी कूटनीतिक और आर्थिक प्रभाव को बढ़ाने की कोशिश कर रहा है।

शेख हसीना की वापसी की मांग

मोहम्मद यूनुस ने बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को लेकर भी एक महत्वपूर्ण मांग की है। उन्होंने भारत से आग्रह किया कि शेख हसीना को बांग्लादेश वापस भेजा जाए ताकि वह अपने कार्यकाल के दौरान किए गए अपराधों के लिए मुकदमे का सामना कर सकें। हसीना के समर्थकों का मानना है कि वह बांग्लादेश के लिए महत्वपूर्ण हैं, जबकि यूनुस का आरोप है कि हसीना ने अपने कार्यकाल के दौरान कई अपराध किए हैं।

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बांग्लादेश-भारत के भौगोलिक और ऐतिहासिक संबंध

मोहम्मद यूनुस ने एक महत्वपूर्ण भौगोलिक तथ्य की ओर भी ध्यान आकर्षित किया कि बांग्लादेश और भारत का नक्शा एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि आप बांग्लादेश का नक्शा बनाए बिना भारत का नक्शा नहीं बना सकते। दोनों देशों की सीमाएं आपस में इतनी गहराई से जुड़ी हुई हैं कि उनके बीच संबंध कमजोर होना दोनों के लिए हानिकारक हो सकता है।

चुनाव की तैयारी और यूनुस की भूमिका

मोहम्मद यूनुस ने यह भी स्पष्ट किया है कि वह 2025 के अंत या 2026 की शुरुआत में चुनाव कराने का वादा कर चुके हैं, लेकिन उन्होंने चुनाव लड़ने में कोई व्यक्तिगत रुचि नहीं दिखाई है। यूनुस, जो 'गरीबों के बैंकर' के रूप में प्रसिद्ध हैं और जिनके द्वारा स्थापित ग्रामीण बैंक ने लाखों लोगों को गरीबी से उबारने में मदद की है, अब बांग्लादेश के राजनीतिक भविष्य में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

शेख हसीना की भतीजी पर यूनुस का आरोप

हाल ही में, मोहम्मद यूनुस ने शेख हसीना की भतीजी ट्यूलिप सिद्दीक और उनके परिवार की संपत्तियों की जांच की मांग की है। यूनुस का आरोप है कि सिद्दीक ने अपनी मौसी शेख हसीना के कार्यकाल के दौरान अवैध संपत्तियां अर्जित की होंगी। यूनुस ने इन संपत्तियों को 'डकैती' के रूप में संदर्भित किया है और मांग की है कि यदि यह पाया जाता है कि उन्होंने अवैध संपत्तियां अर्जित की हैं, तो उन्हें बांग्लादेश को वापस कर दिया जाना चाहिए।

बांग्लादेश और भारत के संबंध

बांग्लादेश और भारत के संबंधों में हाल के तनाव ने दोनों देशों के बीच कई महत्वपूर्ण मुद्दों को उजागर किया है। मोहम्मद यूनुस का दृष्टिकोण और उनकी टिप्पणियां इस बात की ओर संकेत करती हैं कि बांग्लादेश के भविष्य में राजनीतिक और कूटनीतिक मोर्चों पर बड़े बदलाव आ सकते हैं। भारत और बांग्लादेश के लिए यह महत्वपूर्ण है कि वे अपने संबंधों को मजबूत बनाए रखें, क्योंकि उनके भौगोलिक और सांस्कृतिक संबंध बहुत गहरे हैं।