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Mahakumbh 2025: राजसी ठाट-बाट के साथ अखाड़ों का आखिरी अमृत स्नान शुरु, रथ पर सवार होकर निकले महामंडलेश्वर , सुरक्षा का फूलप्रूफ प्लान

महाकुंभ में तीसरा अमृत स्नान है. इस दौरान कई अखाड़ों के महामंडलेश्वर सुसज्जित रथों पर सवार होकर अमृत स्नान के लिए पहुंचे हैं.

Mahakumbh 2025
महाकुंभ का तीसरा अमृत स्नान - फोटो : social Media

Mahakumbh 2025: आज महाकुंभ में तीसरा अमृत स्नान है. इस दौरान कई अखाड़ों के महामंडलेश्वर सुसज्जित रथों पर सवार होकर अमृत स्नान के लिए पहुंचे हैं. इस दौरान स्नान के लिए जा रहे अखाड़ों पर हेलिकॉप्टर से पुष्प वर्षा भी की गई है. वहीं तीसरे अमृत स्नान  पर प्रयागराज महाकुंभ में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा है.

वसंत पंचमी के अवसर पर अखाड़ों का अंतिम अमृत स्नान शुरु हो गया है।  श्रीमहंत और अन्य महंतों के साथ मिलकर अखाड़ा पदाधिकारी इस स्नान में भाग ले रहे हैं। आज के अंतिम स्नान में महाकुंभ के दौरान महामंडलेश्वर बनाए गए संत भी रथों में सवार होकर शामिल हो रहे हैं।

महाकुंभ में जिनको महामंडलेश्वर बनाया गया, वह पहली बार अपने रथों में सवार होकर अमृत स्नान में शामिल हो रहे हैं। उनके शिष्यों में बेहद खुशी और उत्साह है। तीसरे एवं आखिरी स्नान पर धर्म ध्वजा एवं निशान का विशेष पूजन का विधान है। इसे भी अखाड़ा पूरा कर रहे हैं।

बता दें तीसरे अमृत स्नान के साथ ही प्रयागराज से अखाड़ों की विदाई शुरू हो जाएगी। अचला सप्तमी तक सभी शैव अखाड़े काशी की ओर प्रस्थान कर जाएंगे। काशी में होली तक प्रवास करने के बाद बाबा विश्वनाथ के साथ होली मनाने के बाद उनका कुंभ संपन्न होगा। इसके पश्चात सभी संन्यासी अपने-अपने स्थानों पर लौट जाएंगे। मौनी अमावस्या के दौरान संगम पर हुए हादसे के कारण दूसरा अमृत स्नान वैभव के साथ संपन्न नहीं हो सका था।

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