कराटे में बिहार के दो कराटे खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का बढ़ाया मान, अंडर-19 में हासिल किया गोल्ड मेडल

कराटे में बिहार के दो कराटे खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय मंच

JAMUI : बिहार के दो होनहार कराटे खिलाड़ी ने कुछ ऐसा कर दिखाया है जिसका सपना लोग दिल में लिए रहते हैं। कराटे में बिहार के जमुई जिले के रहने वाले सत्यम त्रिवेदी और रीषु ने अपने-अपने वर्ग में गोल्ड हासिल किया है।

हाल ही में कर्नाटक के शिमोगा में आयोजित फर्स्ट इंटरनेशनल लेवल ओपन कराटे चैंपियनशिप 2024 प्रतियोगिता में अपनी शानदार प्रदर्शन से सभी को चकित कर दिया। इस प्रतियोगिता में कुल छह देशों—भारत, श्रीलंका, बांग्लादेश, नेपाल, भूटान, और दुबई—के खिलाड़ियों ने अपना दमखम दिखाया। सत्यम त्रिवेदी और रिषु राज ने अपनी दमदार खेल क्षमता और रणनीति के साथ न केवल अपने वजन और आयु वर्ग में स्वर्ण पदक जीते, रिषु राज ने (अंडर 19) -68 किलोग्राम वजन वर्ग के फाइनल मैच में नेपाल के खिलाड़ी को 7-4 से हराकर और सत्यम त्रिवेदी ने (अंडर-19) +78 किलोग्राम वजन वर्ग में श्रीलंका के खिलाड़ी को 5-3 से हराकर स्वर्ण पदक जीता 

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इस जीत से खिलाड़ियों ने न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि हासिल की, बल्कि भारतीय कराटे के लिए भी मिसाल पेश की। उनकी जीत ने यह साबित कर दिया कि बिहार के छोटे-छोटे शहरों और गांवों से भी अंतरराष्ट्रीय खेलों में सफलता प्राप्त की जा सकती है। इस जीत से भारत ने कराटे में एक छाप छोड़ी है जिससे बिहार के जमुई में भी खुशी की लहर है।

बता दें कि नेहरू इंडोर स्टेडियम शिमोगा, बैंगलोर में किया गया था, भारतीय खिलाड़ियों की टीम में रिषु राज और सत्यम त्रिवेदी का चयन इस प्रतियोगिता के लिए हुआ था। बिहार के टीम कोच तलहा अहमद (मास्टर राइट), जिन्होंने इन दोनों खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दिया, उनकी मेहनत और तकनीकी ज्ञान के कारण इन दोनों खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खुद को साबित किया। श्रीलंका, बांग्लादेश, नेपाल, भूटान, और दुबई के खिलाड़ी भी इस प्रतियोगिता में अपने उच्च स्तर के खेल के लिए सराहे गए, लेकिन भारतीय खिलाड़ियों की रणनीति और परिश्रम ने उन्हें स्वर्ण पदक दिलवाया। हालाकि इन खिलाड़ियों को स्पॉन्सर मिले तो ये कई और मंचों पर अपना हुनर दिखा सकते हैं।

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रिषु राज और सत्यम त्रिवेदी की इस उपलब्धि ने यह स्पष्ट कर दिया है कि खेल के क्षेत्र में बिहार के खिलाड़ी भी उत्कृष्टता की ऊंचाइयों को छू सकते हैं। यह जीत युवा खिलाड़ियों को प्रेरित करती है और उन्हें यह विश्वास दिलाती है कि सही मार्गदर्शन और कड़ी मेहनत के साथ वे भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने देश का नाम रौशन कर सकते हैं।

न्यूज़ 4नेशन के लिए जमुई से सुमित सिंह की रिपोर्ट