संदेशखाली केस का आरोपी टीएमसी नेता शाहजहां शेख गिरफ्तार, हाईकोर्ट की फटकार के बाद एक्शन में आई पुलिस, सीआईडी करेगी जांच

संदेशखाली केस का आरोपी टीएमसी नेता शाहजहां शेख गिरफ्तार, हाई

डेस्क- अपनी आबरू बचाने के लिए कभी वे गिड़गिड़ाती तो कभी अपनी बेबसी पर खूंन की आंसू बहाती रहीं, लेकिन टीएमसी नेता शाहजहां शेख के गुंडे कभी उनको तो कभी पड़ोसी को तो कभी गांव की सुंदर औरतों को घसीट कर पार्टी कार्यालय में ले जाते और तब तक शारीरिक शोषण किया जाता जब तक उनका मन नहीं भर जाता. ये कहना था प्रदर्शन कर पीड़ित महिलाओं का. संदेशखाली की महिलाओं ने जब अपने दर्द की दास्तां बयां की तो हंगामा मच गया .इसके बावजूद प. बंगाल का प्रशासन कुंभकर्णी नींद सोया रहा. स्थानीय लोगों के बीच ‘बेताज बादशाह’ के नाम से जाना जाने वाला शाहजहां शेख पुलिस प्रशासन की नाक के नीचे से फरार हो गया. महिलाओं का दर्द कलकत्ता हाई कोर्ट तक पहुंची तो न्यायालय ने  मुख्य अभियुक्त के खिलाफ कार्रवाई न होने पर राज्य सरकार को जमकर फटकार लगाई.

दो महीने से फरार शाहजहां चढ़ा पुलिस के हत्थे

कोलकाता हाई कोर्ट की फटकार के बाद हरकत में आई बंगाल पुलिस ने आखिरकार टीएमसी नेता  शेख शाहजहां को गुरुवार को 24 परगना के मीनाखान से गिरफ्तार कर लिया. तृणमूल कांग्रेस का नेता और पश्चिम बंगाल के संदेशखाली में महिलाओं से यौन उत्पीडन करने का आरोपी शेख शाहजहां  पिछले 55 दिनों से फरार था .दो बार बंगाल सरकार को हाई कोर्ट ने फटकार लगाई तो पुलिस प्रशासन की नींद टूटी और शाहजहां सेख पर शिकंजा कस गया. बहरहाल अब प. बंगाल सरकार ने शेख पर लगे ारोप की जांच के लिए सीआीडी जांच बैठा दी है.सीआईडी अब इस मामले की जांच करेगी.

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हाई कोर्ट के सोटे के बाद खुली नींद

कलकत्ता हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया था कि तृणमूल कांग्रेस नेता शाहजहां शेख की गिरफ्तारी पर कोई रोक नहीं है.उसे ईडी और सीबीआई गिरफ्तार कर सकती है. इसके बाद बंगाल पुलिस हरकत में आई और शेख को गिरफ्तार कर लिया. कोर्ट ने उसे 15 दिनों के न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है.  संदेशखाली महिलाओं के खिलाफ यौन उत्पीड़न और हिंसा के आरोपों को लेकर पिछले एक महीने से उबाल पर है. शाहजहां पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के सीमावर्ती क्षेत्र संदेशखाली में ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस से जुड़ा एक प्रभावशाली व्यक्ति है. संदेशखाली के आरोपों के बाद टीएमसी नेता के सुर्खियों में आने से पहले, उनके समर्थकों ने राशन घोटाले के सिलसिले में उनके घर पर छापेमारी के प्रयास के दौरान ईडी की टीम पर हमला किया था.

संदेशखाली में महिलाएं सुरक्षित नहीं-स्थानीय

स्थानीय महिलाओं ने शाहजहां शेख और उनके समर्थकों पर संगीन आरोप लगाए.अब संदेशखाली की महिलाओं ने शाहजहां और उसके समर्थकों पर अत्याचार, यौन उत्पीड़न करने और जमीन कब्जाने जैसे आरोप लगाए हैं. एक महिला ने दावा किया कि संदेशखाली में महिलाएं सुरक्षित नहीं रह सकतीं. हम बाहर जाने से भी डरते हैं. एक महिला ने तो ये तक आरोप लगा दिया कि टीएमसी के लोग गांव में घूमकर घर-घर जाकर सुंदर महिलाओं की टोह में रहते हैं.

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ईडी पर हमले के बाद खुली पोल

बता दें दो माह से पश्चिम बंगाल का उत्तर 24 परगना जिले का कालिंदी नदी के किनारे बसा संदेशखाली गांव सुर्खियों में बना हुआ है. संदेशखाली के अचानक सुर्खियों तब आया जब पांच जनवरी को  ईडी टीएमसी नेता शाहजहां के घर पर छापामारी करने पहुंची थी, टीम पर हमला हो गया था. इसमें ईडी के तीन पदाधिकारी घायल हो गए. ममता बनर्जी के पार्टी टीएमसी के नेता शाहजहां शेख के ठिकाने पर रेड डालने पहुंचे ईडी के अधिकारियों पर हमले किए गये. अधिकारियों का सिर फट गए. तब 5 जनवरी को संदेशखाली की घटना पूरे देश में सुर्खियां बनी.पुलिस के नाक के नीचे से टीएमसी का नेता शाहजहां शेख फरार हो गया था.

शेख पर स्थानीय महिलाओं के यौन शोषण के आरोप

उत्तरी 24 परगना जिले में शाहजहां शेख और उनके समर्थकों के खिलाफ जमीन हड़पने और स्थानीय महिलाओं के यौन शोषण के आरोपों को लेकर विरोध प्रदर्शन चल रहा है. पिछले महीने कथित राशन घोटाले के सिलसिले में उसके घर पर छापा मारने गई प्रवर्तन निदेशालय की टीम पर भीड़ द्वारा हमला किए जाने के बाद से शाहजहां शेख फरार था. कलकत्ता हाी कोर्ट की सक्ती के बाद आखिरकार उसे गिरफ्तार कर लिया गया है.