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15 साल से खराब पड़े हाईमास्ट की रोशनी से फिर जगमगाया क्रुर्था का इलाका, थाने के कर्मियों ने अपने पैसे से कराई मरम्मत, लोगों ने कहा - धन्यवाद

15 साल से खराब पड़े हाईमास्ट की रोशनी से फिर जगमगाया क्रुर्थ

ARWAL : बिहार में किसी कार्य के लिए सिर्फ एक बार सरकारी फंड का इस्तेमाल किया जाता है। फिर उसके खराब होने के बाद वह कबाड़ में बदल जाता है। लेकिन उसकी मरम्मत नहीं की जाती है। यह बात अरवल जिले के कुर्था थाने के पास लगे हाईमास्ट लाइट को देखने के बाद काफी हद तक सही प्रतीत साबित होता है। बताया गया यह लाइट 15 साल से खराब पड़ा हुआ था, लेकिन क्षेत्र के किसी जनप्रतिनिधि ने इतने सालों में इसके फिर से मरम्मत कराने की जहमत नहीं उठाई। अब 15 साल बाद कुर्था थानाध्यक्ष और थाने के दूसरे कर्मियों ने अपने व्यक्तिगत खर्च से हाईमास्ट लाइट को फिर से जगमग कराने का काम किया है। छठ पर्व के पूर्व लाइट के फिर से ठीक होने के बाद स्थानीय लोगों ने थाने के कर्मियों को धन्यवाद किया है।

पूर्व कृषि मंत्री ने लगवाई थी लाइट

अरवल जिले के कुर्था थाना परिसर के आसपास को रौशन करने के उद्देश्य से कुर्था थाना के कैंपस में 2007-08 में तत्कालीन कुर्था विधानसभा क्षेत्र के विधायक सुचित्रा सिन्हा एवं विधान पार्षद तत्कालीन कृषि मंत्री नागमणि के द्वारा मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास कोष की राशि से करीब आठ लाख की लागत से हाई मास्ट लाइट लगाया गया थ । लेकिन कुछ महीने जलने के बाद 11 हजार बोल्ट की तार में किसी तरह हाईमास्ट लाइट का तार के संपर्क होने से हाइमास्ट लाइट खराब हो गया था। आलम यह था कि हाईमास्ट लाइट लगभग 15 वर्ष से भी अधिक समय होने के बाद भी बन्द पड़ी हुई थी। 

थानाध्यक्ष ने की पहल

कुछ समय पहले जब नए थानाध्यक्ष सुरेन्द्र कुमार ने कुर्था थाने की कमान संभाली तो उनकी नजर इस लाइट पर पड़ी और इसके बारे में जानकारी ली उसके बाद लोगों द्वारा बताया गया कि यह सिर्फ थाने का ही नही आसपास के चारों तरफ रौशनी की प्रकाश से लोगों को फायदा होता है तो उन्होंने तुरंत ही इलेक्ट्रिशन से उसे जांच कराकर उसके खराब कल पुर्जों की लिस्ट बनाकर अपने निजी राशि से उसे बनवाने का फैसला किया तब उसमें एक और पुलिस अवर निरीक्षक दिनेश मंडल ने भी सहयोग देने का फैसला किया और लाइट बनकर तैयार हो गई। हालांकि लाईट बनाने में इलेक्ट्रिशन को चार दिन लगे। 

छठ पर्व के पूर्व बने लाइट से स्थानीय लोगों में हर्ष व्याप्त है और लोग थानाध्यक्ष का भूरी भूरी प्रशंशा करते नहीं थक रहे हैं। वैसे तो पुलिस के बहुत से ऐसे कारनामे होते हैं, जिनमें उन्हें आम जनता को खरी-खोटी सुननी पड़ती है लेकिन कई मर्तबा ऐसा काम भी पुलिस करती है। जिसमें जनता तारीफ करते नहीं थकती। अब कुर्था पुलिस की खूब तारीफ हो रही है, वजह है हाईमास्ट लाइट जिससे बस स्टैंड  यूनियन बैंक सहित थाना मोड़ के पास अंधेरे से आमलोगों को मुक्ति मिलना। 

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हैरत इस बात की है कि इस मामले को लेकर जनप्रतिनिधि भी मौन बैठे हुए थे । उन्होंने हाईमास्ट लाइट को ठीक करवाना तो दूर कभी इसकी सुध तक लेना भी मुनासिब नहीं समझा विडंबना यह है कि उसी रास्ते से कई मंत्री एवं स्थानीय सांसद प्रतिदिन आते-जाते थे, लेकिन किसी जनप्रतिनिधि की नजर सड़क के निकट थाने में खराब पड़े हाई मास्ट लाइट पर नहीं पड़ा।