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मधेपुरा में एक दो नहीं, 28 सरकारी डॉक्टरों पर लगा देशद्रोह का आरोप, कार्रवाई की दी गई चेतावनी, जानें क्या है पूरा मामला

मधेपुरा में एक दो नहीं, 28 सरकारी डॉक्टरों पर लगा देशद्रोह क

MADHEPURA : खबर मधेपुरा जिले से है, जहां  सदर अस्पताल में कार्यरत 28 डॉक्टर बड़ी मुसीबत में फंस गए हैं। उनके खिलाफ देशद्रोह का आरोप लगाया गया है। यह आरोप किसी संगठन ने नहीं, बल्कि  सिविल सर्जन डॉक्टर मिथिलेश ठाकुर के द्वारा सदर अस्पताल उपाधीक्षक को पत्र जारी कर लगाया गया है।

गणतंत्र दिवस समारोह में नहीं हुए शामिल

 सिविल सर्जन के द्वारा जारी किए गए पत्र में सदर अस्पताल के उपाधीक्षक से पूछा गया है कि बीते 26 जनवरी को ध्वजारोहण के समय मात्र दो चिकित्सक डॉ सचिन कुमार एवं डॉ यश शर्मा ही मौजूद थे, जबकि इनके अलावा सभी चिकित्सक उपस्थित नहीं हुए। जिसे सिविल सर्जन ने गंभीरता से लिया है। 

चिकित्सकों को जारी नोटिस में सिविल सर्जन ने लिखा है कि दो चिकित्सकों को छोड़ अन्य चिकित्सक ने तिरंगे को सम्मान देना उचित नहीं समझे (निमंत्रण मिलने के बाबजूद) उनका ये कृत्य देश द्रोह की श्रेणी में आता है।

48 घंटे में मांगा जवाब

इस संबंध में सिविल सर्जन के द्वारा 48 घंटे के भीतर सदर अस्पताल उपाधीक्षक से जवाब तलब किया गया है। साथ ही जवाब नहीं देने पर कार्रवाई करने की चेतावनी दी गई है।

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गौरतलब हो कि सदर अस्पताल मधेपुरा में फिलहाल लगभग 30 चिकित्सक कार्यरत हैं. जिनमें से मात्र दो चिकित्सक 26 जनवरी गणतंत्र दिवस के अवसर पर आयोजित झंडोत्तोलन में शामिल हुए. बाकी अनुपस्थित पाए गए. अब देखना दिलचस्प होगा कि सदर अस्पताल उपाधीक्षक के द्वारा इस मामले में सिविल सर्जन को क्या जवाब दिया जाता है.