LATEST NEWS

  • Bihar News : बक्सर के ‘मनचले’ शिक्षकों को भड़के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी, दोनों आरोपी शिक्षकों पर POCSO एक्ट और स्पीडी ट्रायल का दिया आदेश
  • Bihar News : बक्सर के ‘मनचले’ शिक्षकों को भड़के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी, दोनों आरोपी शिक्षकों पर POCSO

  • जमुई डीएम ने शिक्षक बन बच्चों को पढ़ाया, मध्याह्न भोजन का लिया स्वाद; अभिभावकों से की नियमित स्कूल भेजने की अपील
  • जमुई डीएम ने शिक्षक बन बच्चों को पढ़ाया, मध्याह्न भोजन का लिया स्वाद; अभिभावकों से की नियमित स्कूल

  • Bihar News : मुजफ्फरपुर पुलिस की विशेष टीम ने की बड़ी कार्रवाई, सट्टाबाजी गिरोह के 12 शातिर को किया गिरफ्तार
  • Bihar News : मुजफ्फरपुर पुलिस की विशेष टीम ने की बड़ी कार्रवाई, सट्टाबाजी गिरोह के 12 शातिर को

  • Bihar News : गंगा के बढ़ते जलस्तर का मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने लिया जायजा, कल करेंगे हवाई सर्वेक्षण और समीक्षा बैठक
  • Bihar News : गंगा के बढ़ते जलस्तर का मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने लिया जायजा, कल करेंगे हवाई सर्वेक्षण

  • कटिहार के 20 मॉडल स्कूलों में पढ़ाएंगे 20 अधिकारी, डीएम की इस पहल को पूरे बिहार में लागू करेगी सरकार
  • कटिहार के 20 मॉडल स्कूलों में पढ़ाएंगे 20 अधिकारी, डीएम की इस पहल को पूरे बिहार में लागू

सरकारी अस्पताल की जांच में महज 2310 प्लेटलेट लेकिन पूर्णतः स्वस्थ हैं छपरा का युवक, असली हकीकत जानकर पिटने लगेंगे सिर

सरकारी अस्पताल की जांच में महज 2310 प्लेटलेट लेकिन पूर्णतः स

CHHAPRA : बिहार की सरकार यह कहती है सरकारी अस्पतालों में जांच की सुविधा बेहतर है। यहां हर प्रकार की जांच की व्यवस्था है। लेकिन, यहां होनेवाली जांच की रिपोर्ट कितनी विश्वसनीय है। यह छपरा के सदर अस्पताल से आई डेंगू की एक रिपोर्ट को देखकर समझी जा सकती है। यहां डेंगू की एक रिपोर्ट में आकाश कुमार नाम के युवक की प्लेटलेट्स सिर्फ 2310 बताई गई। लेकिन विज्ञान को गलत साबित करते युवक पूरी तरह से स्वस्थ नजर आ रहा है। जबकि 25000 से कम प्लेटलेट्स होने पर मरीज को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती होने की नौबत आ जाती है। 

यह है पूरा मामला 

दरअसल,  चिकित्सकों के लिखे पुर्जे के अनुसार युवक आकाश कुमार छपरा सदर अस्पताल स्थित जांच घर में ब्लड सहित अन्य जांचे करवाई।सदर अस्पताल में जांच करवाने के बाद छपरा सदर अस्पताल से आई जांच रिपोर्ट को देखकर युवक आकाश सहित चिकित्सक भी दंग रह गए।सदर अस्पताल से आई जांच रिपोर्ट में युवक के प्लेटलेट की संख्या मात्र 2310 बताई गई। सदर अस्पताल से आई रिपोर्ट को देखकर जानकारों ने बताया कि मात्र 2310 प्लेटलेट पर युवक का चलना,फिरना सब असंभव सा प्रतीत होता है। हालांकि युवक आकाश ने अपना रक्त का नमूना प्राइवेट जांच लैब को भी दिया है। जिसकी रिपोर्ट फिलहाल आना बाकी है।

Diarch GO

प्राइवेट जांच कराई तो सच आया सामने

सरकार के सदर अस्पताल की रिपोर्ट पर शक होने के बाद आकाश ने प्राइवेट लैब में जांच कराने का फैसला लिया। जहां कुछ अलग ही रिपोर्ट सामने  आ गई। जहां सरकारी लैब की जांच में प्लेटलेट्स सिर्फ 2310 थी और डॉक्टर भी हैरान थे, वहीं दूसरी तरफ प्राइवेट जांच में आश्चर्यजनक रूप से बढ़कर 1.93 लाख पहुंच गई। जाहिर है कि यह रिपोर्ट सही था, क्योंकि युवक पूरी तरह से स्वस्थ नजर आ रहा था। 

लेकिन, प्राइवेट लैब की रिपोर्ट ने सरकारी व्यवस्था को कठघरे में खड़ा कर दिया।  सवाल उठता है कि जिले के सबसे बड़े अस्पताल के जांच घर की रिपोर्ट ही जब सही नहीं आ रही है तो उसके आधार पर मरीजों का उपचार किस तरह किया जाता होगाा, इसका सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है।

NSIT
Nsmch

बता दें कि बिहार स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिलों के सरकारी अस्पतालों में लगभग ऐसी ही नजर आ रही है। जहां ज्यादातर काम प्राइवेट एजेंसी के तहत ही कराए जाते हैं।