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Bihar Summer: बिहार में झुलसती गर्मी से बचने के लिए करें ये उपाय! डिहाइड्रेशन की परेशानी दूर करने के लिए एक्सपर्ट्स की राय पर दे ध्यान, जानें जरूरी बात

मई की गर्मी में डिहाइड्रेशन एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या बनता जा रहा है। जानिए डॉक्टर संदीप कुमार सिंह से गर्मी में डिहाइड्रेशन के लक्षण, इसके कारण और बचाव के प्रभावी उपाय।

dehydration
dehydration- फोटो : social media

Bihar Summer: बिहार में मई की शुरुआत के साथ ही गर्मी ने अपना कहर दिखाना शुरू कर दिया है। तापमान में अचानक वृद्धि और लगातार चल रही गर्म हवाओं ने लोगों की दिनचर्या को प्रभावित कर दिया है, और इसका सबसे बड़ा असर सेहत पर पड़ रहा है। विशेष रूप से डिहाइड्रेशन यानी शरीर में पानी की कमी की समस्या तेजी से बढ़ रही है।

एक्सपर्ट्स जो गर्मी से संबंधित बीमारियों पर नियमित शोध और इलाज करते हैं, उन्होंने बताया कि गर्मी के इस मौसम में डिहाइड्रेशन की समस्या गंभीर रूप ले सकती है, खासकर तब जब लोग इसे नजरअंदाज करते हैं या समय रहते सही उपाय नहीं अपनाते।

क्या है डिहाइड्रेशन और क्यों होता है गर्मियों में अधिक?

डिहाइड्रेशन तब होता है जब शरीर से अधिक मात्रा में पानी और जरूरी इलेक्ट्रोलाइट्स (जैसे नमक और पोटैशियम) निकल जाते हैं और उनकी पूर्ति नहीं हो पाती। गर्मी के मौसम में पसीना अधिक आता है, जिससे शरीर से तरल पदार्थ तेजी से बाहर निकल जाते हैं। यदि पानी या अन्य तरल पदार्थों का सेवन पर्याप्त नहीं किया गया, तो डिहाइड्रेशन की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।डॉ. सिंह ने बताया कि गर्मी में उल्टी और दस्त जैसी समस्याएं भी बढ़ जाती हैं, जिससे शरीर का फ्लूइड बैलेंस और ज्यादा प्रभावित होता है। यही वजह है कि गर्मियों में डिहाइड्रेशन की घटनाएं सबसे अधिक देखने को मिलती हैं।

डिहाइड्रेशन के लक्षण पहचानें

डिहाइड्रेशन के शुरुआती लक्षणों को पहचानना बहुत जरूरी है ताकि समय पर इलाज किया जा सके। डॉक्टर के अनुसार, निम्नलिखित लक्षण डिहाइड्रेशन के संकेत हो सकते हैं:

NSIT
Nsmch

बार-बार प्यास लगना और मुंह सूखना

चक्कर आना या सिर भारी महसूस होना

थकावट और ऊर्जा की कमी

कम मात्रा में गहरे रंग का पेशाब आना

सिरदर्द और चिड़चिड़ापन

यदि इनमें से कोई भी लक्षण नजर आए, तो इसे हल्के में लेने की भूल न करें। यह एक चेतावनी है कि शरीर में तरल पदार्थों की कमी हो रही है और तुरंत एक्शन लेने की जरूरत है।

गर्मी में डिहाइड्रेशन से बचाव कैसे करें?

एक्सपर्ट्स  ने इस विषय पर विशेष रूप से जोर देते हुए कहा कि “रोकथाम इलाज से बेहतर है।” गर्मी में डिहाइड्रेशन से बचने के लिए निम्नलिखित उपाय बेहद कारगर हैं:

सबसे पहले, दिन भर में पर्याप्त मात्रा में पानी पीना अनिवार्य है। केवल प्यास लगने पर ही पानी पीना पर्याप्त नहीं होता, बल्कि शरीर को हाइड्रेटेड रखने के लिए हर कुछ घंटे में पानी या किसी न किसी प्रकार के तरल पदार्थ का सेवन करते रहना चाहिए।

नारियल पानी, नींबू पानी, छाछ, बेल का शरबत, आम पना और फलों के रस गर्मी में शरीर को ठंडक देने के साथ-साथ इलेक्ट्रोलाइट बैलेंस बनाए रखने में मदद करते हैं। खासकर जो लोग लंबे समय तक धूप में बाहर रहते हैं, उन्हें ये पेय नियमित रूप से लेने चाहिए।

इसके अलावा, ताजे मौसमी फलों जैसे तरबूज, खरबूजा, ककड़ी, खीरा आदि का सेवन करें क्योंकि इनमें उच्च मात्रा में पानी और जरूरी मिनरल्स होते हैं।

कैफीन युक्त पेय (जैसे चाय, कॉफी, एनर्जी ड्रिंक्स) से बचना चाहिए क्योंकि ये शरीर को डिहाइड्रेट कर सकते हैं। शराब का सेवन भी गर्मियों में डिहाइड्रेशन को बढ़ावा देता है।

बच्चों और बुजुर्गों की विशेष देखभाल करनी चाहिए क्योंकि उनकी प्रतिरोधक क्षमता कम होती है और वे अक्सर डिहाइड्रेशन के लक्षणों को समझ नहीं पाते।

ओआरएस का सेवन कब करें?

यदि किसी को दस्त या उल्टी हो रही हो, तो ओआरएस (oral rehydration solution) का सेवन तुरंत शुरू कर देना चाहिए। यह शरीर में पानी और नमक की कमी को बहुत तेजी से पूरा करता है। ओआरएस के पैकेट बाजार में आसानी से मिलते हैं और इसे घर पर भी नमक और चीनी को पानी में मिलाकर तैयार किया जा सकता है।हालत गंभीर हो, तो बिना समय गंवाए डॉक्टर से परामर्श लें और उचित चिकित्सा लें।