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रेल मंडल में CBI का 'सर्ज‍िकल स्ट्राइक': रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार हुए सीनियर DEE संजीव कुमार, दफ्तर और बंगले से नकदी बरामद

धनबाद रेल मंडल के सीनियर डीईई (जी) संजीव कुमार को CBI ने बिल पास कराने के एवज में रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। उनके दफ्तर और घर से लाखों रुपये बरामद हुए हैं।

रेल मंडल में CBI का 'सर्ज‍िकल स्ट्राइक': रिश्वत लेते रंगे हा

N4N Desk - : भारतीय रेलवे के धनबाद रेल मंडल में भ्रष्टाचार का एक बड़ा मामला सामने आया है। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की टीम ने शुक्रवार को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए सीनियर डीईई (जी) संजीव कुमार को बिल पास करने के एवज में रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। सीबीआई ने यह कार्रवाई रेलवे ठेकेदार एके झा की शिकायत पर की है। इस हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी के बाद रेल मंडल के प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।

बिल पास करने के बदले मांगी थी घूस

मिली जानकारी के अनुसार, धनबाद स्टेशन पर लिफ्ट के ऑटोमेशन सहित अन्य कार्यों का टेंडर ठेकेदार एके झा को मिला था। कार्य में देरी होने के कारण विभाग ने उन पर जुर्माना (Penalty) लगाया था, जिसे लेकर बिल पास करने में लगातार टालमटोल की जा रही थी। आरोप है कि सीनियर डीईई संजीव कुमार ने रुके हुए बिल को क्लियर करने के बदले रिश्वत की मांग की थी। ठेकेदार की शिकायत के बाद सीबीआई ने जाल बिछाया और शुक्रवार दोपहर करीब 2 बजे डीआरएम कार्यालय स्थित उनके दफ्तर में दबिश दी।

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दफ्तर के ड्रॉर और घर से बरामद हुए लाखों रुपये

सीबीआई की टीम ने सीनियर डीईई के कार्यालय और पूजा टॉकीज के पास स्थित उनके सरकारी बंगले पर एक साथ छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान संजीव कुमार के ऑफिस टेबल के ड्रॉर से 50 हजार रुपये नकद बरामद किए गए। वहीं, उनके आवास पर हुई तलाशी में करीब डेढ़ लाख रुपये की अतिरिक्त नकदी मिली है। सीबीआई ने मौके से प्रिंटर और बड़ी संख्या में महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए हैं। जांच टीम रात सवा 11 बजे तक कार्यालय में दस्तावेजों को खंगालती रही, जिसके बाद अधिकारी को गिरफ्तार कर साथ ले गई।

आठ वर्षों से धनबाद मंडल में था दबदबा

गिरफ्तार आईआरएसईई (IRSEE) अधिकारी संजीव कुमार पिछले आठ वर्षों से धनबाद रेल मंडल में ही विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर तैनात रहे हैं। वर्तमान में सीनियर डीईई (जी) के पद पर कार्यरत संजीव इससे पहले सीनियर डीईई (ओपी) और गोमो में सीनियर डीई टीआरएस के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं। एक ही मंडल में लंबे समय तक जमे रहने और अब भ्रष्टाचार में पकड़े जाने के बाद रेल महकमे की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

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छापेमारी से मची अफरा-तफरी, दफ्तर छोड़ भागे अधिकारी

सीबीआई की रेड की खबर जैसे ही डीआरएम कार्यालय में फैली, वहां तैनात अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। बताया जा रहा है कि कई अधिकारी अपने चैंबर छोड़कर आनन-फानन में बाहर निकल गए। इलेक्ट्रिकल विभाग के कर्मचारियों ने बताया कि लंच ब्रेक के बाद जब वे लौटे, तो साहब के चैंबर को बाहरी लोगों ने घेर रखा था और किसी को भी अंदर जाने की अनुमति नहीं दी जा रही थी। जांच टीम ने विभाग के अन्य कर्मचारियों से भी घंटों पूछताछ की।

देर रात तक चली जांच और जब्ती की प्रक्रिया

सीबीआई की टीम ने संजीव कुमार को अलग-अलग कमरों में बैठाकर सात-आठ दौर की कड़ी पूछताछ की। पूरे कार्यालय को छावनी में तब्दील कर दिया गया था। रात लगभग 11:15 बजे कागजी कार्रवाई पूरी होने के बाद कर्मचारियों को घर जाने की अनुमति मिली। सीबीआई अब इस मामले में अन्य संभावित कड़ियों की जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस रिश्वतकांड में क्या अन्य बड़े अधिकारी भी शामिल हैं।