Jharkhand News:झारखंड में रोहिंग्या घुसपैठ को लेकर अमित शाह और हेमंत सोरेन के बीच जुबानी जंग, जानें पूरी बात

Jharkhand News:झारखंड में रोहिंग्या घुसपैठ को लेकर अमित शाह

Jharkhand News: हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने झारखंड में रोहिंग्या घुसपैठियों के मुद्दे पर एक बयान देकर राज्य और देश की सियासत को गरमा दिया। शाह ने अपने बयान में कहा था, “अगर झारखंड की सरकार बदल दी जाए, तो मैं वादा करता हूं कि एक-एक रोहिंग्या घुसपैठिए को चुन-चुनकर झारखंड से बाहर निकाल दूंगा।” इस बयान के बाद झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कड़ा पलटवार किया, जिससे दोनों नेताओं के बीच राजनीतिक गर्मी बढ़ गई।

हेमंत सोरेन का पलटवार

शाह के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए हेमंत सोरेन ने कहा, “ये लोग बांग्लादेशी घुसपैठियों और डेमोग्राफी को खराब करने की बातें करेंगे। मैं उन्हें कहना चाहूंगा कि वे भारत सरकार का आंकड़ा देखें और सच जानें।" सोरेन ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर आरोप लगाते हुए कहा कि "ये आरएसएस के लोग चूहे की तरह समाज में घुसकर इसे तोड़ने का काम करते हैं।"

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सोरेन ने यह भी कहा कि शाह और उनके समर्थक ऐसे स्थानों पर राजनीति करना पसंद करते हैं जहां लोग लड़ते-झगड़ते हैं, क्योंकि वहां उनकी राजनीति चमकती है। उन्होंने अपने बयान में कहा कि झारखंड में अमन-चैन से रहने वाले लोगों के बीच ये विभाजन की राजनीति कर रहे हैं, और लोगों को इस तरह के नेताओं और संगठनों से सचेत रहने की आवश्यकता है।

बीजेपी और RSS की प्रतिक्रिया

हेमंत सोरेन के बयान के बाद, झारखंड में भाजपा ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। नेता प्रतिपक्ष अमर कुमार बाउरी ने सोरेन पर आरोप लगाया कि वे तुष्टीकरण की राजनीति कर रहे हैं और राज्य की अस्मिता को खतरे में डाल रहे हैं। बाउरी ने कहा, "RSS ने 1925 से ही भारत की अस्मिता और परंपरा को स्थापित करने का काम किया है, और आज आप अपने धर्म के साथ जीवन जी रहे हैं, इसका श्रेय भी RSS को जाता है।" उन्होंने सोरेन पर यह भी आरोप लगाया कि वह सिर्फ वोट बैंक की राजनीति के लिए यह सब कह रहे हैं और उन्हें अपने पूर्वजों की परंपराओं का सम्मान करना चाहिए।

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कांग्रेस का समर्थन

इस मुद्दे पर कांग्रेस के राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी ने भी हेमंत सोरेन का समर्थन किया। तिवारी ने कहा कि एक मुख्यमंत्री के पास अपने राज्य की जमीनी हकीकत की बेहतर समझ होती है, और उन्होंने किसी विशेष संगठन या व्यक्ति का नाम लेकर टिप्पणी नहीं की है। तिवारी ने यह भी कहा कि झारखंड में संगठन को कमजोर करने की जो कोशिश हो रही है, वह RSS की कार्यप्रणाली का ही हिस्सा है।