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JHARKHAND ASSEMBLY ELECTION 2024: झारखंड के इस सीट पर बीजेपी कर सकता है बड़ा खेल! भाभी-देवर के बीच में दिख रहे हैं मुकाबले के आसार, जानें पूरी बात

JHARKHAND ASSEMBLY ELECTION 2024: झारखंड के इस सीट पर बीजेपी

JHARKHAND ASSEMBLY ELECTION 2024: झारखंड की राजनीति में चक्रव्यूह की कहानियां गहरी हैं, और इसका सबसे ताजा उदाहरण जामा विधानसभा और दुमका लोकसभा सीटों से जुड़ा है. एक दौर था जब झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के प्रमुख शिबू सोरेन और उनके परिवार की पकड़ इन क्षेत्रों में मजबूत थी, लेकिन भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इस पकड़ को ढीला करने के लिए एक योजनाबद्ध चक्रव्यूह तैयार किया. इसका पहला अध्याय जामा विधानसभा सीट से शुरू हुआ था, जहां दुर्गा सोरेन को सुनील सोरेन ने 2005 के चुनाव में हरा दिया था.

भाजपा का चक्रव्यूह: जामा से दुमका तक

दुर्गा सोरेन की हार ने झामुमो परिवार के लिए एक बड़ा झटका दिया, और यह राजनीति का एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ. हालांकि, इसके बाद भी सुनील सोरेन को दुमका लोकसभा सीट पर शिबू सोरेन को हराने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा. 2014 के लोकसभा चुनाव में भी सुनील हार गए, लेकिन भाजपा का चक्रव्यूह तब पूरी तरह काम कर गया जब 2019 के लोकसभा चुनाव में सुनील सोरेन ने शिबू सोरेन को हरा दिया और दुमका से सांसद बने.

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जामा में फिर से भाजपा का चक्रव्यूह

अब, जब झारखंड में फिर से विधानसभा चुनाव का माहौल बन रहा है, राजनीतिक जानकार यह अनुमान लगाने लगे हैं कि भाजपा जामा विधानसभा सीट पर फिर से वही चक्रव्यूह रचने जा रही है. इस बार भी हालात कुछ वैसे ही हैं, जैसे पहले थे. फर्क बस इतना है कि दुर्गा सोरेन की जगह अब उनकी पत्नी सीता सोरेन ने ले ली है, जो जामा विधानसभा से 2009 से लगातार जीतती आ रही हैं. सीता सोरेन, जो अब अपने देवरों हेमंत सोरेन, बसंत सोरेन और कल्पना सोरेन के खिलाफ राजनीतिक मैदान में हैं, भाजपा के लिए एक महत्वपूर्ण चेहरा बन सकती हैं. हालांकि, इस पर अभी सस्पेंस बना हुआ है कि क्या भाजपा उन्हें जामा से उतारेगी या कहीं और.

भाजपा की नई रणनीति

भाजपा की रणनीति स्पष्ट है: झामुमो के गढ़ में सेंध लगाना और शिबू सोरेन परिवार की पकड़ को कमजोर करना. 2019 के लोकसभा चुनाव में सुनील सोरेन की जीत ने भाजपा को इस रणनीति में सफलता दिलाई थी, और अब विधानसभा चुनाव में भाजपा इस जीत को दोहराने के लिए पूरी तरह तैयार है.

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