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Bihar Election 2025: पटना के 14 विधानसभा सीटों पर खिलेगा कमल या जलेगा लालटेन? मोकामा में हारेंगे अनंत ! सबसे सटीक खबर जान लीजिए...

Bihar Election 2025: पटना में 14 विधानसभा सीटें हैं। इन सीटों पर पहले चरण में 6 नवंबर को मतदान हुआ। 14 विधानसभा सीटों में मोकामा, बाढ़, बख्तियारपुर, दीघा, बांकीपुर, कुम्हरार, पटना साहिब, फतुहा, दानापुर, मनेर, फुलवारी, मसौढ़ी, पालीगंज और बिक्रम....

पटना के 14 विधानसभा सीट
पटना के 14 विधानसभा सीट पर कौन मारेगा बाजी?- फोटो : News4nation

Bihar Election 2025:  बिहार विधानसभा के दोनों चरणों के मतदान की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इस बार चुनाव में रिकॉर्ड 66.91 फीसदी मतदान हुआ है। दोनों चरणों के मतदान के बाद अब सबकी निगाहें 14 नवंबर पर टिकी है। 14 नवंबर को फैसला होगा की किसके सिर ताज सजेगा। बिहार के 243 सीटों पर मतदान खत्म होते ही एग्जिट पोल सामने आने लगे हैं। कई एजेंसियों के एग्जिट पोल में एनडीए को बढ़त मिलती दिख रही है। एनडीए को 147 से 167 सीट तो महागठबंधन को 70 से 90 सीट मिलती दिख रही है।  वहीं जनसूराज को 0-2 तो अन्य को 2-5 सीटें मिलती दिख रही है। राज्य के 46 मतगणना केंद्र पर सुबह 8 बजे से 14 नवंबर को वोटों की गिनती शुरु होगी। हम बात करते हैं राजधानी पटना की। 

पटना के 14 विधानसभा सीटों का हाल क्या है? 

पटना में 14 विधानसभा सीटें हैं। इन सीटों पर पहले चरण में 6 नवंबर को मतदान हुआ। 14 विधानसभा सीटों में मोकामा, बाढ़, बख्तियारपुर, दीघा, बांकीपुर, कुम्हरार, पटना साहिब, फतुहा, दानापुर, मनेर, फुलवारी, मसौढ़ी, पालीगंज और बिक्रम शामिल है। इन विधानसभा सीटों पर एनडीए और महागठबंधन में सीधी टक्कर है। इन विधानसभा सीटों पर मुकाबला रोचक माना जा रहा है। कई सीटों पर कांटे की टक्कर देखने को मिल रही है। वर्ष 2020 के विधानसभा चुनाव में एनडीए के मुकाबले महागठबंधन अधिक सीट जीतने में सफल रहा। वहीं 2020 के मुकाबले 2025 चुनाव में एग्जिट पोल अलग संदेश दे रहा है।

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14 विधानसभा सीटों पर कौन आगे कौन पीछे 

हमने इन 14 विधानसभा सीटों को लेकर News4nation ने 4 वरिष्ठ पत्रकारों की राय ली। उनके अनुसार इस बार एनडीए को बढ़त मिलती दिख रही है। वरिष्ठ पत्रकारों के अनुसार एनडीए के हिस्से 7 से 9 सीटें आ रही है तो वहीं महागठबंधन के हिस्से में 4 से 7 सीटें आ रही है। एक दो सीटों पर कांटे की टक्कर बताई जा रही है। हालांकि वरिष्ठ पत्रकारों की मानें तो अंत अंत तक ये सीटें एनडीए की पाले में जा सकती है। कुल मिलाकर अगर राजनीतिक जानकारों के आंकड़ों को देखने तो इस बार पटना में महागठबंधन को झटका लग सकता है और एनडीए को बढ़त मिल सकती है। अब बात करते हैं सभी 14 विधानसभा सीटों की।  

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मोकामा में जबरदस्त लड़ाई

पहले बात करते हैं मोकामा, बाढ़ और बख्तियारपुर का। मोकामा में इस बार मुकाबला दो बाहुबलियों के बीच है एक ओर अनंत सिंह हैं तो दूसरी ओर सूरजभान सिंह की पत्नी वीणा देवी चुनावी मैदान में हैं। दोनों नेता ही भूमिहार समाज से आते हैं वहीं मोकामा विधानसभा क्षेत्र में भूमिहार वोटर निर्णयक भूमिका निभाते हैं ऐसे में कांटे की टक्कर मानी जा रही है। वहीं जनसुराज की टिकट से खड़े पीयुष प्रियदर्शी भी मैदान में हैं। जब हमने वरिष्ठ पत्रकारों की राय ली तो 3 पत्रकारों ने एनडीए यानी अनंत सिंह को बढ़त मिलने की बात कही तो वहीं 1 पत्रकार का कहना था सूरजभान की पत्नी वीणा देवी बाजी पलट सकती हैं। जब हमने वजह जानने की कोशिश की तो वरिष्ठ पत्रकार का कहना था कि, चूंकि दोनों ही बाहुबली नेता हैं और एक ही जाति से आते हैं तो दोनों के बीच कांटे की टक्कर मानी जा रही है लेकिन धानुक जाति से आने वाले पीयूष प्रियदर्शी कहीं ना कहीं यह समीकरण बिगाड़ सकते हैं। अगर पीयुष धानुक जाति के वोटों को अपने पक्ष में करने में सफल हो जाते हैं तो मोकामा में अनंत सिंह का जीतना मुश्किल हो सकता है। वहीं अन्य 3 पत्रकारों का कहना है कि अनंत सिंह आसानी से मोकामा की सीट से लीड ले सकते हैं। मोकामा में अनंत सिंह लोकप्रियता अधिक है अनंत सिंह छोटे सरकार के नाम से जाने जाते हैं ऐसे में उनके समर्थकों की संख्या भी अधिक हैं। राजनीतिक जानकारों के अनुसार सबसे बड़ी वजह मोकामा में चुनाव से थोड़ी ही दिन पहली हुई हिंसक झड़प भी अनंत सिंह को बढ़त दिलाने में मदद कर सकती है। चूकि इस झड़प में दुलारचंद यादव की मौत हो गई और इस आरोप में जदयू प्रत्याशी अनंत सिंह जेल चले गए ऐसे में वहां जातीय गोलबंध देखने को मिल सकता है और जातीय गोलबंध के कारण अनंत सिंह आसानी से इस सीट पर जीत सकते हैं हालांकि अब जीत का ताज किसके सिर पर सजता है ये तो 14 नवंबर को क्लियर होगा। 

बाढ़-बख्तियापुर में कौन जीतेगा?

वहीं बाढ विधानसभा सीट को लेकर चारों पत्रकारों की राय एक जैसी रही। उनके अनुसार बाढ़ से बीजेपी प्रत्याशी यानी एनडीए की जीत हो सकती है। बाढ़ विधानसभा सीट से राजद के कर्मवीर सिंह उर्फ लल्लू मुखिया तो बीजेपी के सियाराम सिंह मैदान में हैं। बख्तियारपुर की बात करें तो बख्तियारपुर में सीधी लड़ाई राजद के अनिरुद्ध कुमार और लोजरा(रा) के अरुण कुमार के बीच है। हमारे 4 पत्रकारों में 3 की राय एक सी रही तो वहीं 1 ने इस सीट पर एनडीए को बढ़त दी। वरिष्ठ पत्रकारों की मानें तो बख्तियारपुर से राजद को बढ़त मिल सकती है। वहीं एनडीए को नुकसान हो सकता है। चूंकि बख्तियारपुर सीएम नीतीश का विधानसभा सीट है ऐसे में यहां से एनडीए का पिछड़ना कई सवाल खड़े कर रहे हैं जब हमने एनडीए के पिछड़ने की कारण को जानना चाहा तो राजनीतिक जानकारों ने बताया कि बख्यितयारपुर राजद बहुल इलाका है जिसका फायदा महागठबंधन को मिल सकता है। वहीं एनडीए की ओर से यह सीट लोजपा(रा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान के पाले में गई है जिसका हर्जाना भुगतना पड़ सकता है। राजनीतिक जानकारों की मानें तो अगर यहां जदयू उम्मीदवार होते तो आसानी से यह सीट एनडीए के खाते में जा सकती थी। 

दीघा-बांकीपुर और कुम्हरार में किसकी लहर ?

अब बात करते हैं दीघा-बांकीपुर और कुम्हरार की। इन तीन विधानसभा सीटों में से 2 विधानसभा सीट पर चारों वरिष्ठ पत्रकारों की राय एक है। वरिष्ठ पत्रकारों के अनुसार दीघा और बांकीपुर में एनडीए को आसानी से जीत मिल सकती है। वहीं कुम्हरार को लेकर 3 पत्रकारों के मत एक थे तीनों ने एनडीए की जीत की बात कही तो वहीं एक पत्रकार ने इस सीट को महागठबंधन के पाले में रखा। दीघा से भाजपा प्रत्याशी संजीव चौरसिया, भाकपा माले से दिव्या गौतम और जनसुराज से रीतेश रंजन सिंह मैदान में हैं। बांकीपुर से भाजपा के नितिन नवीन और राजद की रेखा देवी में सीधी टक्कर है। कुम्हरार से भाजपा के संजय कुमार, कांग्रेस के इंद्रदीप चंद्रवंशी और जनसुराज के प्रो. केसी सिन्हा मैदान में हैं।

पटना साहिब-फतुहा और दानापुर में कांटे की टक्कर

अब बात करते हैं पटना साहिब, फतुहा और दानापुर की। पटना साहिब, फतुहा और दानापुर विधानसभा सीट को लेकर चारों पत्रकारों का मत एक ही है। इनके अनुसार इन दोनों सीटों पर भाजपा और राजद के बीच कांटे की टक्कर तो हैं लेकिन अंत अंत में दोनों सीट एनडीए के पक्ष में जा सकती है। पटना साहिब से भाजपा के रत्नेश कुमार और कांग्रेस के शशांत शेखर मैदान में हैं तो वहीं दानापुर में भाजपा के रामकृपाल यादव और राजद के रीतलाल यादव मैदान में हैं। ये दोनों विधानसभा सीट एनडीए के हिस्से आ सकती है। वहीं फतुआ को लेकर भी चारों पत्रकारों का मत एक सामान हैं। इनके अनुसार फतुहा सीट राजद के हिस्से में जा सकती है। फतुहा से राजद के रामानंद यादव और लोजपा(रा) की रुपा कुमारी मैदान में हैं। 

मनेर, फुलवारी और मसौढ़ी में कौन मारेगा बाजी?

अब बात करते हैं मनेर, फुलवारी और मसौढ़ी की। मनेर विधानसभा सीट को लेकर चारों पत्रकारों का मत एक है। उनके अनुसार मनेर की सीट महागठबंधन के हिस्से में जाएगी। यहां से राजद के भाई वीरेंद्र और लोजपा(रा) के जीतेंद्र कुमार में सीधी टक्कर है। हालांकि वरिष्ठ पत्रकारों के अनुसार भाई वीरेंद्र को इस सीट से बढ़त मिल सकती है। फुलवारी को लेकर भी चारों पत्रकारों की राय एक ही है, उनके अनुसार यह सीट एनडीए के हिस्से जा सकती है। फुलवारी से जदयू के श्याम रजक और भाकपा माले के गोपाल रविदास मैदान में हैं। मसौढ़ी की बात करें तो मसौढ़ी को लेकर 3 पत्रकारों के मत एक हैं वहीं एक पत्रकार का मत अलग है। तीन पत्रकारों के अनुसार से एनडीए की बढ़त मिल सकती है तो वहीं एक पत्रकार की राय है कि मसौढ़ी से महागठबंधन को बढ़त मिलेगी। मसौढ़ी से राजद की रेखा देवी तो वहीं जदयू के अरुण मांझी मैदान में हैं।  

पालीगंज -बिक्रम में किसकी लहर? 

अंत में हम पालीगंज और बिक्रम की बात करेंगे। पालीगंज को लेकर चारों पत्रकारों की राय एक जैसी है। सभी के अनुसार ये सीट महागठबंधन के हिस्से जा सकती है। लेफ्ट को बढ़त मिल सकती है। पालीगंज से लोजपा(रा) सुनील कुमार और भाकपा माले के संदीभ सौरभ के बीच सीधी लड़ाई है। जिसमें पत्रकारों की राय है कि संदीभ सौरभ को बढ़त मिल सकती है। यानी पालीगंज सीट महागठबंधन के पाले में जा सकती है। वहीं बिक्रम को लेकर भी 3 पत्रकारों का मत एक समान है तो वहीं अन्य पत्रकार का मानना है कि यहां कांटे की लड़ाई है कुछ कहा नहीं जा सकता है। बिक्रम को लेकर 3 वरिष्ठ पत्रकारों का कहना है कि कांग्रेस को बढ़त मिल सकती है। वहीं अन्य वरिष्ठ पत्रकार की मानें तो यहां कांटे की टक्कर है। बिक्रम से भाजपा के सिद्धार्थ सौरभ और कांग्रेस के अनिल कुमार के बीच लड़ाई है। यानी सभी पत्रकारों के आंकड़ों को देखे तो तीन वरिष्ठ पत्रकारों ने 14 विधानसभा सीटों में से 9 विधानसभा सीट पर एनडीए को बढ़त दी है तो वहीं 4 या 5 सीटों पर महागठबंधन को बढ़त दी है। वहीं अन्य वरिष्ठ पत्रकार के अनुसार दोनों दल का 7-7 विधानसभा सीट पर कब्जा हो सकता हैं। हालांकि यह आंकड़ा केवल एग्जिट पोल के सामान्य है तो इसे पूर्णत सत्य नहीं मान सकते। 14 विधानसभा सीट सहित 243 विधानसभा सीटों का रिजल्ट 14 नवंबर को सामने आएगा।